tithika
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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 1 जुलाई 2003

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

द्वितीया

शुक्ल पक्ष · 01:22 बुध तक

फिर तृतीया · 01:17 गुरु तक

त्योहार

रथ यात्रा

रथ यात्रा मंगल 1 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर द्वितीया है। मंगल 1 जुलाई क्यों?

रथ यात्रा: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:28 05:54 19:11अगला सूर्योदय 05:55 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:54–07:34रोगअशुभ
  • 07:34–09:13उद्वेगअशुभ
  • 09:13–10:53चरसामान्य
  • 10:53–12:32लाभशुभ
  • 12:32–14:12अमृतगुलिक काल में
  • 14:12–15:51कालअशुभ
  • 15:51–17:31शुभराहु काल में
  • 17:31–19:11रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:11–20:31कालअशुभ
  • 20:31–21:52लाभशुभ
  • 21:52–23:12उद्वेगअशुभ
  • 23:12–00:33 बुधशुभ
  • 00:33–01:53 बुधअमृतशुभ
  • 01:53–03:14 बुधचरसामान्य
  • 03:14–04:34 बुधरोगअशुभ
  • 04:34–05:55 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 1 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:11, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:54–07:34
  • उद्वेग, अशुभ, 07:34–09:13
  • चर, सामान्य, 09:13–10:53
  • लाभ, शुभ, 10:53–12:32
  • अमृत, शुभ, 12:32–14:12
  • काल, अशुभ, 14:12–15:51
  • शुभ, 15:51–17:31
  • रोग, अशुभ, 17:31–19:11
  • काल, अशुभ, 19:11–20:31
  • लाभ, शुभ, 20:31–21:52
  • उद्वेग, अशुभ, 21:52–23:12
  • शुभ, 23:12–00:33 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:33–01:53 बुध
  • चर, सामान्य, 01:53–03:14 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:14–04:34 बुध
  • काल, अशुभ, 04:34–05:55 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:34–09:27, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:13–10:53, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:06–12:59, शुभ
  • गुलिक काल, 12:32–14:12, अशुभ
  • राहु काल, 15:51–17:31, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:28–00:11 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:12 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में रथ यात्रा मंगल 1 जुलाई को क्यों है?

रथ यात्रा मंगल 1 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर द्वितीया है।

द्वितीया 04:00 05:00 06:00 07:00 मंगल 1 जुलाई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:54
द्वितीया 04:00 05:00 06:00 07:00 मंगल 1 जुलाई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:54
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

रथ यात्रा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। द्वितीया मंगल 1 जुलाई को 01:00 से बुध 2 जुलाई को 01:22 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 1 जुलाई के सूर्योदय (05:54) पर है। रथ यात्रा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

रथ यात्रा: Pāthardi में हर तारीख़

मंगल 1 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वितीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 14.4° आगे था: शुक्ल द्वितीया।

सूर्य अमावस्या 0° 14.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 14.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 12°–24° दूसरी है, शुक्ल द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:54। प्रतिपदा उससे पहले 01:00 पर समाप्त हुई। द्वितीया 01:22 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 24° होगी। बढ़त 30 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

मंगल 1 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:28–05:11

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:28–05:11।

सूर्यास्त 19:10 सोम सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 30 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:10 सोम सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 30 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 30 जून की रात सूर्यास्त 19:10 सोम से सूर्योदय 05:54 तक थी, 10 घं 44 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 1 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:06–12:59

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:06–12:59।

मंगल 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:34–09:27

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:34–09:27, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:28–00:11 बुध।

मंगल 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:28–00:11 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:34–09:27, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:28–00:11 बुध।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:54 से 19:11, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:34–09:27 और 23:28–00:11 बुध।

मंगल 1 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:54–07:34 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:54 से 19:11, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:11 से 05:55 बुध, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 1 जुलाई को राहुकाल कब है? 15:51–17:31

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:51–17:31।

मंगल 1 जुलाई को यमगंड कब है? 09:13–10:53

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:13–10:53।

मंगल 1 जुलाई को गुलिक काल कब है? 12:32–14:12

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:32–14:12।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:54 से 19:11 तक है, 13 घं 17 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 1 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 19:11, 13 घं 17 मि का दिन।

मंगल 1 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:11

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 19:11, 13 घं 17 मि का दिन।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:45 चंद्रोदय 07:02
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:45 चंद्रोदय 07:02
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 1 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु

सूर्योदय पर चंद्रमा 89.3° पर था: पुनर्वसु, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 89.3° अगला: पुष्य पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 89.3° अगला: पुष्य पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 86°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:31 को निकलेगा, पुष्य में।

मंगल 1 जुलाई को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 164.2° थे: व्याघात।

सूर्य 74.9° + चंद्रमा 89.3° = 164.2° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 74.9° + चंद्रमा 89.3° = 164.2° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 74.9° + 89.3° = 164.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 21:54 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

मंगल 1 जुलाई को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 14.4° थी: द्वितीया का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 14.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° बालव 12°–18° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 14.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° बालव 12°–18° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 13:15 तक है, जब बढ़त 18° होगी; कौलव 01:22 बुध तक।

मंगल 1 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:54, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:54 से 05:55 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 30 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 17 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 29 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

मंगल 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ आषाढ़ कृष्ण शुक्ल मंगल 1 जुलाई पूर्णिमा 14 जून अमावस्या 30 जून पूर्णिमा 14 जुल॰ अमावस्या 29 जुल॰
अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ आषाढ़ कृष्ण शुक्ल मंगल 1 जुलाई पूर्णिमा 14 जून अमावस्या 30 जून पूर्णिमा 14 जुल॰ अमावस्या 29 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।

मंगल 1 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2060 · शक 1925

विक्रम संवत 2060 2 अप्रैल 2003 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2003 00:48 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 1 जुलाई सूर्य 74.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2003 00:48 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 1 जुलाई सूर्य 74.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 2003, 00:48 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 87.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2060 गिनता है; शक संवत 1925।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 1 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:02

चंद्रमा यहाँ 07:02 पर उदय होता है।

मंगल 1 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:45

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:45 चंद्रोदय 07:02
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:45 चंद्रोदय 07:02
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:02 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:45 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:02 पर उदय हुआ; वह फिर 20:45 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।