tithika
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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 2 जुलाई 1969

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

1970 से पहले के समय UTC+5:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 14:23 तक

फिर चतुर्थी · 11:28 गुरु तक

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
21:49

संकष्टी चतुर्थी बुध 2 जुलाई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। बुध 2 जुलाई क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:29 05:55 19:11अगला सूर्योदय 05:55 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:55–07:34लाभशुभ
  • 07:34–09:14अमृतयमगण्ड में
  • 09:14–10:53कालअशुभ
  • 10:53–12:33शुभगुलिक काल में
  • 12:33–14:12रोगअशुभ
  • 14:12–15:52उद्वेगअशुभ
  • 15:52–17:31चरसामान्य
  • 17:31–19:11लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:11–20:31उद्वेगअशुभ
  • 20:31–21:52शुभ
  • 21:52–23:12अमृतशुभ
  • 23:12–00:33 गुरुचरसामान्य
  • 00:33–01:53 गुरुरोगअशुभ
  • 01:53–03:14 गुरुकालअशुभ
  • 03:14–04:34 गुरुलाभशुभ
  • 04:34–05:55 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 2 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:12, शुभ
  • लाभ, शुभ, 05:55–07:34
  • अमृत, शुभ, 07:34–09:14
  • काल, अशुभ, 09:14–10:53
  • शुभ, 10:53–12:33
  • रोग, अशुभ, 12:33–14:12
  • उद्वेग, अशुभ, 14:12–15:52
  • चर, सामान्य, 15:52–17:31
  • लाभ, शुभ, 17:31–19:11
  • उद्वेग, अशुभ, 19:11–20:31
  • शुभ, 20:31–21:52
  • अमृत, शुभ, 21:52–23:12
  • चर, सामान्य, 23:12–00:33 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:33–01:53 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:53–03:14 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:14–04:34 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:34–05:55 गुरु
  • यमगण्ड, 07:34–09:14, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:53–12:33, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:06–12:59, अशुभ
  • राहु काल, 12:33–14:12, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:12 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में संकष्टी चतुर्थी बुध 2 जुलाई को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी बुध 2 जुलाई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

चतुर्थी 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 बुध 2 जुलाई स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 21:49
चतुर्थी 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 बुध 2 जुलाई स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 21:49
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी बुध 2 जुलाई को 14:23 से गुरु 3 जुलाई को 11:28 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल बुध 2 जुलाई को है, 21:49 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Pāthardi में हर तारीख़

बुध 2 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 211.1° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 211.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 211.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:55। द्वितीया उससे पहले 17:49 मंगल पर समाप्त हुई। तृतीया 14:23 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 30 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

बुध 2 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:29–05:12

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:29–05:12।

सूर्यास्त 19:10 मंगल सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 1 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:10 मंगल सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 1 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 1 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:10 मंगल से सूर्योदय 05:55 तक थी, 10 घं 45 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 2 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:06–12:59

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:06–12:59।

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:55 से 19:11, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:06–12:59: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 2 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:55–07:34 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:55 से 19:11, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:11 से 05:55 गुरु, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 2 जुलाई को राहुकाल कब है? 12:33–14:12

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:33–14:12।

बुध 2 जुलाई को यमगंड कब है? 07:34–09:14

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:34–09:14।

बुध 2 जुलाई को गुलिक काल कब है? 10:53–12:33

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:53–12:33।

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 05:55 से 19:11 तक है, 13 घं 16 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 2 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:55

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 19:11, 13 घं 16 मि का दिन।

बुध 2 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:11

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 19:11, 13 घं 16 मि का दिन।

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:23 चंद्रोदय 21:49
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:23 चंद्रोदय 21:49
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 2 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण

सूर्योदय पर चंद्रमा 287.6° पर था: श्रवण, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 287.6° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 287.6° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 286°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:10 को निकलेगा, धनिष्ठा में।

बुध 2 जुलाई को कौन सा योग है? विष्कम्भ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 364.1° थे, एक चक्कर और 4.1°: विष्कम्भ।

सूर्य 76.5° + चंद्रमा 287.6° = 364.1° एक चक्कर + 4.1° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 76.5° + चंद्रमा 287.6° = 364.1° एक चक्कर + 4.1° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 76.5° + 287.6° = 364.1°, एक पूरा चक्कर और 4.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 19:55 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।

बुध 2 जुलाई को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 211.1° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 211.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 211.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 04:03 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 14:23 तक है।

बुध 2 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:55, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:55 से 05:55 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 2 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)

15 जून और 14 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 जून 04:38 रवि से 14 जुलाई 19:41 सोम तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 16 जुलाई 09:10 बुध को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।

बुध 2 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।

अमान्त आषाढ़ (अधिक) पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल बुध 2 जुलाई अमावस्या 15 जून पूर्णिमा 30 जून अमावस्या 14 जुल॰ पूर्णिमा 29 जुल॰
अमान्त आषाढ़ (अधिक) पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल बुध 2 जुलाई अमावस्या 15 जून पूर्णिमा 30 जून अमावस्या 14 जुल॰ पूर्णिमा 29 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ (अधिक) है, और अमान्त गणना में आषाढ़ (अधिक)।

बुध 2 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2026 · शक 1891

विक्रम संवत 2026 18 मार्च 1969 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 18 मार्च 1969 10:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 2 जुलाई सूर्य 76.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 18 मार्च 1969 10:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 2 जुलाई सूर्य 76.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 1969, 10:21 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 102.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2026 गिनता है; शक संवत 1891।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 2 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:49

चंद्रमा यहाँ 21:49 पर उदय होता है।

बुध 2 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:23

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:23 चंद्रोदय 21:49
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:11 सूर्योदय 05:55 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:23 चंद्रोदय 21:49
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:23 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:49 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:23 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:49 पर उदय होगा।