Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 17 जनवरी 2018
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
कृष्ण पक्ष · 07:47 तक
फिर प्रतिपदा · 10:12 गुरु तक
अमावस्या यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें17 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 17 जनवरी
- 05:22–06:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:05 से
- 07:05–08:29लाभ चौघड़िया
- 08:29–09:52अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:15–12:39शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
-
15:07–16:55अमृत कालउत्तराषाढा में
- 16:49–18:12लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:12 के बाद
- 19:49–21:26शुभ चौघड़िया
- 21:26–23:02अमृत चौघड़िया
- 03:52–05:29 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:22–06:14 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:05–08:29लाभशुभ
- 08:29–09:52अमृतयमगण्ड में
- 09:52–11:15कालअशुभ
- 11:15–12:39शुभगुलिक काल में
- 12:39–14:02रोगअशुभ
- 14:02–15:26उद्वेगअशुभ
- 15:26–16:49चरसामान्य
- 16:49–18:12लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:12–19:49उद्वेगअशुभ
- 19:49–21:26शुभ
- 21:26–23:02अमृतशुभ
- 23:02–00:39 गुरुचरसामान्य
- 00:39–02:15 गुरुरोगअशुभ
- 02:15–03:52 गुरुकालअशुभ
- 03:52–05:29 गुरुलाभशुभ
- 05:29–07:05 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 17 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:14, शुभ
- लाभ, शुभ, 07:05–08:29
- अमृत, शुभ, 08:29–09:52
- काल, अशुभ, 09:52–11:15
- शुभ, 11:15–12:39
- रोग, अशुभ, 12:39–14:02
- उद्वेग, अशुभ, 14:02–15:26
- चर, सामान्य, 15:26–16:49
- लाभ, शुभ, 16:49–18:12
- उद्वेग, अशुभ, 18:12–19:49
- शुभ, 19:49–21:26
- अमृत, शुभ, 21:26–23:02
- चर, सामान्य, 23:02–00:39 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:39–02:15 गुरु
- काल, अशुभ, 02:15–03:52 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:52–05:29 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:29–07:05 गुरु
- यमगण्ड, 08:29–09:52, अशुभ
- गुलिक काल, 11:15–12:39, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:17–13:01, अशुभ
- राहु काल, 12:39–14:02, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:14 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 17 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359.7° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:05। चतुर्दशी उससे पहले 05:11 मंगल पर समाप्त हुई। अमावस्या 07:47 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 2 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या दो सूर्योदयों पर क्यों है?
अमावस्या यहाँ मंगल 16 और बुध 17 जनवरी दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 05:11 मंगल को, सूर्योदय 07:05 मंगल से पहले, शुरू हुई और 07:47 को, अगले सूर्योदय 07:05 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन अमावस्या है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
बुध 17 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:22–06:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:22–06:14।
मंगल 16 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:12 मंगल से सूर्योदय 07:05 तक थी, 12 घं 53 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 17 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:17–13:01
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:17–13:01।
यहाँ दिन, 07:05 से 18:12, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:17–13:01: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 17 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:05–08:29 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:05 से 18:12, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:12 से 07:05 गुरु, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 17 जनवरी को राहुकाल कब है? 12:39–14:02
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:39–14:02।
बुध 17 जनवरी को यमगंड कब है? 08:29–09:52
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:29–09:52।
बुध 17 जनवरी को गुलिक काल कब है? 11:15–12:39
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:15–12:39।
यहाँ दिन 07:05 से 18:12 तक है, 11 घं 7 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 17 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 18:12, 11 घं 7 मि का दिन।
बुध 17 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:12
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 18:12, 11 घं 7 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 17 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 272.5° पर था: उत्तराषाढा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 270° पर उसके पद 2 में आया। वह 22:18 को निकलेगा, श्रवण में।
बुध 17 जनवरी को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 545.3° थे, एक चक्कर और 185.3°: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 272.8° + 272.5° = 545.3°, एक पूरा चक्कर और 185.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 09:45 को समाप्त होता है, फिर वज्र।
बुध 17 जनवरी को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 359.7° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 18:30 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 07:47 तक है।
बुध 17 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:05, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:05 से 07:05 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 17 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 18 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 17 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
बुध 17 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
बुध 17 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2074 · शक 1939
विक्रम संवत 2074 28 मार्च 2017 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 2017, 08:27 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 289.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2074 गिनता है; शक संवत 1939।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 17 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:31
चंद्रमा यहाँ 18:31 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:31 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।