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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 7 अप्रैल 2027

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 04:29 गुरु तक

फिर द्वितीया · 03:10 शुक्र तक

त्योहार

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना

घटस्थापना मुहूर्त
06:18⁠–⁠08:47
प्रातःकाल 06:18⁠–⁠08:47

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना बुध 7 अप्रैल को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। बुध 7 अप्रैल क्यों?

चैत्र नवरात्रि: Pāthardi में हर तारीख़

त्योहार

नव संवत्सर

नव संवत्सर बुध 7 अप्रैल को है: उस दिन विक्रम संवत् 2084 आरंभ होता है। बुध 7 अप्रैल क्यों?

नव संवत्सर: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:46 06:18 18:44अगला सूर्योदय 06:17 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:18–07:51लाभशुभ
  • 07:51–09:25अमृतयमगण्ड में
  • 09:25–10:58कालअशुभ
  • 10:58–12:31शुभगुलिक काल में
  • 12:31–14:04रोगअशुभ
  • 14:04–15:38उद्वेगअशुभ
  • 15:38–17:11चरसामान्य
  • 17:11–18:44लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:44–20:11उद्वेगअशुभ
  • 20:11–21:37शुभ
  • 21:37–23:04अमृतशुभ
  • 23:04–00:31 गुरुचरसामान्य
  • 00:31–01:57 गुरुरोगअशुभ
  • 01:57–03:24 गुरुकालअशुभ
  • 03:24–04:51 गुरुलाभशुभ
  • 04:51–06:17 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 7 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:32, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:18–07:51
  • अमृत, शुभ, 07:51–09:25
  • काल, अशुभ, 09:25–10:58
  • शुभ, 10:58–12:31
  • रोग, अशुभ, 12:31–14:04
  • उद्वेग, अशुभ, 14:04–15:38
  • चर, सामान्य, 15:38–17:11
  • लाभ, शुभ, 17:11–18:44
  • उद्वेग, अशुभ, 18:44–20:11
  • शुभ, 20:11–21:37
  • अमृत, शुभ, 21:37–23:04
  • चर, सामान्य, 23:04–00:31 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:31–01:57 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:57–03:24 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:24–04:51 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:51–06:17 गुरु
  • यमगण्ड, 07:51–09:25, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:58–12:31, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:06–12:56, अशुभ
  • राहु काल, 12:31–14:04, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:45–05:31 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में चैत्र नवरात्रि बुध 7 अप्रैल को क्यों है?

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना बुध 7 अप्रैल को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।

अमावस्या प्रतिपदा 06:18 05:21 04:00 08:00 10:00 बुध 7 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:18–08:47
प्रतिपदा 06:18 05:21 04:00 08:00 10:00 बुध 7 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:18–08:47 अमावस्या 05:21 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा बुध 7 अप्रैल को 05:21 से गुरु 8 अप्रैल को 04:29 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रातःकाल (06:18–08:47) उसके भीतर है। चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

चैत्र नवरात्रि: Pāthardi में हर तारीख़

Pāthardi में नव संवत्सर बुध 7 अप्रैल को क्यों है?

नव संवत्सर बुध 7 अप्रैल को है: उस दिन विक्रम संवत् 2084 आरंभ होता है।

चतुर्दशी अमावस्या 05:40 05:00 07:00 08:00 मंगल 6 अप्रैल सूर्योदय 06:19
चतुर्दशी अमावस्या 05:40 05:00 07:00 08:00 मंगल 6 अप्रैल सूर्योदय 06:19
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

विक्रम संवत् 2084 उस दिन आरंभ होता है जिस दिन सूर्योदय पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हो: बुध 7 अप्रैल, 06:18 पर। प्रतिपदा 04:29 गुरु तक है।

नव संवत्सर: Pāthardi में हर तारीख़

बुध 7 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 0.5° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 0.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 0.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:18। अमावस्या उससे पहले 05:21 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 04:29 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 7 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

बुध 7 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:46–05:32

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:46–05:32।

सूर्यास्त 18:44 मंगल सूर्योदय 06:18 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 6 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:44 मंगल सूर्योदय 06:18 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 6 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 6 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:44 मंगल से सूर्योदय 06:18 तक थी, 11 घं 34 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 7 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 12:06–12:56

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:06–12:56।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:18 से 18:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:06–12:56: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 7 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:18–07:51 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:18 से 18:44, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:44 से 06:17 गुरु, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 7 अप्रैल को राहुकाल कब है? 12:31–14:04

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:31–14:04।

बुध 7 अप्रैल को यमगंड कब है? 07:51–09:25

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:51–09:25।

बुध 7 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 10:58–12:31

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:58–12:31।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:18 से 18:44 तक है, 12 घं 26 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 7 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:18

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:44, 12 घं 26 मि का दिन।

बुध 7 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:44, 12 घं 26 मि का दिन।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:10
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:10
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 7 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 353.2° पर था: रेवती, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 353.2° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 353.2° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 350° पर उसके पद 2 में आया। वह 18:25 को निकलेगा, अश्विनी में।

बुध 7 अप्रैल को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 706° थे, एक चक्कर और 346°: इन्द्र।

सूर्य 352.8° + चंद्रमा 353.2° = 706.0° एक चक्कर + 346.0° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 352.8° + चंद्रमा 353.2° = 706.0° एक चक्कर + 346.0° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 352.8° + 353.2° = 706°, एक पूरा चक्कर और 346°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 07:26 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

बुध 7 अप्रैल को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न

सूर्योदय पर बढ़त 0.5° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।

सूर्य अमावस्या 0° 0.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 0.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 16:58 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 04:29 गुरु तक।

बुध 7 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:18, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:18 से 06:17 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 7 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 7 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 6 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

बुध 7 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र चैत्र कृष्ण शुक्ल बुध 7 अप्रैल पूर्णिमा 22 मार्च अमावस्या 7 अप्रैल पूर्णिमा 21 अप्रैल अमावस्या 6 मई
अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र चैत्र कृष्ण शुक्ल बुध 7 अप्रैल पूर्णिमा 22 मार्च अमावस्या 7 अप्रैल पूर्णिमा 21 अप्रैल अमावस्या 6 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

बुध 7 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949

विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 05:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 7 अप्रैल सूर्य 352.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 05:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 7 अप्रैल सूर्य 352.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 05:21। तब से सूर्य तारों के बीच 0.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 7 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:10

चंद्रमा यहाँ 19:10 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:10
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:10
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 19:10 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।