Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग रवि 2 सितंबर 2012
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
2 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 2 सितंबर
- 04:42–05:28ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:14 से
- 09:21–10:55लाभ चौघड़िया
- 10:55–12:28अमृत चौघड़िया
- 12:03–12:28अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:02–15:35शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:42 के बाद
- 18:42–20:09शुभ चौघड़िया
- 20:09–21:35अमृत चौघड़िया
- 01:55–03:21 सोमलाभ चौघड़िया
-
02:25–04:06 सोमअमृत कालउत्तर भाद्रपद में
- 04:48–06:14 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:42–05:28 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:14–07:47उद्वेगअशुभ
- 07:47–09:21चरसामान्य
- 09:21–10:55लाभशुभ
- 10:55–12:28अमृतशुभ
- 12:28–14:02कालअशुभ
- 14:02–15:35शुभ
- 15:35–17:09रोगअशुभ
- 17:09–18:42उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:42–20:09शुभ
- 20:09–21:35अमृतशुभ
- 21:35–23:02चरसामान्य
- 23:02–00:28 सोमरोगअशुभ
- 00:28–01:55 सोमकालअशुभ
- 01:55–03:21 सोमलाभशुभ
- 03:21–04:48 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:48–06:14 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 2 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:28, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:14–07:47
- चर, सामान्य, 07:47–09:21
- लाभ, शुभ, 09:21–10:55
- अमृत, शुभ, 10:55–12:28
- काल, अशुभ, 12:28–14:02
- शुभ, 14:02–15:35
- रोग, अशुभ, 15:35–17:09
- उद्वेग, अशुभ, 17:09–18:42
- शुभ, 18:42–20:09
- अमृत, शुभ, 20:09–21:35
- चर, सामान्य, 21:35–23:02
- रोग, अशुभ, 23:02–00:28 सोम
- काल, अशुभ, 00:28–01:55 सोम
- लाभ, शुभ, 01:55–03:21 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:21–04:48 सोम
- शुभ, 04:48–06:14 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:03–12:53, शुभ
- यमगण्ड, 12:28–14:02, अशुभ
- गुलिक काल, 15:35–17:09, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:03–17:53, अशुभ
- राहु काल, 17:09–18:42, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:28 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 2 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 197.4° आगे था: कृष्ण द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:14। प्रतिपदा उससे पहले 19:15 शनि पर समाप्त हुई। द्वितीया 19:38 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 31 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
रवि 2 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:28
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:28।
शनि 1 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:43 शनि से सूर्योदय 06:14 तक थी, 11 घं 31 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 2 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:03–12:53
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:03–12:53।
रवि 2 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 17:03–17:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:03–17:53।
यहाँ दिन, 06:14 से 18:42, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:03–17:53।
रवि 2 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:14–07:47 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:14 से 18:42, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:42 से 06:14 सोम, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 2 सितंबर को राहुकाल कब है? 17:09–18:42
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:09–18:42।
रवि 2 सितंबर को यमगंड कब है? 12:28–14:02
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:28–14:02।
रवि 2 सितंबर को गुलिक काल कब है? 15:35–17:09
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:35–17:09।
यहाँ दिन 06:14 से 18:42 तक है, 12 घं 28 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 2 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:14
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:42, 12 घं 28 मि का दिन।
रवि 2 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:42, 12 घं 28 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 2 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 333.4° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 333°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 07:29 सोम को निकलेगा, रेवती में।
रवि 2 सितंबर को कौन सा योग है? शूल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 469.3° थे, एक चक्कर और 109.3°: शूल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 135.9° + 333.4° = 469.3°, एक पूरा चक्कर और 109.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 01:04 सोम को समाप्त होता है, फिर गण्ड।
रवि 2 सितंबर को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 197.4° थी: द्वितीया का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 07:22 तक है, जब बढ़त 198° होगी; गर 19:38 तक।
रवि 2 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:14, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:14 से 06:14 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 2 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद (अधिक)
17 अगस्त और 16 सितंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक भाद्रपद।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 अगस्त 21:24 शुक्र से 16 सितंबर 07:40 रवि तक सूर्य सिंह में रहा; कन्या में वह अमावस्या के बाद 16 सितंबर 17:54 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक भाद्रपद है, जो भाद्रपद से पहले आता है।
रवि 2 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद (अधिक) है, और अमान्त गणना में भाद्रपद (अधिक)।
रवि 2 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2069 · शक 1934
विक्रम संवत 2069 22 मार्च 2012 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2012, 20:07 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 157.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2069 गिनता है; शक संवत 1934।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 2 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:43
चंद्रमा यहाँ 19:43 पर उदय होता है।
रवि 2 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:32
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:32 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:43 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:32 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:43 पर उदय होगा।