tithika
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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग रवि 6 अप्रैल 2008

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 09:25 तक

फिर प्रतिपदा · 06:09 सोम तक

यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं कारण जानें

त्योहार

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना

घटस्थापना मुहूर्त
06:18⁠–⁠08:48
प्रातःकाल 06:18⁠–⁠08:48

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना रवि 6 अप्रैल को है: प्रतिपदा किसी भी सुबह प्रातःकाल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है। रवि 6 अप्रैल क्यों?

चैत्र नवरात्रि: Pāthardi में हर तारीख़

त्योहार

नव संवत्सर

नव संवत्सर रवि 6 अप्रैल को है: उस दिन विक्रम संवत् 2065 आरंभ होता है। रवि 6 अप्रैल क्यों?

नव संवत्सर: Pāthardi में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या रवि 6 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। रवि 6 अप्रैल क्यों?

अमावस्या: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:46 06:18 18:44अगला सूर्योदय 06:18 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:18–07:52उद्वेगअशुभ
  • 07:52–09:25चरसामान्य
  • 09:25–10:58लाभशुभ
  • 10:58–12:31अमृतशुभ
  • 12:31–14:04कालअशुभ
  • 14:04–15:38शुभ
  • 15:38–17:11रोगअशुभ
  • 17:11–18:44उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:44–20:11शुभ
  • 20:11–21:37अमृतशुभ
  • 21:37–23:04चरसामान्य
  • 23:04–00:31 सोमरोगअशुभ
  • 00:31–01:58 सोमकालअशुभ
  • 01:58–03:24 सोमलाभशुभ
  • 03:24–04:51 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:51–06:18 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 6 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:32, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 06:18–07:52
  • चर, सामान्य, 07:52–09:25
  • लाभ, शुभ, 09:25–10:58
  • अमृत, शुभ, 10:58–12:31
  • काल, अशुभ, 12:31–14:04
  • शुभ, 14:04–15:38
  • रोग, अशुभ, 15:38–17:11
  • उद्वेग, अशुभ, 17:11–18:44
  • शुभ, 18:44–20:11
  • अमृत, शुभ, 20:11–21:37
  • चर, सामान्य, 21:37–23:04
  • रोग, अशुभ, 23:04–00:31 सोम
  • काल, अशुभ, 00:31–01:58 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:58–03:24 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:24–04:51 सोम
  • शुभ, 04:51–06:18 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:06–12:56, शुभ
  • यमगण्ड, 12:31–14:04, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:38–17:11, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:05–17:54, अशुभ
  • राहु काल, 17:11–18:44, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:45–05:31 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में चैत्र नवरात्रि रवि 6 अप्रैल को क्यों है?

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना रवि 6 अप्रैल को है: प्रतिपदा किसी भी सुबह प्रातःकाल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है।

अमावस्या 06:18 09:25 05:00 06:00 07:00 08:00 रवि 6 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:18–08:48 प्रतिपदा 09:25 से
अमावस्या 06:18 09:25 05:00 07:00 रवि 6 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:18–08:48 प्रतिपदा 09:25 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा रवि 6 अप्रैल को 09:25 से सोम 7 अप्रैल को 06:09 तक है, दोनों सुबह के प्रातःकाल के बीच, किसी को नहीं छूती। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: रवि 6 अप्रैल। चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

चैत्र नवरात्रि: Pāthardi में हर तारीख़

Pāthardi में नव संवत्सर रवि 6 अप्रैल को क्यों है?

नव संवत्सर रवि 6 अप्रैल को है: उस दिन विक्रम संवत् 2065 आरंभ होता है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 शनि 5 अप्रैल सूर्योदय 06:19
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 शनि 5 अप्रैल सूर्योदय 06:19
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

विक्रम संवत् 2065 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होता है। यहाँ प्रतिपदा किसी सूर्योदय पर नहीं है, इसलिए वर्ष उसी दिन आरंभ होता है जिस दिन वह चलती है: रवि 6 अप्रैल।

नव संवत्सर: Pāthardi में हर तारीख़

Pāthardi में अमावस्या रवि 6 अप्रैल को क्यों है?

