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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग शनि 12 अगस्त 2023

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 06:32 तक

फिर द्वादशी · 08:20 रवि तक

एकादशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

व्रत

परमा एकादशी

पारण समय
06:09⁠–⁠08:20 रवि
रवि 13 अगस्त
व्रत आरंभ
06:09

परमा एकादशी शनि 12 अगस्त को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है। शनि 12 अगस्त क्यों?

परमा एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:39 06:09 18:59अगला सूर्योदय 06:09 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:09–07:45कालअशुभ
  • 07:45–09:21शुभ
  • 09:21–10:57रोगअशुभ
  • 10:57–12:34उद्वेगअशुभ
  • 12:34–14:10चरसामान्य
  • 14:10–15:46लाभयमगण्ड में
  • 15:46–17:23अमृतशुभ
  • 17:23–18:59कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:59–20:23लाभशुभ
  • 20:23–21:46उद्वेगअशुभ
  • 21:46–23:10शुभ
  • 23:10–00:34 रविअमृतशुभ
  • 00:34–01:58 रविचरसामान्य
  • 01:58–03:21 रविरोगअशुभ
  • 03:21–04:45 रविकालअशुभ
  • 04:45–06:09 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 12 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:24, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:09–07:45
  • शुभ, 07:45–09:21
  • रोग, अशुभ, 09:21–10:57
  • उद्वेग, अशुभ, 10:57–12:34
  • चर, सामान्य, 12:34–14:10
  • लाभ, शुभ, 14:10–15:46
  • अमृत, शुभ, 15:46–17:23
  • काल, अशुभ, 17:23–18:59
  • लाभ, शुभ, 18:59–20:23
  • उद्वेग, अशुभ, 20:23–21:46
  • शुभ, 21:46–23:10
  • अमृत, शुभ, 23:10–00:34 रवि
  • चर, सामान्य, 00:34–01:58 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:58–03:21 रवि
  • काल, अशुभ, 03:21–04:45 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:45–06:09 रवि
  • गुलिक काल, 06:09–07:45, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:09–07:00, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:00–07:51, अशुभ
  • राहु काल, 09:21–10:57, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:08–12:59, शुभ
  • यमगण्ड, 14:10–15:46, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:40–05:24 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में परमा एकादशी शनि 12 अगस्त को क्यों है?

परमा एकादशी शनि 12 अगस्त को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।

दशमी एकादशी 06:08 05:06 03:00 07:00 09:00 शुक्र 11 अगस्त अरुणोदय 04:32–06:08
दशमी एकादशी 06:08 05:06 03:00 07:00 09:00 शुक्र 11 अगस्त अरुणोदय 04:32–06:08
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, शुक्र 11 अगस्त को 06:08 और शनि 12 अगस्त को 06:09। एकादशी (शुक्र 11 अगस्त 05:06 से शनि 12 अगस्त 06:32 तक) और द्वादशी (शनि 12 अगस्त 06:32 से रवि 13 अगस्त 08:20 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: शनि 12 अगस्त। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: शुक्र 11 अगस्त को दशमी 05:06 तक है, उसके भीतर (04:32–06:08); शनि 12 अगस्त को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

परमा एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़

शनि 12 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 311.8° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 311.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 311.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:09। दशमी उससे पहले 05:06 शुक्र पर समाप्त हुई। एकादशी 06:32 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 2 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

एकादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

एकादशी यहाँ शुक्र 11 और शनि 12 अगस्त दोनों के सूर्योदय पर है।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी शुक्र 11 अगस्त सुबह शनि 12 अगस्त सुबह Pāthardi IST 05:06 06:32 06:08 एकादशी 06:09 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी शुक्र 11 अगस्त सुबह शनि 12 अगस्त सुबह Pāthardi IST 05:06 06:32 06:08 एकादशी 06:09 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 05:06 शुक्र को, सूर्योदय 06:08 शुक्र से पहले, शुरू हुई और 06:32 को, अगले सूर्योदय 06:09 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन एकादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

शनि 12 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:39–05:24

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:39–05:24।

सूर्यास्त 18:59 शुक्र सूर्योदय 06:09 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 11 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:59 शुक्र सूर्योदय 06:09 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 11 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 11 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:59 शुक्र से सूर्योदय 06:09 तक थी, 11 घं 10 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 12 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:08–12:59

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:08–12:59।

शनि 12 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 06:09–07:00

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:09–07:00 और 07:00–07:51।

शनि 12 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 07:00–07:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:09–07:00 और 07:00–07:51।

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:09 से 18:59, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:09–07:00 और 07:00–07:51।

शनि 12 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:09–07:45 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:09 से 18:59, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:59 से 06:09 रवि, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 12 अगस्त को राहुकाल कब है? 09:21–10:57

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:21–10:57।

शनि 12 अगस्त को यमगंड कब है? 14:10–15:46

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:10–15:46।

शनि 12 अगस्त को गुलिक काल कब है? 06:09–07:45

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:09–07:45।

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:09 से 18:59 तक है, 12 घं 50 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 12 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:09

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:59, 12 घं 50 मि का दिन।

शनि 12 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:59

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:59, 12 घं 50 मि का दिन।

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:16 चंद्रोदय 03:15 रवि
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:16 चंद्रोदय 03:15 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 12 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 66.7° पर था: आर्द्रा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 66.7° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 66.7° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 66°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 08:26 रवि को निकलेगा, पुनर्वसु में।

शनि 12 अगस्त को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 181.6° थे: हर्षण।

सूर्य 114.9° + चंद्रमा 66.7° = 181.6° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 114.9° + चंद्रमा 66.7° = 181.6° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 114.9° + 66.7° = 181.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 15:22 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

शनि 12 अगस्त को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 311.8° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 311.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 311.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 17:46 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 06:32 तक है।

शनि 12 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:09, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:09 से 06:09 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 12 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)

18 जुलाई और 16 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 18 जुलाई 00:01 मंगल से 16 अगस्त 15:08 बुध तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 17 अगस्त 13:32 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।

शनि 12 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण (अधिक) श्रावण (अधिक) कृष्ण शुक्ल शनि 12 अगस्त अमावस्या 18 जुल॰ पूर्णिमा 2 अग॰ अमावस्या 16 अग॰ पूर्णिमा 31 अग॰
अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण (अधिक) श्रावण (अधिक) कृष्ण शुक्ल शनि 12 अगस्त अमावस्या 18 जुल॰ पूर्णिमा 2 अग॰ अमावस्या 16 अग॰ पूर्णिमा 31 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण (अधिक) है, और अमान्त गणना में श्रावण (अधिक)।

शनि 12 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945

विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 22:53 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 12 अगस्त सूर्य 114.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 22:53 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 12 अगस्त सूर्य 114.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 22:53 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 138.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 12 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:15 रवि

चंद्रमा यहाँ 03:15 रवि पर उदय होता है।

शनि 12 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:16

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:16 चंद्रोदय 03:15 रवि
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:16 चंद्रोदय 03:15 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:16 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:15 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:16 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:15 रवि पर उदय होगा।