Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग शनि 6 मई 1972
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
कृष्ण पक्ष · 06:01 तक
फिर अष्टमी · 05:40 रवि तक
यहाँ कोई दिन अष्टमी नहीं कारण जानें सप्तमी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें6 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 6 मई
- 04:29–05:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:58 से
- 07:41–09:12शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
08:36–09:12अमृत कालराहु काल छोड़कर · श्रवण में
- 12:00–12:51अभिजीत मुहूर्त
- 14:02–15:39लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:39–17:16अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:53 के बाद
- 18:53–20:16लाभ चौघड़िया
- 21:39–23:02शुभ चौघड़िया
- 23:02–00:25 रविअमृत चौघड़िया
- 04:34–05:57 रविलाभ चौघड़िया
- 04:29–05:13 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:58–07:35कालअशुभ
- 07:35–09:12शुभ
- 09:12–10:49रोगअशुभ
- 10:49–12:25उद्वेगअशुभ
- 12:25–14:02चरसामान्य
- 14:02–15:39लाभयमगण्ड में
- 15:39–17:16अमृतशुभ
- 17:16–18:53कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:53–20:16लाभशुभ
- 20:16–21:39उद्वेगअशुभ
- 21:39–23:02शुभ
- 23:02–00:25 रविअमृतशुभ
- 00:25–01:48 रविचरसामान्य
- 01:48–03:11 रविरोगअशुभ
- 03:11–04:34 रविकालअशुभ
- 04:34–05:57 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 6 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:14, शुभ
- काल, अशुभ, 05:58–07:35
- शुभ, 07:35–09:12
- रोग, अशुभ, 09:12–10:49
- उद्वेग, अशुभ, 10:49–12:25
- चर, सामान्य, 12:25–14:02
- लाभ, शुभ, 14:02–15:39
- अमृत, शुभ, 15:39–17:16
- काल, अशुभ, 17:16–18:53
- लाभ, शुभ, 18:53–20:16
- उद्वेग, अशुभ, 20:16–21:39
- शुभ, 21:39–23:02
- अमृत, शुभ, 23:02–00:25 रवि
- चर, सामान्य, 00:25–01:48 रवि
- रोग, अशुभ, 01:48–03:11 रवि
- काल, अशुभ, 03:11–04:34 रवि
- लाभ, शुभ, 04:34–05:57 रवि
- गुलिक काल, 05:58–07:35, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:58–06:50, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:50–07:41, अशुभ
- राहु काल, 09:12–10:49, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:00–12:51, शुभ
- यमगण्ड, 14:02–15:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:13 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 6 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 263.9° आगे था: कृष्ण सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:58। षष्ठी उससे पहले 05:38 शुक्र पर समाप्त हुई। सप्तमी 06:01 को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 28 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अष्टमी क्षय क्यों है?
अष्टमी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अष्टमी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अष्टमी 06:01 को शुरू हुई और 05:40 रवि को समाप्त, 05:58 और 05:57 रवि के सूर्योदयों के बीच। शनिवार को सप्तमी है और रविवार को नवमी: अष्टमी यहाँ क्षय तिथि है।
सप्तमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
सप्तमी यहाँ शुक्र 5 और शनि 6 मई दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। सप्तमी 05:38 शुक्र को, सूर्योदय 05:58 शुक्र से पहले, शुरू हुई और 06:01 को, अगले सूर्योदय 05:58 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन सप्तमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
शनि 6 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:29–05:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:29–05:14।
शुक्र 5 मई की रात सूर्यास्त 18:53 शुक्र से सूर्योदय 05:58 तक थी, 11 घं 5 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 6 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:00–12:51
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:00–12:51।
शनि 6 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 05:58–06:50
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:58–06:50 और 06:50–07:41।
शनि 6 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:50–07:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:58–06:50 और 06:50–07:41।
यहाँ दिन, 05:58 से 18:53, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:58–06:50 और 06:50–07:41।
शनि 6 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:58–07:35 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:58 से 18:53, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:53 से 05:57 रवि, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 6 मई को राहुकाल कब है? 09:12–10:49
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:12–10:49।
शनि 6 मई को यमगंड कब है? 14:02–15:39
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:02–15:39।
शनि 6 मई को गुलिक काल कब है? 05:58–07:35
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:58–07:35।
यहाँ दिन 05:58 से 18:53 तक है, 12 घं 55 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 6 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:53, 12 घं 55 मि का दिन।
शनि 6 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:53
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:53, 12 घं 55 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 6 मई को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 286.1° पर था: श्रवण, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 283°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:17 को निकलेगा, धनिष्ठा में।
शनि 6 मई को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 308.2° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 22.1° + 286.1° = 308.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 02:05 रवि को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
शनि 6 मई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 263.9° थी: सप्तमी का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 17:55 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 258° हुई; बव 06:01 तक है।
शनि 6 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:58, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:58 से 05:57 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 6 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख (अधिक)
14 अप्रैल और 13 मई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक वैशाख।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 14 अप्रैल 02:00 शुक्र से 13 मई 09:38 शनि तक सूर्य मेष में रहा; वृषभ में वह अमावस्या के बाद 14 मई 09:56 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक वैशाख है, जो वैशाख से पहले आता है।
शनि 6 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख (अधिक) है, और अमान्त गणना में वैशाख (अधिक)।
शनि 6 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2029 · शक 1894
विक्रम संवत 2029 15 मार्च 1972 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 1972, 17:04 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 50.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2029 गिनता है; शक संवत 1894।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 6 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:16 रवि
चंद्रमा यहाँ 01:16 रवि पर उदय होता है।
शनि 6 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 12:09
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:09 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:16 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:09 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:16 रवि पर उदय होगा।