अमावस्या रवि 6 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 शनि 5 अप्रैल सूर्योदय 06:19
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 शनि 5 अप्रैल सूर्योदय 06:19
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शनि 5 अप्रैल को 12:21 से रवि 6 अप्रैल को 09:25 तक है, इसलिए वह केवल रवि 6 अप्रैल के सूर्योदय (06:18) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Pāthardi में हर तारीख़

रवि 6 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 358.2° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 358.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 358.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:18। चतुर्दशी उससे पहले 12:21 शनि पर समाप्त हुई। अमावस्या 09:25 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 22 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

प्रतिपदा क्षय क्यों है?

प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया रवि 6 अप्रैल सुबह सोम 7 अप्रैल सुबह Pāthardi IST 09:25 06:09 06:18 अमावस्या 06:18 द्वितीया प्रतिपदा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया रवि 6 अप्रैल सुबह सोम 7 अप्रैल सुबह Pāthardi IST 09:25 06:09 06:18 अमावस्या 06:18 द्वितीया प्रतिपदा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 09:25 को शुरू हुई और 06:09 सोम को समाप्त, 06:18 और 06:18 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को अमावस्या है और सोमवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।

रवि 6 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:46–05:32

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:46–05:32।

सूर्यास्त 18:44 शनि सूर्योदय 06:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 5 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:44 शनि सूर्योदय 06:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 5 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 5 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:44 शनि से सूर्योदय 06:18 तक थी, 11 घं 34 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 6 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:06–12:56

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:06–12:56।

रवि 6 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 17:05–17:54

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:05–17:54।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:18 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:18 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 06:18 से 18:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:05–17:54।

रवि 6 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:18–07:52 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:18 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:18 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:18 से 18:44, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:44 से 06:18 सोम, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 6 अप्रैल को राहुकाल कब है? 17:11–18:44

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:11–18:44।

रवि 6 अप्रैल को यमगंड कब है? 12:31–14:04

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:31–14:04।

रवि 6 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 15:38–17:11

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:38–17:11।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:18 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:18 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 06:18 से 18:44 तक है, 12 घं 26 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 6 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:18

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:44, 12 घं 26 मि का दिन।

रवि 6 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:44, 12 घं 26 मि का दिन।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:18 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:03
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:18 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:03
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 6 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 350.8° पर था: रेवती, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 350.8° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 350.8° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 350° पर उसके पद 2 में आया। वह 21:08 को निकलेगा, अश्विनी में।

रवि 6 अप्रैल को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 703.4° थे, एक चक्कर और 343.4°: इन्द्र।

सूर्य 352.6° + चंद्रमा 350.8° = 703.4° एक चक्कर + 343.4° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 352.6° + चंद्रमा 350.8° = 703.4° एक चक्कर + 343.4° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 352.6° + 350.8° = 703.4°, एक पूरा चक्कर और 343.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 11:10 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

रवि 6 अप्रैल को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 358.2° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 358.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 358.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 22:56 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 09:25 तक है।

रवि 6 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:18, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:18 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:18 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:18 से 06:18 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 6 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 7 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 6 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

रवि 6 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।

अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र फाल्गुन कृष्ण शुक्ल रवि 6 अप्रैल अमावस्या 7 मार्च पूर्णिमा 22 मार्च अमावस्या 6 अप्रैल पूर्णिमा 20 अप्रैल
अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र फाल्गुन कृष्ण शुक्ल रवि 6 अप्रैल अमावस्या 7 मार्च पूर्णिमा 22 मार्च अमावस्या 6 अप्रैल पूर्णिमा 20 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।

रवि 6 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2065 · शक 1930

विक्रम संवत 2065 6 अप्रैल 2008 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 6 अप्रैल 2008 09:25 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 6 अप्रैल सूर्य 352.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 6 अप्रैल 2008 09:25 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 6 अप्रैल सूर्य 352.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 2008, 09:25। तब से सूर्य तारों के बीच -0.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2065 गिनता है; शक संवत 1930।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 6 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:03

चंद्रमा यहाँ 19:03 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:18 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:03
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:18 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:03
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 19:03 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।