tithika
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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग रवि 12 जून 1988

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 15:30 तक

फिर चतुर्दशी · 14:54 सोम तक

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
00:07⁠–⁠00:50 सोम
निशीथ काल 00:07⁠–⁠00:50 सोम

मासिक शिवरात्रि रवि 12 जून को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। रवि 12 जून क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:24 05:50 19:07अगला सूर्योदय 05:50 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:50–07:30उद्वेगअशुभ
  • 07:30–09:09चरसामान्य
  • 09:09–10:49लाभशुभ
  • 10:49–12:29अमृतशुभ
  • 12:29–14:08कालअशुभ
  • 14:08–15:48शुभ
  • 15:48–17:27रोगअशुभ
  • 17:27–19:07उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:07–20:27शुभ
  • 20:27–21:48अमृतशुभ
  • 21:48–23:08चरसामान्य
  • 23:08–00:29 सोमरोगअशुभ
  • 00:29–01:49 सोमकालअशुभ
  • 01:49–03:10 सोमलाभशुभ
  • 03:10–04:30 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:30–05:50 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 12 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:07, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 05:50–07:30
  • चर, सामान्य, 07:30–09:09
  • लाभ, शुभ, 09:09–10:49
  • अमृत, शुभ, 10:49–12:29
  • काल, अशुभ, 12:29–14:08
  • शुभ, 14:08–15:48
  • रोग, अशुभ, 15:48–17:27
  • उद्वेग, अशुभ, 17:27–19:07
  • शुभ, 19:07–20:27
  • अमृत, शुभ, 20:27–21:48
  • चर, सामान्य, 21:48–23:08
  • रोग, अशुभ, 23:08–00:29 सोम
  • काल, अशुभ, 00:29–01:49 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:49–03:10 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:10–04:30 सोम
  • शुभ, 04:30–05:50 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:02–12:55, शुभ
  • यमगण्ड, 12:29–14:08, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:48–17:27, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:21–18:14, अशुभ
  • राहु काल, 17:27–19:07, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:08 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में मासिक शिवरात्रि रवि 12 जून को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि रवि 12 जून को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

चतुर्दशी 23:00 00:00 01:00 02:00 रवि 12 जून स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:07–00:50 सोम
चतुर्दशी 23:00 00:00 01:00 02:00 रवि 12 जून स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:07–00:50 सोम
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी रवि 12 जून को 15:30 से सोम 13 जून को 14:54 तक है, इसलिए केवल रविवार की रात का निशीथ काल (00:07 सोम–00:50 सोम) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Pāthardi में हर तारीख़

रवि 12 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 331° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 331.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 331.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:50। द्वादशी उससे पहले 16:28 शनि पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 15:30 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 31 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

रवि 12 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:24–05:07

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:24–05:07।

सूर्यास्त 19:06 शनि सूर्योदय 05:50 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 11 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:06 शनि सूर्योदय 05:50 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 11 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 11 जून की रात सूर्यास्त 19:06 शनि से सूर्योदय 05:50 तक थी, 10 घं 44 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 12 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:02–12:55

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:02–12:55।

रवि 12 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 17:21–18:14

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:21–18:14।

सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 05:50 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 05:50 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 05:50 से 19:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:21–18:14।

रवि 12 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:50–07:30 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 05:50 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 05:50 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:50 से 19:07, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:07 से 05:50 सोम, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 12 जून को राहुकाल कब है? 17:27–19:07

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:27–19:07।

रवि 12 जून को यमगंड कब है? 12:29–14:08

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:29–14:08।

रवि 12 जून को गुलिक काल कब है? 15:48–17:27

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:48–17:27।

सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 05:50 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 05:50 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 05:50 से 19:07 तक है, 13 घं 17 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 12 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:50

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 19:07, 13 घं 17 मि का दिन।

रवि 12 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 19:07, 13 घं 17 मि का दिन।

सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 05:50 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:22 चंद्रोदय 04:32 सोम
सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 05:50 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:22 चंद्रोदय 04:32 सोम
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 12 जून को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 28.6° पर था: कृत्तिका, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 28.6° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 28.6° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 26°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:24 सोम को निकलेगा, रोहिणी में।

रवि 12 जून को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 86.2° थे: सुकर्मा।

सूर्य 57.6° + चंद्रमा 28.6° = 86.2° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 57.6° + चंद्रमा 28.6° = 86.2° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 57.6° + 28.6° = 86.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 17:54 को समाप्त होता है, फिर धृति।

रवि 12 जून को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 331° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 331.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 331.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 03:56 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 15:30 तक है।

रवि 12 जून को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:50, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 05:50 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 05:50 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:50 से 05:50 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 12 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

16 मई और 14 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 मई 03:40 सोम से 14 जून 14:43 मंगल तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 14 जून 19:00 मंगल को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।

रवि 12 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल रवि 12 जून अमावस्या 16 मई पूर्णिमा 31 मई अमावस्या 14 जून पूर्णिमा 30 जून
अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल रवि 12 जून अमावस्या 16 मई पूर्णिमा 31 मई अमावस्या 14 जून पूर्णिमा 30 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ (अधिक) है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ (अधिक)।

रवि 12 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2045 · शक 1910

विक्रम संवत 2045 18 मार्च 1988 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 18 मार्च 1988 07:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 12 जून सूर्य 57.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 18 मार्च 1988 07:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 12 जून सूर्य 57.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 1988, 07:32 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 83.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2045 गिनता है; शक संवत 1910।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 12 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:32 सोम

चंद्रमा यहाँ 04:32 सोम पर उदय होता है।

रवि 12 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:22

सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 05:50 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:22 चंद्रोदय 04:32 सोम
सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 05:50 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:22 चंद्रोदय 04:32 सोम
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:22 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:32 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:22 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:32 सोम पर उदय होगा।