Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 26 जुलाई 1977
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
पद्मिनी एकादशी
स्मार्त परंपरा में पद्मिनी एकादशी मंगल 26 जुलाई को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव बुध 27 जुलाई को व्रत रखते हैं। मंगल 26 जुलाई क्यों?
पद्मिनी एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़26 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 26 जुलाई
- 04:36–05:19ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:03 से
- 10:57–12:35लाभ चौघड़िया
-
10:57–11:21अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · अनुराधा में
- 12:09–12:35अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:35–14:13अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:51–17:29शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 19:07 के बाद
- 20:29–21:51लाभ चौघड़िया
- 23:13–23:30शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:13–00:35 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:35–01:57 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:36–05:20 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:03–07:41रोगअशुभ
- 07:41–09:19उद्वेगअशुभ
- 09:19–10:57चरसामान्य
- 10:57–12:35लाभशुभ
- 12:35–14:13अमृतगुलिक काल में
- 14:13–15:51कालअशुभ
- 15:51–17:29शुभराहु काल में
- 17:29–19:07रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:07–20:29कालअशुभ
- 20:29–21:51लाभशुभ
- 21:51–23:13उद्वेगअशुभ
- 23:13–00:35 बुधशुभ
- 00:35–01:57 बुधअमृतशुभ
- 01:57–03:19 बुधचरसामान्य
- 03:19–04:41 बुधरोगअशुभ
- 04:41–06:03 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 26 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:19, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:03–07:41
- उद्वेग, अशुभ, 07:41–09:19
- चर, सामान्य, 09:19–10:57
- लाभ, शुभ, 10:57–12:35
- अमृत, शुभ, 12:35–14:13
- काल, अशुभ, 14:13–15:51
- शुभ, 15:51–17:29
- रोग, अशुभ, 17:29–19:07
- काल, अशुभ, 19:07–20:29
- लाभ, शुभ, 20:29–21:51
- उद्वेग, अशुभ, 21:51–23:13
- शुभ, 23:13–00:35 बुध
- अमृत, शुभ, 00:35–01:57 बुध
- चर, सामान्य, 01:57–03:19 बुध
- रोग, अशुभ, 03:19–04:41 बुध
- काल, अशुभ, 04:41–06:03 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:40–09:32, अशुभ
- यमगण्ड, 09:19–10:57, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:09–13:01, शुभ
- गुलिक काल, 12:35–14:13, अशुभ
- राहु काल, 15:51–17:29, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:30–00:13 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:20 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में पद्मिनी एकादशी मंगल 26 जुलाई को क्यों है?
स्मार्त परंपरा में पद्मिनी एकादशी मंगल 26 जुलाई को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव बुध 27 जुलाई को व्रत रखते हैं।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह मंगल 26 जुलाई को 07:31 पर, उस सूर्योदय (06:03) के बाद, लगती है और बुध 27 जुलाई को 04:39 पर, अगले सूर्योदय (06:03 बुध) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: मंगल 26 जुलाई।
मंगल 26 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 119.2° आगे था: शुक्ल दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:03। नवमी उससे पहले 10:04 सोम पर समाप्त हुई। दशमी 07:31 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 16 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
एकादशी क्षय क्यों है?
एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 07:31 को शुरू हुई और 04:39 बुध को समाप्त, 06:03 और 06:03 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को दशमी है और बुधवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।
मंगल 26 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:36–05:19
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:36–05:19।
सोम 25 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:07 सोम से सूर्योदय 06:03 तक थी, 10 घं 56 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 26 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:09–13:01
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:09–13:01।
मंगल 26 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:40–09:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:40–09:32, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:30–00:13 बुध।
मंगल 26 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:30–00:13 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:40–09:32, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:30–00:13 बुध।
यहाँ दिन, 06:03 से 19:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:40–09:32 और 23:30–00:13 बुध।
मंगल 26 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:03–07:41 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:03 से 19:07, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:07 से 06:03 बुध, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 26 जुलाई को राहुकाल कब है? 15:51–17:29
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:51–17:29।
मंगल 26 जुलाई को यमगंड कब है? 09:19–10:57
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:19–10:57।
मंगल 26 जुलाई को गुलिक काल कब है? 12:35–14:13
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:35–14:13।
यहाँ दिन 06:03 से 19:07 तक है, 13 घं 4 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 26 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:03
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 19:07, 13 घं 4 मि का दिन।
मंगल 26 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 19:07, 13 घं 4 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 26 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 218.6° पर था: अनुराधा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 216°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:26 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
मंगल 26 जुलाई को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 318° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 99.4° + 218.6° = 318°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 09:16 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
मंगल 26 जुलाई को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 119.2° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 20:50 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 07:31 तक है।
मंगल 26 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:03, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:03 से 06:03 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 26 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)
16 जुलाई और 15 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जुलाई 14:06 शनि से 15 अगस्त 03:01 सोम तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 16 अगस्त 18:37 मंगल को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।
मंगल 26 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण (अधिक) है।
मंगल 26 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2034 · शक 1899
विक्रम संवत 2034 20 मार्च 1977 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 1977, 00:02 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 123.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2034 गिनता है; शक संवत 1899।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 26 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:05
चंद्रमा यहाँ 15:05 पर उदय होता है।
मंगल 26 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:39 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:05 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:39 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:05 पर उदय हुआ; वह फिर 02:39 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।