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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग गुरु 20 जून 2019

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 17:08 तक

फिर चतुर्थी · 19:08 शुक्र तक

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
21:45

संकष्टी चतुर्थी गुरु 20 जून को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। गुरु 20 जून क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:26 05:52 19:09अगला सूर्योदय 05:52 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:52–07:31शुभयमगण्ड में
  • 07:31–09:11रोगअशुभ
  • 09:11–10:51उद्वेगअशुभ
  • 10:51–12:30चरसामान्य
  • 12:30–14:10लाभशुभ
  • 14:10–15:50अमृतराहु काल में
  • 15:50–17:29कालअशुभ
  • 17:29–19:09शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:09–20:29अमृतशुभ
  • 20:29–21:50चरसामान्य
  • 21:50–23:10रोगअशुभ
  • 23:10–00:30 शुक्रकालअशुभ
  • 00:30–01:51 शुक्रलाभशुभ
  • 01:51–03:11 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:11–04:31 शुक्रशुभ
  • 04:31–05:52 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 20 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:09, शुभ
  • शुभ, 05:52–07:31
  • रोग, अशुभ, 07:31–09:11
  • उद्वेग, अशुभ, 09:11–10:51
  • चर, सामान्य, 10:51–12:30
  • लाभ, शुभ, 12:30–14:10
  • अमृत, शुभ, 14:10–15:50
  • काल, अशुभ, 15:50–17:29
  • शुभ, 17:29–19:09
  • अमृत, शुभ, 19:09–20:29
  • चर, सामान्य, 20:29–21:50
  • रोग, अशुभ, 21:50–23:10
  • काल, अशुभ, 23:10–00:30 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:30–01:51 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:51–03:11 शुक्र
  • शुभ, 03:11–04:31 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:31–05:52 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:52–07:31, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:11–10:51, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:17–11:10, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:04–12:57, शुभ
  • राहु काल, 14:10–15:50, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:36–16:29, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:09 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में संकष्टी चतुर्थी गुरु 20 जून को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी गुरु 20 जून को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

चतुर्थी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 गुरु 20 जून स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 21:45
चतुर्थी 19:00 21:00 23:00 गुरु 20 जून स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 21:45
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी गुरु 20 जून को 17:08 से शुक्र 21 जून को 19:08 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल गुरु 20 जून को है, 21:45 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Pāthardi में हर तारीख़

गुरु 20 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 210.7° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 210.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 210.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:52। द्वितीया उससे पहले 15:34 बुध पर समाप्त हुई। तृतीया 17:08 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 17 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

गुरु 20 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:26–05:09

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:26–05:09।

सूर्यास्त 19:09 बुध सूर्योदय 05:52 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 19 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:09 बुध सूर्योदय 05:52 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 19 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 19 जून की रात सूर्यास्त 19:09 बुध से सूर्योदय 05:52 तक थी, 10 घं 43 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 20 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:04–12:57

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:04–12:57।

गुरु 20 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 10:17–11:10

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:17–11:10 और 15:36–16:29।

गुरु 20 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 15:36–16:29

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:17–11:10 और 15:36–16:29।

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 05:52 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 05:52 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:52 से 19:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:17–11:10 और 15:36–16:29।

गुरु 20 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:52–07:31 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 05:52 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 05:52 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:52 से 19:09, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:09 से 05:52 शुक्र, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 20 जून को राहुकाल कब है? 14:10–15:50

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:10–15:50।

गुरु 20 जून को यमगंड कब है? 05:52–07:31

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:52–07:31।

गुरु 20 जून को गुलिक काल कब है? 09:11–10:51

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:11–10:51।

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 05:52 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 05:52 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:52 से 19:09 तक है, 13 घं 17 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 20 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:52

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 19:09, 13 घं 17 मि का दिन।

गुरु 20 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:09

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 19:09, 13 घं 17 मि का दिन।

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 05:52 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:17 चंद्रोदय 21:45
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 05:52 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:17 चंद्रोदय 21:45
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 20 जून को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 275° पर था: उत्तराषाढा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 275.0° अगला: श्रवण पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 275.0° अगला: श्रवण पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 273°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:39 को निकलेगा, श्रवण में।

गुरु 20 जून को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 339.3° थे: इन्द्र।

सूर्य 64.3° + चंद्रमा 275.0° = 339.3° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 64.3° + चंद्रमा 275.0° = 339.3° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 64.3° + 275° = 339.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 19:16 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

गुरु 20 जून को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 210.7° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 210.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 210.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 04:17 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 17:08 तक है।

गुरु 20 जून को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:52, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 05:52 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 05:52 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:52 से 05:52 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 20 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 3 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 3 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

गुरु 20 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल गुरु 20 जून अमावस्या 3 जून पूर्णिमा 17 जून अमावस्या 3 जुल॰ पूर्णिमा 17 जुल॰
अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल गुरु 20 जून अमावस्या 3 जून पूर्णिमा 17 जून अमावस्या 3 जुल॰ पूर्णिमा 17 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।

गुरु 20 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2076 · शक 1941

विक्रम संवत 2076 5 अप्रैल 2019 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 5 अप्रैल 2019 14:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 20 जून सूर्य 64.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 5 अप्रैल 2019 14:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 20 जून सूर्य 64.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 5 अप्रैल 2019, 14:20 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 73.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2076 गिनता है; शक संवत 1941।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 20 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:45

चंद्रमा यहाँ 21:45 पर उदय होता है।

गुरु 20 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:17

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 05:52 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:17 चंद्रोदय 21:45
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 19:09 सूर्योदय 05:52 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:17 चंद्रोदय 21:45
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:17 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:45 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:17 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:45 पर उदय होगा।