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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 1 दिसंबर 1981

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

त्योहार

विवाह पंचमी

विवाह पंचमी मंगल 1 दिसंबर को है: पञ्चमी दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। मंगल 1 दिसंबर क्यों?

विवाह पंचमी: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:02 06:46 17:50अगला सूर्योदय 06:46 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:46–08:09रोगअशुभ
  • 08:09–09:32उद्वेगअशुभ
  • 09:32–10:55चरसामान्य
  • 10:55–12:18लाभशुभ
  • 12:18–13:41अमृतगुलिक काल में
  • 13:41–15:04कालअशुभ
  • 15:04–16:27शुभराहु काल में
  • 16:27–17:50रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:50–19:27कालअशुभ
  • 19:27–21:04लाभशुभ
  • 21:04–22:41उद्वेगअशुभ
  • 22:41–00:18 बुधशुभ
  • 00:18–01:55 बुधअमृतशुभ
  • 01:55–03:32 बुधचरसामान्य
  • 03:32–05:09 बुधरोगअशुभ
  • 05:09–06:46 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 1 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:02–05:54, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:46–08:09
  • उद्वेग, अशुभ, 08:09–09:32
  • चर, सामान्य, 09:32–10:55
  • लाभ, शुभ, 10:55–12:18
  • अमृत, शुभ, 12:18–13:41
  • काल, अशुभ, 13:41–15:04
  • शुभ, 15:04–16:27
  • रोग, अशुभ, 16:27–17:50
  • काल, अशुभ, 17:50–19:27
  • लाभ, शुभ, 19:27–21:04
  • उद्वेग, अशुभ, 21:04–22:41
  • शुभ, 22:41–00:18 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:18–01:55 बुध
  • चर, सामान्य, 01:55–03:32 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:32–05:09 बुध
  • काल, अशुभ, 05:09–06:46 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:59–09:43, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:32–10:55, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:56–12:40, शुभ
  • गुलिक काल, 12:18–13:41, अशुभ
  • राहु काल, 15:04–16:27, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:00–23:52, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:03–05:55 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में विवाह पंचमी मंगल 1 दिसंबर को क्यों है?

विवाह पंचमी मंगल 1 दिसंबर को है: पञ्चमी दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।

चतुर्थी पञ्चमी 06:09 05:00 07:00 08:00 09:00 मंगल 1 दिसंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:46
चतुर्थी पञ्चमी 06:09 05:00 07:00 08:00 09:00 मंगल 1 दिसंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:46
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

विवाह पंचमी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पञ्चमी दोनों सूर्योदयों पर है, मंगल 1 दिसंबर को 06:46 और बुध 2 दिसंबर को 06:46। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: मंगल 1 दिसंबर। विवाह पंचमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

विवाह पंचमी: Pāthardi में हर तारीख़

मंगल 1 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 48.3° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।

सूर्य अमावस्या 0° 48.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 48.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:46। चतुर्थी उससे पहले 06:09 पर समाप्त हुई। पञ्चमी 08:00 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 26 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पञ्चमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

पञ्चमी यहाँ मंगल 1 और बुध 2 दिसंबर दोनों के सूर्योदय पर है।

चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी मंगल 1 दिसंबर सुबह बुध 2 दिसंबर सुबह Pāthardi IST 06:09 08:00 06:46 पञ्चमी 06:46 पञ्चमी पञ्चमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी मंगल 1 दिसंबर सुबह बुध 2 दिसंबर सुबह Pāthardi IST 06:09 08:00 06:46 पञ्चमी 06:46 पञ्चमी पञ्चमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पञ्चमी 06:09 को, सूर्योदय 06:46 से पहले, शुरू हुई और 08:00 बुध को, अगले सूर्योदय 06:46 बुध के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन पञ्चमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

मंगल 1 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:02–05:54

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:02–05:54।

सूर्यास्त 17:49 सोम सूर्योदय 06:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 30 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:49 सोम सूर्योदय 06:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 30 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 30 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:49 सोम से सूर्योदय 06:46 तक थी, 12 घं 57 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 1 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:56–12:40

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:56–12:40।

मंगल 1 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:59–09:43

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:59–09:43, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:00–23:52।

मंगल 1 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:00–23:52

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:59–09:43, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:00–23:52।

सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:46 से 17:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:59–09:43 और 23:00–23:52।

मंगल 1 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:46–08:09 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:46 से 17:50, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:50 से 06:46 बुध, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 1 दिसंबर को राहुकाल कब है? 15:04–16:27

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:04–16:27।

मंगल 1 दिसंबर को यमगंड कब है? 09:32–10:55

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:32–10:55।

मंगल 1 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 12:18–13:41

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:18–13:41।

सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:46 से 17:50 तक है, 11 घं 4 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 1 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:46

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 17:50, 11 घं 4 मि का दिन।

मंगल 1 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:50

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 17:50, 11 घं 4 मि का दिन।

सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:46 चंद्रोदय 10:24
सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:46 चंद्रोदय 10:24
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 1 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 273.4° पर था: उत्तराषाढा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 273.4° अगला: श्रवण पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 273.4° अगला: श्रवण पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 273°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 19:46 को निकलेगा, श्रवण में।

मंगल 1 दिसंबर को कौन सा योग है? वृद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 498.6° थे, एक चक्कर और 138.6°: वृद्धि।

सूर्य 225.2° + चंद्रमा 273.4° = 498.6° एक चक्कर + 138.6° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 225.2° + चंद्रमा 273.4° = 498.6° एक चक्कर + 138.6° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 225.2° + 273.4° = 498.6°, एक पूरा चक्कर और 138.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 21:30 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।

मंगल 1 दिसंबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 48.3° थी: पञ्चमी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 48.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बव 48°–54° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 48.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बव 48°–54° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 19:08 तक है, जब बढ़त 54° होगी; बालव 08:00 बुध तक।

मंगल 1 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:46, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:46 से 06:46 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 1 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 26 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 26 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

मंगल 1 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल मंगल 1 दिसंबर पूर्णिमा 12 नव॰ अमावस्या 26 नव॰ पूर्णिमा 11 दिस॰ अमावस्या 26 दिस॰
अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल मंगल 1 दिसंबर पूर्णिमा 12 नव॰ अमावस्या 26 नव॰ पूर्णिमा 11 दिस॰ अमावस्या 26 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।

मंगल 1 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2038 · शक 1903

विक्रम संवत 2038 5 अप्रैल 1981 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 5 अप्रैल 1981 01:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 1 दिसंबर सूर्य 225.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 5 अप्रैल 1981 01:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 1 दिसंबर सूर्य 225.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 5 अप्रैल 1981, 01:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 233.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2038 गिनता है; शक संवत 1903।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 1 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:24

चंद्रमा यहाँ 10:24 पर उदय होता है।

मंगल 1 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:46

सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:46 चंद्रोदय 10:24
सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:46 चंद्रोदय 10:24
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:24 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:46 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:24 पर उदय हुआ; वह फिर 21:46 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।