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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 23 अक्टूबर 2018

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 22:36 तक

फिर पूर्णिमा · 22:15 बुध तक

त्योहार

शरद पूर्णिमा

कोजागर पूजा मुहूर्त
23:48⁠–⁠00:38 बुध
निशीथ काल 23:48⁠–⁠00:38 बुध
चंद्रोदय
17:24

शरद पूर्णिमा मंगल 23 अक्टूबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में पूर्णिमा है, और किसी रात नहीं। मंगल 23 अक्टूबर क्यों?

शरद पूर्णिमा: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:46 06:25 18:00अगला सूर्योदय 06:26 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:25–07:52रोगअशुभ
  • 07:52–09:19उद्वेगअशुभ
  • 09:19–10:46चरसामान्य
  • 10:46–12:13लाभशुभ
  • 12:13–13:40अमृतगुलिक काल में
  • 13:40–15:07कालअशुभ
  • 15:07–16:34शुभराहु काल में
  • 16:34–18:00रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:00–19:34कालअशुभ
  • 19:34–21:07लाभशुभ
  • 21:07–22:40उद्वेगअशुभ
  • 22:40–00:13 बुधशुभ
  • 00:13–01:46 बुधअमृतशुभ
  • 01:46–03:19 बुधचरसामान्य
  • 03:19–04:53 बुधरोगअशुभ
  • 04:53–06:26 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 23 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:36, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:25–07:52
  • उद्वेग, अशुभ, 07:52–09:19
  • चर, सामान्य, 09:19–10:46
  • लाभ, शुभ, 10:46–12:13
  • अमृत, शुभ, 12:13–13:40
  • काल, अशुभ, 13:40–15:07
  • शुभ, 15:07–16:34
  • रोग, अशुभ, 16:34–18:00
  • काल, अशुभ, 18:00–19:34
  • लाभ, शुभ, 19:34–21:07
  • उद्वेग, अशुभ, 21:07–22:40
  • शुभ, 22:40–00:13 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:13–01:46 बुध
  • चर, सामान्य, 01:46–03:19 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:19–04:53 बुध
  • काल, अशुभ, 04:53–06:26 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:44–09:31, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:19–10:46, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:50–12:36, शुभ
  • गुलिक काल, 12:13–13:40, अशुभ
  • राहु काल, 15:07–16:34, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:59–23:48, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:36 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में शरद पूर्णिमा मंगल 23 अक्टूबर को क्यों है?

शरद पूर्णिमा मंगल 23 अक्टूबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में पूर्णिमा है, और किसी रात नहीं।

चतुर्दशी पूर्णिमा 22:36 00:00 01:00 02:00 मंगल 23 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 23:48–00:38 बुध
पूर्णिमा 22:36 00:00 01:00 02:00 मंगल 23 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 23:48–00:38 बुध चतुर्दशी 22:36 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शरद पूर्णिमा की रात की पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। पूर्णिमा मंगल 23 अक्टूबर को 22:36 से बुध 24 अक्टूबर को 22:15 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (23:48–00:38 बुध) उसके भीतर है। शरद पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

शरद पूर्णिमा: Pāthardi में हर तारीख़

मंगल 23 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 160° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 160.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 160.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:25। त्रयोदशी उससे पहले 22:23 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 22:36 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 9 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

मंगल 23 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:46–05:36

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:46–05:36।

सूर्यास्त 18:01 सोम सूर्योदय 06:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 22 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:01 सोम सूर्योदय 06:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 22 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 22 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:01 सोम से सूर्योदय 06:25 तक थी, 12 घं 24 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 23 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:50–12:36

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:50–12:36।

मंगल 23 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:44–09:31

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:44–09:31, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:59–23:48।

मंगल 23 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:59–23:48

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:44–09:31, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:59–23:48।

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:25 से 18:00, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:44–09:31 और 22:59–23:48।

मंगल 23 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:25–07:52 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:25 से 18:00, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:00 से 06:26 बुध, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 23 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:07–16:34

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:07–16:34।

मंगल 23 अक्टूबर को यमगंड कब है? 09:19–10:46

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:19–10:46।

मंगल 23 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 12:13–13:40

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:13–13:40।

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:25 से 18:00 तक है, 11 घं 35 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 23 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:25

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:25, सूर्यास्त 18:00, 11 घं 35 मि का दिन।

मंगल 23 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:00

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:25, सूर्यास्त 18:00, 11 घं 35 मि का दिन।

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:54 बुध चंद्रोदय 17:24
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:54 बुध चंद्रोदय 17:24
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 23 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 345.4° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 345.4° अगला: रेवती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 345.4° अगला: रेवती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 343°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:47 को निकलेगा, रेवती में।

मंगल 23 अक्टूबर को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 530.9° थे, एक चक्कर और 170.9°: व्याघात।

सूर्य 185.5° + चंद्रमा 345.4° = 530.9° एक चक्कर + 170.9° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 185.5° + चंद्रमा 345.4° = 530.9° एक चक्कर + 170.9° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 185.5° + 345.4° = 530.9°, एक पूरा चक्कर और 170.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 10:43 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

मंगल 23 अक्टूबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 160° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 160.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 160.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 10:34 तक है, जब बढ़त 162° होगी; वणिज 22:36 तक।

मंगल 23 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:25, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:25 से 06:26 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 23 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 9 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 7 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

मंगल 23 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल मंगल 23 अक्टूबर पूर्णिमा 25 सित॰ अमावस्या 9 अक्टू॰ पूर्णिमा 24 अक्टू॰ अमावस्या 7 नव॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल मंगल 23 अक्टूबर पूर्णिमा 25 सित॰ अमावस्या 9 अक्टू॰ पूर्णिमा 24 अक्टू॰ अमावस्या 7 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।

मंगल 23 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940

विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 18:41 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 23 अक्टूबर सूर्य 185.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 18:41 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 23 अक्टूबर सूर्य 185.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 18:41 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 212.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 23 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:24

चंद्रमा यहाँ 17:24 पर उदय होता है।

मंगल 23 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:54 बुध

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:54 बुध चंद्रोदय 17:24
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:26 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:54 बुध चंद्रोदय 17:24
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:24 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:54 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:24 पर उदय हुआ; वह फिर 05:54 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।