Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 29 अक्टूबर 2003
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
29 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 29 अक्टूबर
- 04:48–05:38ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:28 से
- 06:28–07:54लाभ चौघड़िया
- 07:54–09:20अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:46–12:12शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:31–17:57लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:57 के बाद
- 19:31–21:05शुभ चौघड़िया
- 21:05–22:39अमृत चौघड़िया
-
22:17–23:45अमृत कालमूल में
- 03:20–04:54 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:48–05:38 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:28–07:54लाभशुभ
- 07:54–09:20अमृतयमगण्ड में
- 09:20–10:46कालअशुभ
- 10:46–12:12शुभगुलिक काल में
- 12:12–13:39रोगअशुभ
- 13:39–15:05उद्वेगअशुभ
- 15:05–16:31चरसामान्य
- 16:31–17:57लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:57–19:31उद्वेगअशुभ
- 19:31–21:05शुभ
- 21:05–22:39अमृतशुभ
- 22:39–00:13 गुरुचरसामान्य
- 00:13–01:46 गुरुरोगअशुभ
- 01:46–03:20 गुरुकालअशुभ
- 03:20–04:54 गुरुलाभशुभ
- 04:54–06:28 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 29 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:48–05:38, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:28–07:54
- अमृत, शुभ, 07:54–09:20
- काल, अशुभ, 09:20–10:46
- शुभ, 10:46–12:12
- रोग, अशुभ, 12:12–13:39
- उद्वेग, अशुभ, 13:39–15:05
- चर, सामान्य, 15:05–16:31
- लाभ, शुभ, 16:31–17:57
- उद्वेग, अशुभ, 17:57–19:31
- शुभ, 19:31–21:05
- अमृत, शुभ, 21:05–22:39
- चर, सामान्य, 22:39–00:13 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:13–01:46 गुरु
- काल, अशुभ, 01:46–03:20 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:20–04:54 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:54–06:28 गुरु
- यमगण्ड, 07:54–09:20, अशुभ
- गुलिक काल, 10:46–12:12, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:49–12:35, अशुभ
- राहु काल, 12:12–13:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:48–05:38 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 29 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 49° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:28। चतुर्थी उससे पहले 04:46 पर समाप्त हुई। पञ्चमी 02:06 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 25 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 29 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:48–05:38
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:48–05:38।
मंगल 28 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:58 मंगल से सूर्योदय 06:28 तक थी, 12 घं 30 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 29 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:49–12:35
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:49–12:35।
यहाँ दिन, 06:28 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:49–12:35: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 29 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:28–07:54 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:28 से 17:57, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:57 से 06:28 गुरु, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 29 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 12:12–13:39
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:12–13:39।
बुध 29 अक्टूबर को यमगंड कब है? 07:54–09:20
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:54–09:20।
बुध 29 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 10:46–12:12
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:46–12:12।
यहाँ दिन 06:28 से 17:57 तक है, 11 घं 29 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 29 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 29 मि का दिन।
बुध 29 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 29 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 29 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 240.2° पर था: मूल, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 240° पर उसके पद 1 में आया। वह 04:10 गुरु को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
बुध 29 अक्टूबर को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 431.5° थे, एक चक्कर और 71.5°: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 191.3° + 240.2° = 431.5°, एक पूरा चक्कर और 71.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 19:33 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
बुध 29 अक्टूबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 49° थी: पञ्चमी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 15:23 तक है, जब बढ़त 54° होगी; बालव 02:06 गुरु तक।
बुध 29 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:28, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:28 से 06:28 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 29 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 25 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 24 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
बुध 29 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।
बुध 29 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2060 · शक 1925
विक्रम संवत 2060 2 अप्रैल 2003 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 2003, 00:48 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 203.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2060 गिनता है; शक संवत 1925।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 29 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:26
चंद्रमा यहाँ 10:26 पर उदय होता है।
बुध 29 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:31
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:26 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:31 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:26 पर उदय हुआ; वह फिर 21:31 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।