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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 1 फ़रवरी 2000

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 09:38 तक

फिर द्वादशी · 12:17 बुध तक

एकादशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:22 07:03 18:21अगला सूर्योदय 07:03 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:03–08:28रोगअशुभ
  • 08:28–09:53उद्वेगअशुभ
  • 09:53–11:18चरसामान्य
  • 11:18–12:42लाभशुभ
  • 12:42–14:07अमृतगुलिक काल में
  • 14:07–15:32कालअशुभ
  • 15:32–16:56शुभराहु काल में
  • 16:56–18:21रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:21–19:56कालअशुभ
  • 19:56–21:32लाभशुभ
  • 21:32–23:07उद्वेगअशुभ
  • 23:07–00:42 बुधशुभ
  • 00:42–02:17 बुधअमृतशुभ
  • 02:17–03:53 बुधचरसामान्य
  • 03:53–05:28 बुधरोगअशुभ
  • 05:28–07:03 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 1 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:13, शुभ
  • रोग, अशुभ, 07:03–08:28
  • उद्वेग, अशुभ, 08:28–09:53
  • चर, सामान्य, 09:53–11:18
  • लाभ, शुभ, 11:18–12:42
  • अमृत, शुभ, 12:42–14:07
  • काल, अशुभ, 14:07–15:32
  • शुभ, 15:32–16:56
  • रोग, अशुभ, 16:56–18:21
  • काल, अशुभ, 18:21–19:56
  • लाभ, शुभ, 19:56–21:32
  • उद्वेग, अशुभ, 21:32–23:07
  • शुभ, 23:07–00:42 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:42–02:17 बुध
  • चर, सामान्य, 02:17–03:53 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:53–05:28 बुध
  • काल, अशुभ, 05:28–07:03 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 09:19–10:04, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:53–11:18, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:20–13:05, शुभ
  • गुलिक काल, 12:42–14:07, अशुभ
  • राहु काल, 15:32–16:56, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:26–00:17 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:12 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 1 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 310.8° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 310.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 310.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:03। दशमी उससे पहले 06:57 सोम पर समाप्त हुई। एकादशी 09:38 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 21 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

एकादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

एकादशी यहाँ सोम 31 जनवरी और मंगल 1 फ़रवरी दोनों के सूर्योदय पर है।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी सोम 31 जनवरी सुबह मंगल 1 फ़रवरी सुबह Pāthardi IST 06:57 09:38 07:04 एकादशी 07:03 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी सोम 31 जनवरी सुबह मंगल 1 फ़रवरी सुबह Pāthardi IST 06:57 09:38 07:04 एकादशी 07:03 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 06:57 सोम को, सूर्योदय 07:04 सोम से पहले, शुरू हुई और 09:38 को, अगले सूर्योदय 07:03 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन एकादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

मंगल 1 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:22–06:13

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:22–06:13।

सूर्यास्त 18:21 सोम सूर्योदय 07:03 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 31 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:21 सोम सूर्योदय 07:03 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 31 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 31 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:21 सोम से सूर्योदय 07:03 तक थी, 12 घं 42 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 1 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:20–13:05

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:20–13:05।

मंगल 1 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:19–10:04

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:19–10:04, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:26–00:17 बुध।

मंगल 1 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 23:26–00:17 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:19–10:04, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:26–00:17 बुध।

सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 07:03 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 07:03 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 07:03 से 18:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:19–10:04 और 23:26–00:17 बुध।

मंगल 1 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:03–08:28 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 07:03 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 07:03 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:03 से 18:21, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:21 से 07:03 बुध, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 1 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 15:32–16:56

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:32–16:56।

मंगल 1 फ़रवरी को यमगंड कब है? 09:53–11:18

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:53–11:18।

मंगल 1 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 12:42–14:07

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:42–14:07।

सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 07:03 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 07:03 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 07:03 से 18:21 तक है, 11 घं 18 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 1 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:03

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:03, सूर्यास्त 18:21, 11 घं 18 मि का दिन।

मंगल 1 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:21

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:03, सूर्यास्त 18:21, 11 घं 18 मि का दिन।

सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 07:03 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:59 चंद्रोदय 04:26 बुध
सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 07:03 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:59 चंद्रोदय 04:26 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 1 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 238.5° पर था: ज्येष्ठा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 238.5° अगला: मूल पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 238.5° अगला: मूल पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 236°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:10 को निकलेगा, मूल में।

मंगल 1 फ़रवरी को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 526.1° थे, एक चक्कर और 166.1°: व्याघात।

सूर्य 287.6° + चंद्रमा 238.5° = 526.1° एक चक्कर + 166.1° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 287.6° + चंद्रमा 238.5° = 526.1° एक चक्कर + 166.1° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 287.6° + 238.5° = 526.1°, एक पूरा चक्कर और 166.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 20:36 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

मंगल 1 फ़रवरी को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 310.8° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 310.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 310.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 20:17 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 09:38 तक है।

मंगल 1 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:03, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 07:03 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 07:03 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:03 से 07:03 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 1 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 6 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 5 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

मंगल 1 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल मंगल 1 फ़रवरी अमावस्या 6 जन॰ पूर्णिमा 21 जन॰ अमावस्या 5 फ़र॰ पूर्णिमा 19 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल मंगल 1 फ़रवरी अमावस्या 6 जन॰ पूर्णिमा 21 जन॰ अमावस्या 5 फ़र॰ पूर्णिमा 19 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।

मंगल 1 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2056 · शक 1921

विक्रम संवत 2056 18 मार्च 1999 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 18 मार्च 1999 00:17 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 1 फ़रवरी सूर्य 287.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 18 मार्च 1999 00:17 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 1 फ़रवरी सूर्य 287.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 1999, 00:17 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 314.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2056 गिनता है; शक संवत 1921।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 1 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:26 बुध

चंद्रमा यहाँ 04:26 बुध पर उदय होता है।

मंगल 1 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:59

सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 07:03 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:59 चंद्रोदय 04:26 बुध
सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 07:03 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:59 चंद्रोदय 04:26 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:59 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:26 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:59 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:26 बुध पर उदय होगा।