Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग गुरु 23 सितंबर 2021
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
कृष्ण पक्ष · 06:54 तक
फिर तृतीया · 08:30 शुक्र तक
द्वितीया यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें23 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 23 सितंबर
- 04:43–05:30ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:18 से
- 06:18–07:49शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:57–12:45अभिजीत मुहूर्त
- 12:21–13:52लाभ चौघड़िया
- 13:52–15:23अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:53–18:24शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:24 के बाद
- 18:24–19:53अमृत चौघड़िया
- 00:21–01:50 शुक्रलाभ चौघड़िया
-
01:02–02:47 शुक्रअमृत कालअश्विनी में
- 03:19–04:49 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:49–06:18 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:43–05:30 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:18–07:49शुभयमगण्ड में
- 07:49–09:19रोगअशुभ
- 09:19–10:50उद्वेगअशुभ
- 10:50–12:21चरसामान्य
- 12:21–13:52लाभशुभ
- 13:52–15:23अमृतराहु काल में
- 15:23–16:53कालअशुभ
- 16:53–18:24शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:24–19:53अमृतशुभ
- 19:53–21:23चरसामान्य
- 21:23–22:52रोगअशुभ
- 22:52–00:21 शुक्रकालअशुभ
- 00:21–01:50 शुक्रलाभशुभ
- 01:50–03:19 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:19–04:49 शुक्रशुभ
- 04:49–06:18 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 23 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:30, शुभ
- शुभ, 06:18–07:49
- रोग, अशुभ, 07:49–09:19
- उद्वेग, अशुभ, 09:19–10:50
- चर, सामान्य, 10:50–12:21
- लाभ, शुभ, 12:21–13:52
- अमृत, शुभ, 13:52–15:23
- काल, अशुभ, 15:23–16:53
- शुभ, 16:53–18:24
- अमृत, शुभ, 18:24–19:53
- चर, सामान्य, 19:53–21:23
- रोग, अशुभ, 21:23–22:52
- काल, अशुभ, 22:52–00:21 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:21–01:50 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:50–03:19 शुक्र
- शुभ, 03:19–04:49 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:49–06:18 शुक्र
- यमगण्ड, 06:18–07:49, अशुभ
- गुलिक काल, 09:19–10:50, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:20–11:08, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:57–12:45, शुभ
- राहु काल, 13:52–15:23, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:10–15:59, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:30 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 23 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 203.7° आगे था: कृष्ण द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:18। प्रतिपदा उससे पहले 05:52 बुध पर समाप्त हुई। द्वितीया 06:54 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 21 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
द्वितीया दो सूर्योदयों पर क्यों है?
द्वितीया यहाँ बुध 22 और गुरु 23 सितंबर दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वितीया 05:52 बुध को, सूर्योदय 06:18 बुध से पहले, शुरू हुई और 06:54 को, अगले सूर्योदय 06:18 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन द्वितीया है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
गुरु 23 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:43–05:30
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:43–05:30।
बुध 22 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:25 बुध से सूर्योदय 06:18 तक थी, 11 घं 53 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 23 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:57–12:45
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:57–12:45।
गुरु 23 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:20–11:08
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:20–11:08 और 15:10–15:59।
गुरु 23 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:10–15:59
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:20–11:08 और 15:10–15:59।
यहाँ दिन, 06:18 से 18:24, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:20–11:08 और 15:10–15:59।
गुरु 23 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:18–07:49 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:18 से 18:24, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:24 से 06:18 शुक्र, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 23 सितंबर को राहुकाल कब है? 13:52–15:23
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:52–15:23।
गुरु 23 सितंबर को यमगंड कब है? 06:18–07:49
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:18–07:49।
गुरु 23 सितंबर को गुलिक काल कब है? 09:19–10:50
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:19–10:50।
यहाँ दिन 06:18 से 18:24 तक है, 12 घं 6 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 23 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:24, 12 घं 6 मि का दिन।
गुरु 23 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:24
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:24, 12 घं 6 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 23 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 359.8° पर था: रेवती, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 356°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 06:43 को निकलेगा, अश्विनी में।
गुरु 23 सितंबर को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 515.9° थे, एक चक्कर और 155.9°: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 156.1° + 359.8° = 515.9°, एक पूरा चक्कर और 155.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 13:47 को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
गुरु 23 सितंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 203.7° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 18:19 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 198° हुई; गर 06:54 तक है।
गुरु 23 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:18, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:18 से 06:18 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 23 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 7 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 6 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
गुरु 23 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
गुरु 23 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2078 · शक 1943
विक्रम संवत 2078 12 अप्रैल 2021 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 12 अप्रैल 2021, 08:00 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 157.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2078 गिनता है; शक संवत 1943।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 23 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:05
चंद्रमा यहाँ 20:05 पर उदय होता है।
गुरु 23 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:06
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:06 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:05 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:06 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:05 पर उदय होगा।