Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 10 जुलाई 1968
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
1970 से पहले के समय UTC+5:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
गुरु पूर्णिमा
गुरु पूर्णिमा बुध 10 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। बुध 10 जुलाई क्यों?
गुरु पूर्णिमा: Pāthardi में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा बुध 10 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। बुध 10 जुलाई क्यों?
पूर्णिमा: Pāthardi में हर तारीख़10 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 10 जुलाई
- 04:31–05:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:57 से
- 05:57–07:36लाभ चौघड़िया
- 07:36–09:16अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:55–12:34शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:31–19:11लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:11 के बाद
- 20:31–21:52शुभ चौघड़िया
- 21:52–23:13अमृत चौघड़िया
- 03:16–04:37 गुरुलाभ चौघड़िया
-
04:21–05:49 गुरुअमृत कालउत्तराषाढा में
- 04:31–05:14 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:57–07:36लाभशुभ
- 07:36–09:16अमृतयमगण्ड में
- 09:16–10:55कालअशुभ
- 10:55–12:34शुभगुलिक काल में
- 12:34–14:13रोगअशुभ
- 14:13–15:52उद्वेगअशुभ
- 15:52–17:31चरसामान्य
- 17:31–19:11लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:11–20:31उद्वेगअशुभ
- 20:31–21:52शुभ
- 21:52–23:13अमृतशुभ
- 23:13–00:34 गुरुचरसामान्य
- 00:34–01:55 गुरुरोगअशुभ
- 01:55–03:16 गुरुकालअशुभ
- 03:16–04:37 गुरुलाभशुभ
- 04:37–05:58 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 10 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:14, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:57–07:36
- अमृत, शुभ, 07:36–09:16
- काल, अशुभ, 09:16–10:55
- शुभ, 10:55–12:34
- रोग, अशुभ, 12:34–14:13
- उद्वेग, अशुभ, 14:13–15:52
- चर, सामान्य, 15:52–17:31
- लाभ, शुभ, 17:31–19:11
- उद्वेग, अशुभ, 19:11–20:31
- शुभ, 20:31–21:52
- अमृत, शुभ, 21:52–23:13
- चर, सामान्य, 23:13–00:34 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:34–01:55 गुरु
- काल, अशुभ, 01:55–03:16 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:16–04:37 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:37–05:58 गुरु
- यमगण्ड, 07:36–09:16, अशुभ
- गुलिक काल, 10:55–12:34, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:07–13:00, अशुभ
- राहु काल, 12:34–14:13, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:14 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में गुरु पूर्णिमा बुध 10 जुलाई को क्यों है?
गुरु पूर्णिमा बुध 10 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
गुरु पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा मंगल 9 जुलाई को 12:05 से बुध 10 जुलाई को 08:47 तक है, इसलिए वह केवल बुध 10 जुलाई के सूर्योदय (05:57) पर है। गुरु पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Pāthardi में पूर्णिमा बुध 10 जुलाई को क्यों है?
पूर्णिमा बुध 10 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा मंगल 9 जुलाई को 12:05 से बुध 10 जुलाई को 08:47 तक है, इसलिए वह केवल बुध 10 जुलाई के सूर्योदय (05:57) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 10 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 178.4° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:57। चतुर्दशी उससे पहले 12:05 मंगल पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 08:47 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 26 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
प्रतिपदा क्षय क्यों है?
प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 08:47 को शुरू हुई और 05:48 गुरु को समाप्त, 05:57 और 05:58 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को पूर्णिमा है और गुरुवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।
बुध 10 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:31–05:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:31–05:14।
मंगल 9 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:11 मंगल से सूर्योदय 05:57 तक थी, 10 घं 46 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 10 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:07–13:00
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:07–13:00।
यहाँ दिन, 05:57 से 19:11, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:07–13:00: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 10 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:57–07:36 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:57 से 19:11, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:11 से 05:58 गुरु, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 10 जुलाई को राहुकाल कब है? 12:34–14:13
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:34–14:13।
बुध 10 जुलाई को यमगंड कब है? 07:36–09:16
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:36–09:16।
बुध 10 जुलाई को गुलिक काल कब है? 10:55–12:34
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:55–12:34।
यहाँ दिन 05:57 से 19:11 तक है, 13 घं 14 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 10 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 19:11, 13 घं 14 मि का दिन।
बुध 10 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 19:11, 13 घं 14 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 14 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 14 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 10 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 262.8° पर था: पूर्वाषाढा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 260° पर उसके पद 3 में आया। वह 12:18 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
बुध 10 जुलाई को कौन सा योग है? वैधृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 347.2° थे: वैधृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 84.4° + 262.8° = 347.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 01:39 गुरु को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।
बुध 10 जुलाई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 178.4° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 22:24 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 08:47 तक है।
बुध 10 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:57, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:57 से 05:58 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 10 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 26 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 25 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
बुध 10 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।
बुध 10 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2025 · शक 1890
विक्रम संवत 2025 29 मार्च 1968 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 1968, 04:17 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 99.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2025 गिनता है; शक संवत 1890।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 10 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:45
चंद्रमा यहाँ 19:45 पर उदय होता है।
चंद्रमा 19:45 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।