tithika
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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 13 नवंबर 2012

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

चतुर्दशी

कृष्ण पक्ष · 07:13 तक

फिर अमावस्या · 03:38 बुध तक

यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं कारण जानें

त्योहार

दीवाली · लक्ष्मी पूजा

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
17:56⁠–⁠19:56
प्रदोष काल 17:51⁠–⁠20:24

दीवाली · लक्ष्मी पूजा मंगल 13 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं। मंगल 13 नवंबर क्यों?

दीवाली: Pāthardi में हर तारीख़

त्योहार

नरक चतुर्दशी

अभ्यंग स्नान मुहूर्त
04:59⁠–⁠06:35
अरुणोदय 04:59⁠–⁠06:35

नरक चतुर्दशी मंगल 13 नवंबर को है: उस सुबह पूरे अरुणोदय में चतुर्दशी है, और किसी सुबह नहीं। मंगल 13 नवंबर क्यों?

नरक चतुर्दशी: Pāthardi में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या मंगल 13 नवंबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। मंगल 13 नवंबर क्यों?

अमावस्या: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:53 06:35 17:51अगला सूर्योदय 06:36 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:35–08:00रोगअशुभ
  • 08:00–09:24उद्वेगअशुभ
  • 09:24–10:49चरसामान्य
  • 10:49–12:13लाभशुभ
  • 12:13–13:37अमृतगुलिक काल में
  • 13:37–15:02कालअशुभ
  • 15:02–16:26शुभराहु काल में
  • 16:26–17:51रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:51–19:26कालअशुभ
  • 19:26–21:02लाभशुभ
  • 21:02–22:38उद्वेगअशुभ
  • 22:38–00:13 बुधशुभ
  • 00:13–01:49 बुधअमृतशुभ
  • 01:49–03:25 बुधचरसामान्य
  • 03:25–05:00 बुधरोगअशुभ
  • 05:00–06:36 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 13 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:44, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:35–08:00
  • उद्वेग, अशुभ, 08:00–09:24
  • चर, सामान्य, 09:24–10:49
  • लाभ, शुभ, 10:49–12:13
  • अमृत, शुभ, 12:13–13:37
  • काल, अशुभ, 13:37–15:02
  • शुभ, 15:02–16:26
  • रोग, अशुभ, 16:26–17:51
  • काल, अशुभ, 17:51–19:26
  • लाभ, शुभ, 19:26–21:02
  • उद्वेग, अशुभ, 21:02–22:38
  • शुभ, 22:38–00:13 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:13–01:49 बुध
  • चर, सामान्य, 01:49–03:25 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:25–05:00 बुध
  • काल, अशुभ, 05:00–06:36 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:50–09:35, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:24–10:49, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:50–12:35, शुभ
  • गुलिक काल, 12:13–13:37, अशुभ
  • राहु काल, 15:02–16:26, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:57–23:48, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:54–05:45 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में दीवाली मंगल 13 नवंबर को क्यों है?

दीवाली · लक्ष्मी पूजा मंगल 13 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं।

चतुर्दशी 16:00 18:00 20:00 22:00 सोम 12 नवंबर प्रदोष काल 17:51–20:24
चतुर्दशी 16:00 18:00 20:00 22:00 सोम 12 नवंबर प्रदोष काल 17:51–20:24
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या मंगल 13 नवंबर को 07:13 से बुध 14 नवंबर को 03:38 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (17:51–20:24) उसके भीतर है। हर मत यही दिन लेता है।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:51–20:24। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 17:56 से 19:56 तक उदित रहता है।

दीवाली: Pāthardi में हर तारीख़

Pāthardi में नरक चतुर्दशी मंगल 13 नवंबर को क्यों है?

नरक चतुर्दशी मंगल 13 नवंबर को है: उस सुबह पूरे अरुणोदय में चतुर्दशी है, और किसी सुबह नहीं।

त्रयोदशी 06:35 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 सोम 12 नवंबर अरुणोदय 04:59–06:35
त्रयोदशी 06:35 03:00 05:00 07:00 सोम 12 नवंबर अरुणोदय 04:59–06:35
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

अभ्यंग स्नान अरुणोदय में होता है, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। चतुर्दशी सोम 12 नवंबर को 10:33 से मंगल 13 नवंबर को 07:13 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का अरुणोदय (04:59–06:35) उसके भीतर है। नरक चतुर्दशी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अरुणोदय Tithika की परिपाटी है।

नरक चतुर्दशी: Pāthardi में हर तारीख़

Pāthardi में अमावस्या मंगल 13 नवंबर को क्यों है?

