Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 23 सितंबर 2020
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
23 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 23 सितंबर
- 04:43–05:30ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:18 से
- 06:18–07:49लाभ चौघड़िया
- 07:49–09:19अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
09:56–10:50अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · ज्येष्ठा में
- 10:50–12:21शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:53–18:24लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:24 के बाद
- 19:53–21:22शुभ चौघड़िया
- 21:22–22:52अमृत चौघड़िया
- 03:19–04:49 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:43–05:30 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:18–07:49लाभशुभ
- 07:49–09:19अमृतयमगण्ड में
- 09:19–10:50कालअशुभ
- 10:50–12:21शुभगुलिक काल में
- 12:21–13:52रोगअशुभ
- 13:52–15:22उद्वेगअशुभ
- 15:22–16:53चरसामान्य
- 16:53–18:24लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:24–19:53उद्वेगअशुभ
- 19:53–21:22शुभ
- 21:22–22:52अमृतशुभ
- 22:52–00:21 गुरुचरसामान्य
- 00:21–01:50 गुरुरोगअशुभ
- 01:50–03:19 गुरुकालअशुभ
- 03:19–04:49 गुरुलाभशुभ
- 04:49–06:18 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 23 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:30, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:18–07:49
- अमृत, शुभ, 07:49–09:19
- काल, अशुभ, 09:19–10:50
- शुभ, 10:50–12:21
- रोग, अशुभ, 12:21–13:52
- उद्वेग, अशुभ, 13:52–15:22
- चर, सामान्य, 15:22–16:53
- लाभ, शुभ, 16:53–18:24
- उद्वेग, अशुभ, 18:24–19:53
- शुभ, 19:53–21:22
- अमृत, शुभ, 21:22–22:52
- चर, सामान्य, 22:52–00:21 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:21–01:50 गुरु
- काल, अशुभ, 01:50–03:19 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:19–04:49 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:49–06:18 गुरु
- यमगण्ड, 07:49–09:19, अशुभ
- गुलिक काल, 10:50–12:21, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:57–12:45, अशुभ
- राहु काल, 12:21–13:52, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:30 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 23 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 76.7° आगे था: शुक्ल सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 72°–84° सातवीं है, शुक्ल सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:18। षष्ठी उससे पहले 21:31 मंगल पर समाप्त हुई। सप्तमी 19:57 को समाप्त होगी, जब बढ़त 84° होगी। बढ़त 17 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 23 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:43–05:30
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:43–05:30।
मंगल 22 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:25 मंगल से सूर्योदय 06:18 तक थी, 11 घं 53 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 23 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:57–12:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:57–12:45।
यहाँ दिन, 06:18 से 18:24, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:57–12:45: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 23 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:18–07:49 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:18 से 18:24, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:24 से 06:18 गुरु, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 23 सितंबर को राहुकाल कब है? 12:21–13:52
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:21–13:52।
बुध 23 सितंबर को यमगंड कब है? 07:49–09:19
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:49–09:19।
बुध 23 सितंबर को गुलिक काल कब है? 10:50–12:21
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:50–12:21।
यहाँ दिन 06:18 से 18:24 तक है, 12 घं 6 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 23 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:24, 12 घं 6 मि का दिन।
बुध 23 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:24
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:24, 12 घं 6 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 23 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 233.1° पर था: ज्येष्ठा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 230° पर उसके पद 2 में आया। वह 18:25 को निकलेगा, मूल में।
बुध 23 सितंबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 389.4° थे, एक चक्कर और 29.4°: आयुष्मान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 156.3° + 233.1° = 389.4°, एक पूरा चक्कर और 29.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 23:39 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।
बुध 23 सितंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 76.7° थी: सप्तमी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 08:39 तक है, जब बढ़त 78° होगी; वणिज 19:57 तक।
बुध 23 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:18, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:18 से 06:18 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 23 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन (अधिक)
17 सितंबर और 17 अक्टूबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आश्विन।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 सितंबर 16:30 गुरु से 17 अक्टूबर 01:01 शनि तक सूर्य कन्या में रहा; तुला में वह अमावस्या के बाद 17 अक्टूबर 07:05 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आश्विन है, जो आश्विन से पहले आता है।
बुध 23 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन (अधिक) है।
बुध 23 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942
विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 14:58 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 176.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 23 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:12
चंद्रमा यहाँ 12:12 पर उदय होता है।
बुध 23 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:28
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:12 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:28 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:12 पर उदय हुआ; वह फिर 23:28 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।