Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग गुरु 29 नवंबर 2018
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
29 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 29 नवंबर
- 05:01–05:53ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:44 से
- 06:44–08:08शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:55–12:39अभिजीत मुहूर्त
- 12:17–13:40लाभ चौघड़िया
- 13:40–15:03अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:26–17:49शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:49 के बाद
- 17:49–19:26अमृत चौघड़िया
- 00:17–01:54 शुक्रलाभ चौघड़िया
-
03:04–04:35 शुक्रअमृत कालमघा में
- 03:31–05:08 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:08–06:45 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:02–05:53 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:44–08:08शुभयमगण्ड में
- 08:08–09:31रोगअशुभ
- 09:31–10:54उद्वेगअशुभ
- 10:54–12:17चरसामान्य
- 12:17–13:40लाभशुभ
- 13:40–15:03अमृतराहु काल में
- 15:03–16:26कालअशुभ
- 16:26–17:49शुभ
रात का चौघड़िया
- 17:49–19:26अमृतशुभ
- 19:26–21:03चरसामान्य
- 21:03–22:40रोगअशुभ
- 22:40–00:17 शुक्रकालअशुभ
- 00:17–01:54 शुक्रलाभशुभ
- 01:54–03:31 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:31–05:08 शुक्रशुभ
- 05:08–06:45 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 29 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:53, शुभ
- शुभ, 06:44–08:08
- रोग, अशुभ, 08:08–09:31
- उद्वेग, अशुभ, 09:31–10:54
- चर, सामान्य, 10:54–12:17
- लाभ, शुभ, 12:17–13:40
- अमृत, शुभ, 13:40–15:03
- काल, अशुभ, 15:03–16:26
- शुभ, 16:26–17:49
- अमृत, शुभ, 17:49–19:26
- चर, सामान्य, 19:26–21:03
- रोग, अशुभ, 21:03–22:40
- काल, अशुभ, 22:40–00:17 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:17–01:54 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:54–03:31 शुक्र
- शुभ, 03:31–05:08 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:08–06:45 शुक्र
- यमगण्ड, 06:44–08:08, अशुभ
- गुलिक काल, 09:31–10:54, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:26–11:10, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:55–12:39, शुभ
- राहु काल, 13:40–15:03, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:52–15:36, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:02–05:53 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 29 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 257.4° आगे था: कृष्ण सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:44। षष्ठी उससे पहले 20:51 बुध पर समाप्त हुई। सप्तमी 18:46 को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 23 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
गुरु 29 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:01–05:53
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:01–05:53।
बुध 28 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:49 बुध से सूर्योदय 06:44 तक थी, 12 घं 55 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 29 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:55–12:39
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:55–12:39।
गुरु 29 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:26–11:10
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:26–11:10 और 14:52–15:36।
गुरु 29 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:52–15:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:26–11:10 और 14:52–15:36।
यहाँ दिन, 06:44 से 17:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:26–11:10 और 14:52–15:36।
गुरु 29 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:44–08:08 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:44 से 17:49, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:49 से 06:45 शुक्र, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 29 नवंबर को राहुकाल कब है? 13:40–15:03
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:40–15:03।
गुरु 29 नवंबर को यमगंड कब है? 06:44–08:08
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:44–08:08।
गुरु 29 नवंबर को गुलिक काल कब है? 09:31–10:54
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:31–10:54।
यहाँ दिन 06:44 से 17:49 तक है, 11 घं 5 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 29 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 17:49, 11 घं 5 मि का दिन।
गुरु 29 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:49
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 17:49, 11 घं 5 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 29 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? मघा
सूर्योदय पर चंद्रमा 120.1° पर था: मघा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 120° पर उसके पद 1 में आया। वह 05:20 शुक्र को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।
गुरु 29 नवंबर को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 342.7° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 222.6° + 120.1° = 342.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 13:01 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
गुरु 29 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 257.4° थी: सप्तमी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 07:47 तक है, जब बढ़त 258° होगी; बव 18:46 तक।
गुरु 29 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:44, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:44 से 06:45 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 29 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 7 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 7 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
गुरु 29 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
गुरु 29 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940
विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 18:41 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 249.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 29 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:07 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 00:07 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 29 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 12:19
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:19 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:07 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:19 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:07 शुक्र पर उदय होगा।