Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग सोम 15 जनवरी 2001
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
15 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 15 जनवरी
- 05:22–06:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:05 से
- 07:05–08:28अमृत चौघड़िया
- 09:52–11:15शुभ चौघड़िया
- 12:38–13:00अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:58–16:48लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:48–18:11अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:11 के बाद
-
19:40–21:13अमृत कालहस्त में
- 23:01–00:38 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:15–03:52 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:52–05:28 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:22–06:14 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:05–08:28अमृतशुभ
- 08:28–09:52कालअशुभ
- 09:52–11:15शुभ
- 11:15–12:38रोगअशुभ
- 12:38–14:01उद्वेगअशुभ
- 14:01–15:25चरसामान्य
- 15:25–16:48लाभशुभ
- 16:48–18:11अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:11–19:48चरसामान्य
- 19:48–21:25रोगअशुभ
- 21:25–23:01कालअशुभ
- 23:01–00:38 मंगललाभशुभ
- 00:38–02:15 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:15–03:52 मंगलशुभ
- 03:52–05:28 मंगलअमृतशुभ
- 05:28–07:05 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 15 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:14, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:05–08:28
- काल, अशुभ, 08:28–09:52
- शुभ, 09:52–11:15
- रोग, अशुभ, 11:15–12:38
- उद्वेग, अशुभ, 12:38–14:01
- चर, सामान्य, 14:01–15:25
- लाभ, शुभ, 15:25–16:48
- अमृत, शुभ, 16:48–18:11
- चर, सामान्य, 18:11–19:48
- रोग, अशुभ, 19:48–21:25
- काल, अशुभ, 21:25–23:01
- लाभ, शुभ, 23:01–00:38 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:38–02:15 मंगल
- शुभ, 02:15–03:52 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:52–05:28 मंगल
- चर, सामान्य, 05:28–07:05 मंगल
- राहु काल, 08:28–09:52, अशुभ
- यमगण्ड, 11:15–12:38, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:16–13:00, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:00–13:45, अशुभ
- गुलिक काल, 14:01–15:25, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:14–15:58, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:14 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 15 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 251.7° आगे था: कृष्ण षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:05। पञ्चमी उससे पहले 09:30 रवि पर समाप्त हुई। षष्ठी 07:35 को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 10 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सप्तमी क्षय क्यों है?
सप्तमी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन सप्तमी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। सप्तमी 07:35 को शुरू हुई और 06:23 मंगल को समाप्त, 07:05 और 07:05 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को षष्ठी है और मंगलवार को अष्टमी: सप्तमी यहाँ क्षय तिथि है।
सोम 15 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:22–06:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:22–06:14।
रवि 14 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:11 रवि से सूर्योदय 07:05 तक थी, 12 घं 54 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 15 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:16–13:00
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:16–13:00।
सोम 15 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 13:00–13:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:00–13:45 और 15:14–15:58।
सोम 15 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 15:14–15:58
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:00–13:45 और 15:14–15:58।
यहाँ दिन, 07:05 से 18:11, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:00–13:45 और 15:14–15:58।
सोम 15 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:05–08:28 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:05 से 18:11, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:11 से 07:05 मंगल, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 15 जनवरी को राहुकाल कब है? 08:28–09:52
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:28–09:52।
सोम 15 जनवरी को यमगंड कब है? 11:15–12:38
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:15–12:38।
सोम 15 जनवरी को गुलिक काल कब है? 14:01–15:25
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:01–15:25।
यहाँ दिन 07:05 से 18:11 तक है, 11 घं 6 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 15 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 18:11, 11 घं 6 मि का दिन।
सोम 15 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 18:11, 11 घं 6 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 15 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 162.8° पर था: हस्त, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 160° पर उसके पद 1 में आया। वह 01:29 मंगल को निकलेगा, चित्रा में।
सोम 15 जनवरी को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 433.9° थे, एक चक्कर और 73.9°: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 271.1° + 162.8° = 433.9°, एक पूरा चक्कर और 73.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 16:56 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
सोम 15 जनवरी को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 251.7° थी: षष्ठी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 20:27 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 246° हुई; वणिज 07:35 तक है।
सोम 15 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:05, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:05 से 07:05 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 15 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 25 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 24 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
सोम 15 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
सोम 15 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2057 · शक 1922
विक्रम संवत 2057 4 अप्रैल 2000 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 4 अप्रैल 2000, 23:42 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 279.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2057 गिनता है; शक संवत 1922।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 15 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 23:59
चंद्रमा यहाँ 23:59 पर उदय होता है।
सोम 15 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:33
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:33 पर अस्त हुआ; वह फिर 23:59 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:33 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 23:59 पर उदय होगा।