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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग शनि 4 अगस्त 1979

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 21:09 तक

फिर द्वादशी · 18:47 रवि तक

व्रत

श्रावण पुत्रदा एकादशी

पारण समय
06:06⁠–⁠18:47 रवि
रवि 5 अगस्त
व्रत आरंभ
06:06

श्रावण पुत्रदा एकादशी शनि 4 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। शनि 4 अगस्त क्यों?

श्रावण पुत्रदा एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:38 06:06 19:03अगला सूर्योदय 06:06 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:06–07:43कालअशुभ
  • 07:43–09:20शुभ
  • 09:20–10:58रोगअशुभ
  • 10:58–12:35उद्वेगअशुभ
  • 12:35–14:12चरसामान्य
  • 14:12–15:49लाभयमगण्ड में
  • 15:49–17:26अमृतशुभ
  • 17:26–19:03कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:03–20:26लाभशुभ
  • 20:26–21:49उद्वेगअशुभ
  • 21:49–23:12शुभ
  • 23:12–00:35 रविअमृतशुभ
  • 00:35–01:58 रविचरसामान्य
  • 01:58–03:21 रविरोगअशुभ
  • 03:21–04:43 रविकालअशुभ
  • 04:43–06:06 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 4 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:38–05:22, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:06–07:43
  • शुभ, 07:43–09:20
  • रोग, अशुभ, 09:20–10:58
  • उद्वेग, अशुभ, 10:58–12:35
  • चर, सामान्य, 12:35–14:12
  • लाभ, शुभ, 14:12–15:49
  • अमृत, शुभ, 15:49–17:26
  • काल, अशुभ, 17:26–19:03
  • लाभ, शुभ, 19:03–20:26
  • उद्वेग, अशुभ, 20:26–21:49
  • शुभ, 21:49–23:12
  • अमृत, शुभ, 23:12–00:35 रवि
  • चर, सामान्य, 00:35–01:58 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:58–03:21 रवि
  • काल, अशुभ, 03:21–04:43 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:43–06:06 रवि
  • गुलिक काल, 06:06–07:43, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:06–06:58, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:58–07:50, अशुभ
  • राहु काल, 09:20–10:58, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:09–13:01, शुभ
  • यमगण्ड, 14:12–15:49, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:38–05:22 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में श्रावण पुत्रदा एकादशी शनि 4 अगस्त को क्यों है?

श्रावण पुत्रदा एकादशी शनि 4 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

एकादशी 06:06 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 शनि 4 अगस्त स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:30–06:06
एकादशी 06:06 03:00 05:00 07:00 शनि 4 अगस्त स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:30–06:06
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 4 अगस्त को सूर्योदय पर है, 06:06: शनि 4 अगस्त। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 22:49 शुक्र पर, उससे (04:30–06:06) पहले, समाप्त हुई।

श्रावण पुत्रदा एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़

शनि 4 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 123.9° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 123.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 123.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:06। दशमी उससे पहले 22:49 शुक्र पर समाप्त हुई। एकादशी 21:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 24 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शनि 4 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:38–05:22

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:38–05:22।

सूर्यास्त 19:04 शुक्र सूर्योदय 06:06 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 3 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:04 शुक्र सूर्योदय 06:06 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 3 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 3 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:04 शुक्र से सूर्योदय 06:06 तक थी, 11 घं 2 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 4 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:09–13:01

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:09–13:01।

शनि 4 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 06:06–06:58

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:06–06:58 और 06:58–07:50।

शनि 4 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 06:58–07:50

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:06–06:58 और 06:58–07:50।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:06 से 19:03, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:06–06:58 और 06:58–07:50।

शनि 4 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:06–07:43 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:06 से 19:03, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:03 से 06:06 रवि, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 4 अगस्त को राहुकाल कब है? 09:20–10:58

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:20–10:58।

शनि 4 अगस्त को यमगंड कब है? 14:12–15:49

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:12–15:49।

शनि 4 अगस्त को गुलिक काल कब है? 06:06–07:43

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:06–07:43।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:06 से 19:03 तक है, 12 घं 57 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 4 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:06

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 19:03, 12 घं 57 मि का दिन।

शनि 4 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:03

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 19:03, 12 घं 57 मि का दिन।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:58 रवि चंद्रोदय 15:25
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:58 रवि चंद्रोदय 15:25
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 4 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 231.4° पर था: ज्येष्ठा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 231.4° अगला: मूल पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 231.4° अगला: मूल पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 230° पर उसके पद 2 में आया। वह 20:59 को निकलेगा, मूल में।

शनि 4 अगस्त को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 338.9° थे: इन्द्र।

सूर्य 107.5° + चंद्रमा 231.4° = 338.9° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 107.5° + चंद्रमा 231.4° = 338.9° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 107.5° + 231.4° = 338.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 18:42 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

शनि 4 अगस्त को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 123.9° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 123.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 123.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 10:04 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 21:09 तक।

शनि 4 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:06, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:06 से 06:06 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 4 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 24 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 22 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

शनि 4 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल शनि 4 अगस्त पूर्णिमा 10 जुल॰ अमावस्या 24 जुल॰ पूर्णिमा 8 अग॰ अमावस्या 22 अग॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल शनि 4 अगस्त पूर्णिमा 10 जुल॰ अमावस्या 24 जुल॰ पूर्णिमा 8 अग॰ अमावस्या 22 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।

शनि 4 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2036 · शक 1901

विक्रम संवत 2036 28 मार्च 1979 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 1979 08:29 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 4 अगस्त सूर्य 107.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 1979 08:29 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 4 अगस्त सूर्य 107.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 1979, 08:29 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 124.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2036 गिनता है; शक संवत 1901।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 4 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:25

चंद्रमा यहाँ 15:25 पर उदय होता है।

शनि 4 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:58 रवि

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:58 रवि चंद्रोदय 15:25
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:58 रवि चंद्रोदय 15:25
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:25 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:58 रवि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:25 पर उदय हुआ; वह फिर 02:58 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।