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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग गुरु 14 अगस्त 1997

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 04:22 शुक्र तक

फिर द्वादशी · 02:07 शनि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

श्रावण पुत्रदा एकादशी

पारण समय
09:49⁠–⁠18:57 शुक्र
शुक्र 15 अगस्त
व्रत आरंभ
06:09

स्मार्त परंपरा में श्रावण पुत्रदा एकादशी गुरु 14 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव शुक्र 15 अगस्त को व्रत रखते हैं। गुरु 14 अगस्त क्यों?

श्रावण पुत्रदा एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:40 06:09 18:57अगला सूर्योदय 06:10 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:09–07:45शुभयमगण्ड में
  • 07:45–09:21रोगअशुभ
  • 09:21–10:57उद्वेगअशुभ
  • 10:57–12:33चरसामान्य
  • 12:33–14:09लाभशुभ
  • 14:09–15:45अमृतराहु काल में
  • 15:45–17:21कालअशुभ
  • 17:21–18:57शुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:57–20:21अमृतशुभ
  • 20:21–21:45चरसामान्य
  • 21:45–23:09रोगअशुभ
  • 23:09–00:33 शुक्रकालअशुभ
  • 00:33–01:57 शुक्रलाभशुभ
  • 01:57–03:21 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:21–04:45 शुक्रशुभ
  • 04:45–06:10 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 14 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:40–05:24, शुभ
  • शुभ, 06:09–07:45
  • रोग, अशुभ, 07:45–09:21
  • उद्वेग, अशुभ, 09:21–10:57
  • चर, सामान्य, 10:57–12:33
  • लाभ, शुभ, 12:33–14:09
  • अमृत, शुभ, 14:09–15:45
  • काल, अशुभ, 15:45–17:21
  • शुभ, 17:21–18:57
  • अमृत, शुभ, 18:57–20:21
  • चर, सामान्य, 20:21–21:45
  • रोग, अशुभ, 21:45–23:09
  • काल, अशुभ, 23:09–00:33 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:33–01:57 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:57–03:21 शुक्र
  • शुभ, 03:21–04:45 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:45–06:10 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:09–07:45, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:21–10:57, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:25–11:16, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:08–12:59, शुभ
  • राहु काल, 14:09–15:45, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:32–16:24, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:40–05:25 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में श्रावण पुत्रदा एकादशी गुरु 14 अगस्त को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में श्रावण पुत्रदा एकादशी गुरु 14 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव शुक्र 15 अगस्त को व्रत रखते हैं।

दशमी एकादशी 06:09 05:55 03:00 04:00 05:00 07:00 08:00 गुरु 14 अगस्त स्मार्त अरुणोदय 04:33–06:09
दशमी एकादशी 06:09 05:55 03:00 05:00 07:00 गुरु 14 अगस्त स्मार्त अरुणोदय 04:33–06:09
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 14 अगस्त को सूर्योदय पर है, 06:09: गुरु 14 अगस्त।

श्रावण पुत्रदा एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़

गुरु 14 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 120.1° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 120.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 120.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:09। दशमी उससे पहले 05:55 पर समाप्त हुई। एकादशी 04:22 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 3 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में दशमी क्यों है?

नई दिल्ली में दशमी है, Pāthardi में एकादशी।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 14 अगस्त सुबह शुक्र 15 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Pāthardi IST 05:55 05:55 04:22 04:22 05:49 दशमी 05:50 द्वादशी 06:09 एकादशी 06:10 द्वादशी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 14 अगस्त सुबह शुक्र 15 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Pāthardi IST 05:55 05:55 04:22 04:22 05:49 दशमी 05:50 द्वादशी 06:09 एकादशी 06:10 द्वादशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:49, दशमी की समाप्ति 05:55 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है। एकादशी अगले सूर्योदय से पहले, 04:22 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता: वह क्षय है।

Pāthardi · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:09, दशमी की समाप्ति 05:55 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।

गुरु 14 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:40–05:24

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:40–05:24।

सूर्यास्त 18:58 बुध सूर्योदय 06:09 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 13 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:58 बुध सूर्योदय 06:09 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 13 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 13 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:58 बुध से सूर्योदय 06:09 तक थी, 11 घं 11 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 14 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:08–12:59

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:08–12:59।

गुरु 14 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 10:25–11:16

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:25–11:16 और 15:32–16:24।

गुरु 14 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 15:32–16:24

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:25–11:16 और 15:32–16:24।

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:10 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:10 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:09 से 18:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:25–11:16 और 15:32–16:24।

गुरु 14 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:09–07:45 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:10 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:10 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:09 से 18:57, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:57 से 06:10 शुक्र, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 14 अगस्त को राहुकाल कब है? 14:09–15:45

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:09–15:45।

गुरु 14 अगस्त को यमगंड कब है? 06:09–07:45

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:09–07:45।

गुरु 14 अगस्त को गुलिक काल कब है? 09:21–10:57

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:21–10:57।

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:10 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:10 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:09 से 18:57 तक है, 12 घं 48 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 14 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:09

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:57, 12 घं 48 मि का दिन।

गुरु 14 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:57

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:57, 12 घं 48 मि का दिन।

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:10 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:42 शुक्र चंद्रोदय 15:10
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:10 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:42 शुक्र चंद्रोदय 15:10
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 14 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 237.6° पर था: ज्येष्ठा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 237.6° अगला: मूल पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 237.6° अगला: मूल पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 236°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:25 को निकलेगा, मूल में।

गुरु 14 अगस्त को कौन सा योग है? वैधृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 355.1° थे: वैधृति।

सूर्य 117.5° + चंद्रमा 237.6° = 355.1° वैधृति 346°40′–360°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 117.5° + चंद्रमा 237.6° = 355.1° वैधृति 346°40′–360°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 117.5° + 237.6° = 355.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 14:19 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।

गुरु 14 अगस्त को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 120.1° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 120.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 120.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 17:14 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 04:22 शुक्र तक।

गुरु 14 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:09, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:10 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:10 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:09 से 06:10 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 14 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 3 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 2 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

गुरु 14 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 14 अगस्त पूर्णिमा 20 जुल॰ अमावस्या 3 अग॰ पूर्णिमा 18 अग॰ अमावस्या 2 सित॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 14 अगस्त पूर्णिमा 20 जुल॰ अमावस्या 3 अग॰ पूर्णिमा 18 अग॰ अमावस्या 2 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।

गुरु 14 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2054 · शक 1919

विक्रम संवत 2054 7 अप्रैल 1997 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 1997 16:31 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 14 अगस्त सूर्य 117.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 1997 16:31 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 14 अगस्त सूर्य 117.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 1997, 16:31 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 123.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2054 गिनता है; शक संवत 1919।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 14 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:10

चंद्रमा यहाँ 15:10 पर उदय होता है।

गुरु 14 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:42 शुक्र

सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:10 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:42 शुक्र चंद्रोदय 15:10
सूर्योदय 06:09 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:10 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:42 शुक्र चंद्रोदय 15:10
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:10 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:42 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:10 पर उदय हुआ; वह फिर 02:42 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।