tithika
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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग शुक्र 23 नवंबर 2018

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

पूर्णिमा

शुक्ल पक्ष · 11:09 तक

फिर प्रतिपदा · 09:00 शनि तक

त्योहार

कार्तिक पूर्णिमा

कार्तिक पूर्णिमा शुक्र 23 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शुक्र 23 नवंबर क्यों?

कार्तिक पूर्णिमा: Pāthardi में हर तारीख़

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा शुक्र 23 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शुक्र 23 नवंबर क्यों?

पूर्णिमा: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:58 06:41 17:49अगला सूर्योदय 06:41 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:41–08:04चरसामान्य
  • 08:04–09:28लाभगुलिक काल में
  • 09:28–10:51अमृतशुभ
  • 10:51–12:15कालअशुभ
  • 12:15–13:38शुभ
  • 13:38–15:02रोगअशुभ
  • 15:02–16:26उद्वेगअशुभ
  • 16:26–17:49चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 17:49–19:26रोगअशुभ
  • 19:26–21:02कालअशुभ
  • 21:02–22:39लाभशुभ
  • 22:39–00:15 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:15–01:52 शनिशुभ
  • 01:52–03:28 शनिअमृतशुभ
  • 03:28–05:05 शनिचरसामान्य
  • 05:05–06:41 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 23 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:58–05:49, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:41–08:04
  • लाभ, शुभ, 08:04–09:28
  • अमृत, शुभ, 09:28–10:51
  • काल, अशुभ, 10:51–12:15
  • शुभ, 12:15–13:38
  • रोग, अशुभ, 13:38–15:02
  • उद्वेग, अशुभ, 15:02–16:26
  • चर, सामान्य, 16:26–17:49
  • रोग, अशुभ, 17:49–19:26
  • काल, अशुभ, 19:26–21:02
  • लाभ, शुभ, 21:02–22:39
  • उद्वेग, अशुभ, 22:39–00:15 शनि
  • शुभ, 00:15–01:52 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:52–03:28 शनि
  • चर, सामान्य, 03:28–05:05 शनि
  • रोग, अशुभ, 05:05–06:41 शनि
  • गुलिक काल, 08:04–09:28, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:54–09:39, अशुभ
  • राहु काल, 10:51–12:15, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:53–12:37, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:37–13:22, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:02–16:26, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:58–05:50 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में कार्तिक पूर्णिमा शुक्र 23 नवंबर को क्यों है?

कार्तिक पूर्णिमा शुक्र 23 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 22 नवंबर सूर्योदय 06:40
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 22 नवंबर सूर्योदय 06:40
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

कार्तिक पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा गुरु 22 नवंबर को 12:53 से शुक्र 23 नवंबर को 11:09 तक है, इसलिए वह केवल शुक्र 23 नवंबर के सूर्योदय (06:41) पर है। कार्तिक पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

कार्तिक पूर्णिमा: Pāthardi में हर तारीख़

Pāthardi में पूर्णिमा शुक्र 23 नवंबर को क्यों है?

पूर्णिमा शुक्र 23 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 22 नवंबर सूर्योदय 06:40
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 22 नवंबर सूर्योदय 06:40
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा गुरु 22 नवंबर को 12:53 से शुक्र 23 नवंबर को 11:09 तक है, इसलिए वह केवल शुक्र 23 नवंबर के सूर्योदय (06:41) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: Pāthardi में हर तारीख़

शुक्र 23 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 177.6° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।

सूर्य अमावस्या 0° 177.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 177.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:41। चतुर्दशी उससे पहले 12:53 गुरु पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 11:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 7 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शुक्र 23 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:58–05:49

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:58–05:49।

सूर्यास्त 17:49 गुरु सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 22 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:49 गुरु सूर्योदय 06:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 22 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 22 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:49 गुरु से सूर्योदय 06:41 तक थी, 12 घं 52 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 23 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:53–12:37

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:53–12:37।

शुक्र 23 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:54–09:39

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:54–09:39 और 12:37–13:22।

शुक्र 23 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:37–13:22

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:54–09:39 और 12:37–13:22।

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:41 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:41 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:41 से 17:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:54–09:39 और 12:37–13:22।

शुक्र 23 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:41–08:04 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:41 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:41 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:41 से 17:49, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:49 से 06:41 शनि, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 23 नवंबर को राहुकाल कब है? 10:51–12:15

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:51–12:15।

शुक्र 23 नवंबर को यमगंड कब है? 15:02–16:26

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:02–16:26।

शुक्र 23 नवंबर को गुलिक काल कब है? 08:04–09:28

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:04–09:28।

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:41 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:41 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:41 से 17:49 तक है, 11 घं 8 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 23 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:41

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 17:49, 11 घं 8 मि का दिन।

शुक्र 23 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:49

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 17:49, 11 घं 8 मि का दिन।

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:41 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:10
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:41 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:10
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 23 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 34.1° पर था: कृत्तिका, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 34.1° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 34.1° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 33°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:40 को निकलेगा, रोहिणी में।

शुक्र 23 नवंबर को कौन सा योग है? परिघ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 250.7° थे: परिघ।

सूर्य 216.6° + चंद्रमा 34.1° = 250.7° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 216.6° + चंद्रमा 34.1° = 250.7° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 216.6° + 34.1° = 250.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 10:52 को समाप्त होता है, फिर शिव।

शुक्र 23 नवंबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 177.6° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 177.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° बव 174°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 177.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° बव 174°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 00:05 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 11:09 तक है।

शुक्र 23 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:41, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:41 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:41 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:41 से 06:41 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 23 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 7 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 7 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

शुक्र 23 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल शुक्र 23 नवंबर पूर्णिमा 24 अक्टू॰ अमावस्या 7 नव॰ पूर्णिमा 23 नव॰ अमावस्या 7 दिस॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल शुक्र 23 नवंबर पूर्णिमा 24 अक्टू॰ अमावस्या 7 नव॰ पूर्णिमा 23 नव॰ अमावस्या 7 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

शुक्र 23 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940

विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 18:41 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 23 नवंबर सूर्य 216.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 18:41 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 23 नवंबर सूर्य 216.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 18:41 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 243.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 23 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:10

चंद्रमा यहाँ 18:10 पर उदय होता है।

सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:41 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:10
सूर्योदय 06:41 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 06:41 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:10
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 18:10 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।