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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग शुक्र 11 सितंबर 2015

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 07:29 तक

फिर चतुर्दशी · 09:42 शनि तक

त्रयोदशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
00:02⁠–⁠00:49 शनि
निशीथ काल 00:02⁠–⁠00:49 शनि

मासिक शिवरात्रि शुक्र 11 सितंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शुक्र 11 सितंबर क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:42 06:15 18:35अगला सूर्योदय 06:16 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:15–07:48चरसामान्य
  • 07:48–09:20लाभगुलिक काल में
  • 09:20–10:53अमृतशुभ
  • 10:53–12:25कालअशुभ
  • 12:25–13:58शुभ
  • 13:58–15:30रोगअशुभ
  • 15:30–17:03उद्वेगअशुभ
  • 17:03–18:35चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:35–20:03रोगअशुभ
  • 20:03–21:30कालअशुभ
  • 21:30–22:58लाभशुभ
  • 22:58–00:25 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:25–01:53 शनिशुभ
  • 01:53–03:21 शनिअमृतशुभ
  • 03:21–04:48 शनिचरसामान्य
  • 04:48–06:16 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 11 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:29, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:15–07:48
  • लाभ, शुभ, 07:48–09:20
  • अमृत, शुभ, 09:20–10:53
  • काल, अशुभ, 10:53–12:25
  • शुभ, 12:25–13:58
  • रोग, अशुभ, 13:58–15:30
  • उद्वेग, अशुभ, 15:30–17:03
  • चर, सामान्य, 17:03–18:35
  • रोग, अशुभ, 18:35–20:03
  • काल, अशुभ, 20:03–21:30
  • लाभ, शुभ, 21:30–22:58
  • उद्वेग, अशुभ, 22:58–00:25 शनि
  • शुभ, 00:25–01:53 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:53–03:21 शनि
  • चर, सामान्य, 03:21–04:48 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:48–06:16 शनि
  • गुलिक काल, 07:48–09:20, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:43–09:33, अशुभ
  • राहु काल, 10:53–12:25, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:01–12:50, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:50–13:39, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:30–17:03, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:29 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में मासिक शिवरात्रि शुक्र 11 सितंबर को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि शुक्र 11 सितंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी 23:00 00:00 01:00 02:00 गुरु 10 सितंबर निशीथ काल 00:02–00:49 शुक्र
त्रयोदशी 23:00 00:00 01:00 02:00 गुरु 10 सितंबर निशीथ काल 00:02–00:49 शुक्र
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शुक्र 11 सितंबर को 07:29 से शनि 12 सितंबर को 09:42 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार की रात का निशीथ काल (00:02 शनि–00:49 शनि) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Pāthardi में हर तारीख़

शुक्र 11 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 335.4° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 335.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 335.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। द्वादशी उससे पहले 05:35 गुरु पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 07:29 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 30 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

त्रयोदशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

त्रयोदशी यहाँ गुरु 10 और शुक्र 11 सितंबर दोनों के सूर्योदय पर है।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी गुरु 10 सितंबर सुबह शुक्र 11 सितंबर सुबह Pāthardi IST 05:35 07:29 06:15 त्रयोदशी 06:15 त्रयोदशी त्रयोदशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी गुरु 10 सितंबर सुबह शुक्र 11 सितंबर सुबह Pāthardi IST 05:35 07:29 06:15 त्रयोदशी 06:15 त्रयोदशी त्रयोदशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 05:35 गुरु को, सूर्योदय 06:15 गुरु से पहले, शुरू हुई और 07:29 को, अगले सूर्योदय 06:15 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन त्रयोदशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

शुक्र 11 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:29

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:29।

सूर्यास्त 18:36 गुरु सूर्योदय 06:15 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 10 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:36 गुरु सूर्योदय 06:15 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 10 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 10 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:36 गुरु से सूर्योदय 06:15 तक थी, 11 घं 39 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 11 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:01–12:50

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:01–12:50।

शुक्र 11 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:43–09:33

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:43–09:33 और 12:50–13:39।

शुक्र 11 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:50–13:39

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:43–09:33 और 12:50–13:39।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:16 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:16 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:15 से 18:35, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:43–09:33 और 12:50–13:39।

शुक्र 11 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:15–07:48 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:16 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:16 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:15 से 18:35, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:35 से 06:16 शनि, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 11 सितंबर को राहुकाल कब है? 10:53–12:25

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:53–12:25।

शुक्र 11 सितंबर को यमगंड कब है? 15:30–17:03

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:30–17:03।

शुक्र 11 सितंबर को गुलिक काल कब है? 07:48–09:20

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:48–09:20।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:16 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:16 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:15 से 18:35 तक है, 12 घं 20 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 11 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:35, 12 घं 20 मि का दिन।

शुक्र 11 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:35

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:35, 12 घं 20 मि का दिन।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:16 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:21 चंद्रोदय 05:19 शनि
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:16 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:21 चंद्रोदय 05:19 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 11 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा

सूर्योदय पर चंद्रमा 119.3° पर था: अश्लेशा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 119.3° अगला: मघा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 119.3° अगला: मघा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 116°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:33 को निकलेगा, मघा में।

शुक्र 11 सितंबर को कौन सा योग है? शिव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 263.2° थे: शिव।

सूर्य 143.9° + चंद्रमा 119.3° = 263.2° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 143.9° + चंद्रमा 119.3° = 263.2° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 143.9° + 119.3° = 263.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 12:33 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।

शुक्र 11 सितंबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 335.4° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 335.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 335.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 18:29 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 07:29 तक है।

शुक्र 11 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:16 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:16 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:16 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 11 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 14 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 13 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

शुक्र 11 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद श्रावण कृष्ण शुक्ल शुक्र 11 सितंबर अमावस्या 14 अग॰ पूर्णिमा 30 अग॰ अमावस्या 13 सित॰ पूर्णिमा 28 सित॰
अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद श्रावण कृष्ण शुक्ल शुक्र 11 सितंबर अमावस्या 14 अग॰ पूर्णिमा 30 अग॰ अमावस्या 13 सित॰ पूर्णिमा 28 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

शुक्र 11 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937

विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2015 15:06 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 11 सितंबर सूर्य 143.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2015 15:06 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 11 सितंबर सूर्य 143.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 15:06 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 168.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 11 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:19 शनि

चंद्रमा यहाँ 05:19 शनि पर उदय होता है।

शुक्र 11 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:21

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:16 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:21 चंद्रोदय 05:19 शनि
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:16 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:21 चंद्रोदय 05:19 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:21 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:19 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:21 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:19 शनि पर उदय होगा।