Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग सोम 11 जून 2007
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
परमा एकादशी
परमा एकादशी सोम 11 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। सोम 11 जून क्यों?
परमा एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़11 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 11 जून
- 04:24–05:07ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:50 से
- 05:50–07:30अमृत चौघड़िया
- 09:09–10:49शुभ चौघड़िया
- 12:28–12:55अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:27–17:27लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 17:27–19:06अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:06 के बाद
-
22:21–23:49अमृत कालअश्विनी में
- 23:08–00:28 मंगललाभ चौघड़िया
- 01:49–03:09 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:09–04:30 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:24–05:07 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:50–07:30अमृतशुभ
- 07:30–09:09कालअशुभ
- 09:09–10:49शुभ
- 10:49–12:28रोगअशुभ
- 12:28–14:08उद्वेगअशुभ
- 14:08–15:47चरसामान्य
- 15:47–17:27लाभशुभ
- 17:27–19:06अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:06–20:27चरसामान्य
- 20:27–21:47रोगअशुभ
- 21:47–23:08कालअशुभ
- 23:08–00:28 मंगललाभशुभ
- 00:28–01:49 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:49–03:09 मंगलशुभ
- 03:09–04:30 मंगलअमृतशुभ
- 04:30–05:50 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 11 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:07, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:50–07:30
- काल, अशुभ, 07:30–09:09
- शुभ, 09:09–10:49
- रोग, अशुभ, 10:49–12:28
- उद्वेग, अशुभ, 12:28–14:08
- चर, सामान्य, 14:08–15:47
- लाभ, शुभ, 15:47–17:27
- अमृत, शुभ, 17:27–19:06
- चर, सामान्य, 19:06–20:27
- रोग, अशुभ, 20:27–21:47
- काल, अशुभ, 21:47–23:08
- लाभ, शुभ, 23:08–00:28 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:28–01:49 मंगल
- शुभ, 01:49–03:09 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:09–04:30 मंगल
- चर, सामान्य, 04:30–05:50 मंगल
- राहु काल, 07:30–09:09, अशुभ
- यमगण्ड, 10:49–12:28, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:02–12:55, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:55–13:48, अशुभ
- गुलिक काल, 14:08–15:47, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:34–16:27, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:07 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में परमा एकादशी सोम 11 जून को क्यों है?
परमा एकादशी सोम 11 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 11 जून को सूर्योदय पर है, 05:50: सोम 11 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 23:38 रवि पर, उससे (04:14–05:50) पहले, समाप्त हुई।
सोम 11 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 303.5° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:50। दशमी उससे पहले 23:38 रवि पर समाप्त हुई। एकादशी 20:48 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 1 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 11 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:24–05:07
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:24–05:07।
रवि 10 जून की रात सूर्यास्त 19:06 रवि से सूर्योदय 05:50 तक थी, 10 घं 44 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 11 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:02–12:55
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:02–12:55।
सोम 11 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 12:55–13:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:55–13:48 और 15:34–16:27।
सोम 11 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 15:34–16:27
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:55–13:48 और 15:34–16:27।
यहाँ दिन, 05:50 से 19:06, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:55–13:48 और 15:34–16:27।
सोम 11 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:50–07:30 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:50 से 19:06, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:06 से 05:50 मंगल, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 11 जून को राहुकाल कब है? 07:30–09:09
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:30–09:09।
सोम 11 जून को यमगंड कब है? 10:49–12:28
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:49–12:28।
सोम 11 जून को गुलिक काल कब है? 14:08–15:47
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:08–15:47।
यहाँ दिन 05:50 से 19:06 तक है, 13 घं 16 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 11 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 19:06, 13 घं 16 मि का दिन।
सोम 11 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:06
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 19:06, 13 घं 16 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 11 जून को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 359.3° पर था: रेवती, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 356°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:02 को निकलेगा, अश्विनी में।
सोम 11 जून को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 415.1° थे, एक चक्कर और 55.1°: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 55.8° + 359.3° = 415.1°, एक पूरा चक्कर और 55.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 23:46 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
सोम 11 जून को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 303.5° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 10:15 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 20:48 तक।
सोम 11 जून को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:50, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:50 से 05:50 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 11 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
17 मई और 15 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 मई 00:57 गुरु से 15 जून 08:43 शुक्र तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 15 जून 15:52 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।
सोम 11 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ (अधिक) है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ (अधिक)।
सोम 11 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2064 · शक 1929
विक्रम संवत 2064 19 मार्च 2007 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2007, 08:12 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 81.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2064 गिनता है; शक संवत 1929।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 11 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:54 मंगल
चंद्रमा यहाँ 02:54 मंगल पर उदय होता है।
सोम 11 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:13
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:13 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:54 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:13 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:54 मंगल पर उदय होगा।