अमावस्या मंगल 13 नवंबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी अमावस्या 07:13 05:00 06:00 08:00 मंगल 13 नवंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:35
चतुर्दशी अमावस्या 07:13 05:00 06:00 08:00 मंगल 13 नवंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:35
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 13 नवंबर को 07:13 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और बुध 14 नवंबर को 03:38 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: मंगल 13 नवंबर। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Pāthardi में हर तारीख़

मंगल 13 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 347.6° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 347.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 347.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:35। त्रयोदशी उससे पहले 10:33 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:13 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 30 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

अमावस्या क्षय क्यों है?

अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।

चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा मंगल 13 नवंबर सुबह बुध 14 नवंबर सुबह Pāthardi IST 07:13 03:38 06:35 चतुर्दशी 06:36 प्रतिपदा अमावस्या इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा मंगल 13 नवंबर सुबह बुध 14 नवंबर सुबह Pāthardi IST 07:13 03:38 06:35 चतुर्दशी 06:36 प्रतिपदा अमावस्या इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 07:13 को शुरू हुई और 03:38 बुध को समाप्त, 06:35 और 06:36 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को चतुर्दशी है और बुधवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।

मंगल 13 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:53–05:44

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:53–05:44।

सूर्यास्त 17:51 सोम सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 12 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:51 सोम सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 12 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 12 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:51 सोम से सूर्योदय 06:35 तक थी, 12 घं 44 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 13 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:50–12:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:50–12:35।

मंगल 13 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:50–09:35

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:50–09:35, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:57–23:48।

मंगल 13 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:57–23:48

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:50–09:35, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:57–23:48।

सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:35 से 17:51, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:50–09:35 और 22:57–23:48।

मंगल 13 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:35–08:00 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:35 से 17:51, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:51 से 06:36 बुध, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 13 नवंबर को राहुकाल कब है? 15:02–16:26

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:02–16:26।

मंगल 13 नवंबर को यमगंड कब है? 09:24–10:49

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:24–10:49।

मंगल 13 नवंबर को गुलिक काल कब है? 12:13–13:37

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:13–13:37।

सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:35 से 17:51 तक है, 11 घं 16 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 13 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:35

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 17:51, 11 घं 16 मि का दिन।

मंगल 13 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:51

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 17:51, 11 घं 16 मि का दिन।

सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:22
सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:22
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 13 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 194.6° पर था: स्वाती, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 194.6° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 194.6° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 193°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:06 को निकलेगा, विशाखा में।

मंगल 13 नवंबर को कौन सा योग है? सौभाग्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 401.6° थे, एक चक्कर और 41.6°: सौभाग्य।

सूर्य 207.0° + चंद्रमा 194.6° = 401.6° एक चक्कर + 41.6° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 207.0° + चंद्रमा 194.6° = 401.6° एक चक्कर + 41.6° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 207° + 194.6° = 401.6°, एक पूरा चक्कर और 41.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 23:58 को समाप्त होता है, फिर शोभन।

मंगल 13 नवंबर को कौन सा करण है? शकुनि

सूर्योदय पर बढ़त 347.6° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।

सूर्य अमावस्या 0° 347.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 347.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 20:56 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 07:13 तक है।

मंगल 13 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:35, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:35 से 06:36 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 13 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 15 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 14 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

मंगल 13 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल मंगल 13 नवंबर अमावस्या 15 अक्टू॰ पूर्णिमा 30 अक्टू॰ अमावस्या 14 नव॰ पूर्णिमा 28 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल मंगल 13 नवंबर अमावस्या 15 अक्टू॰ पूर्णिमा 30 अक्टू॰ अमावस्या 14 नव॰ पूर्णिमा 28 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

मंगल 13 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2069 · शक 1934

विक्रम संवत 2069 22 मार्च 2012 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2012 20:07 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 13 नवंबर सूर्य 207.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2012 20:07 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 13 नवंबर सूर्य 207.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2012, 20:07 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 228.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2069 गिनता है; शक संवत 1934।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 13 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:22

चंद्रमा यहाँ 17:22 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:22
सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:22
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 17:22 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।