tithika
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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 2 अप्रैल 2019

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 08:38 तक

फिर त्रयोदशी · 10:56 बुध तक

द्वादशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
18:43⁠–⁠21:03
प्रदोष काल 18:43⁠–⁠21:03

प्रदोष व्रत मंगल 2 अप्रैल को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 2 अप्रैल क्यों?

प्रदोष व्रत: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:49 06:22 18:43अगला सूर्योदय 06:22 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:22–07:55रोगअशुभ
  • 07:55–09:27उद्वेगअशुभ
  • 09:27–11:00चरसामान्य
  • 11:00–12:33लाभशुभ
  • 12:33–14:05अमृतगुलिक काल में
  • 14:05–15:38कालअशुभ
  • 15:38–17:10शुभराहु काल में
  • 17:10–18:43रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:43–20:10कालअशुभ
  • 20:10–21:37लाभशुभ
  • 21:37–23:05उद्वेगअशुभ
  • 23:05–00:32 बुधशुभ
  • 00:32–01:59 बुधअमृतशुभ
  • 01:59–03:27 बुधचरसामान्य
  • 03:27–04:54 बुधरोगअशुभ
  • 04:54–06:22 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 2 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:49–05:36, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:22–07:55
  • उद्वेग, अशुभ, 07:55–09:27
  • चर, सामान्य, 09:27–11:00
  • लाभ, शुभ, 11:00–12:33
  • अमृत, शुभ, 12:33–14:05
  • काल, अशुभ, 14:05–15:38
  • शुभ, 15:38–17:10
  • रोग, अशुभ, 17:10–18:43
  • काल, अशुभ, 18:43–20:10
  • लाभ, शुभ, 20:10–21:37
  • उद्वेग, अशुभ, 21:37–23:05
  • शुभ, 23:05–00:32 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:32–01:59 बुध
  • चर, सामान्य, 01:59–03:27 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:27–04:54 बुध
  • काल, अशुभ, 04:54–06:22 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:50–09:40, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:27–11:00, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:08–12:57, शुभ
  • गुलिक काल, 12:33–14:05, अशुभ
  • राहु काल, 15:38–17:10, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:22–00:09 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:48–05:35 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में प्रदोष व्रत मंगल 2 अप्रैल को क्यों है?

प्रदोष व्रत मंगल 2 अप्रैल को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

त्रयोदशी 17:00 19:00 21:00 23:00 मंगल 2 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 18:43–21:03
त्रयोदशी 17:00 19:00 21:00 23:00 मंगल 2 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 18:43–21:03
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 2 अप्रैल को 08:38 से बुध 3 अप्रैल को 10:56 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (18:43–21:03) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Pāthardi में हर तारीख़

मंगल 2 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 323° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 323.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 323.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:22। एकादशी उससे पहले 06:04 सोम पर समाप्त हुई। द्वादशी 08:38 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 21 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

द्वादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

द्वादशी यहाँ सोम 1 और मंगल 2 अप्रैल दोनों के सूर्योदय पर है।

एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी सोम 1 अप्रैल सुबह मंगल 2 अप्रैल सुबह Pāthardi IST 06:04 08:38 06:23 द्वादशी 06:22 द्वादशी द्वादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी सोम 1 अप्रैल सुबह मंगल 2 अप्रैल सुबह Pāthardi IST 06:04 08:38 06:23 द्वादशी 06:22 द्वादशी द्वादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 06:04 सोम को, सूर्योदय 06:23 सोम से पहले, शुरू हुई और 08:38 को, अगले सूर्योदय 06:22 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन द्वादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

मंगल 2 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:49–05:36

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:49–05:36।

सूर्यास्त 18:43 सोम सूर्योदय 06:22 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 1 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:43 सोम सूर्योदय 06:22 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 1 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 1 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:43 सोम से सूर्योदय 06:22 तक थी, 11 घं 39 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 2 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:08–12:57

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:08–12:57।

मंगल 2 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 08:50–09:40

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:50–09:40, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:22–00:09 बुध।

मंगल 2 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 23:22–00:09 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:50–09:40, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:22–00:09 बुध।

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:22 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:22 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:22 से 18:43, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:50–09:40 और 23:22–00:09 बुध।

मंगल 2 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:22–07:55 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:22 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:22 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:22 से 18:43, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:43 से 06:22 बुध, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 2 अप्रैल को राहुकाल कब है? 15:38–17:10

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:38–17:10।

मंगल 2 अप्रैल को यमगंड कब है? 09:27–11:00

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:27–11:00।

मंगल 2 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 12:33–14:05

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:33–14:05।

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:22 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:22 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:22 से 18:43 तक है, 12 घं 21 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 2 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 18:43, 12 घं 21 मि का दिन।

मंगल 2 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:43

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 18:43, 12 घं 21 मि का दिन।

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:22 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:22 चंद्रोदय 05:14 बुध
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:22 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:22 चंद्रोदय 05:14 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 2 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा

सूर्योदय पर चंद्रमा 310.9° पर था: शतभिषा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° शतभिषा चंद्रमा 310.9° अगला: पूर्व भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° शतभिषा चंद्रमा 310.9° अगला: पूर्व भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 310° पर उसके पद 2 में आया। वह 00:49 बुध को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।

मंगल 2 अप्रैल को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 658.8° थे, एक चक्कर और 298.8°: शुभ।

सूर्य 347.9° + चंद्रमा 310.9° = 658.8° एक चक्कर + 298.8° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 347.9° + चंद्रमा 310.9° = 658.8° एक चक्कर + 298.8° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 347.9° + 310.9° = 658.8°, एक पूरा चक्कर और 298.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 21:09 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

मंगल 2 अप्रैल को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 323° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 323.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 323.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 19:23 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 318° हुई; तैतिल 08:38 तक है।

मंगल 2 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:22, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:22 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:22 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:22 से 06:22 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 2 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 6 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 15 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 5 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

मंगल 2 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल मंगल 2 अप्रैल अमावस्या 6 मार्च पूर्णिमा 21 मार्च अमावस्या 5 अप्रैल पूर्णिमा 19 अप्रैल
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल मंगल 2 अप्रैल अमावस्या 6 मार्च पूर्णिमा 21 मार्च अमावस्या 5 अप्रैल पूर्णिमा 19 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।

मंगल 2 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940

विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 18:41 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 2 अप्रैल सूर्य 347.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 18:41 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 2 अप्रैल सूर्य 347.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 18:41 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 375.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 2 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:14 बुध

चंद्रमा यहाँ 05:14 बुध पर उदय होता है।

मंगल 2 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:22

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:22 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:22 चंद्रोदय 05:14 बुध
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:22 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:22 चंद्रोदय 05:14 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:22 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:14 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:22 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:14 बुध पर उदय होगा।