Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग शनि 27 अगस्त 1955
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
1970 से पहले के समय UTC+5:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
शुक्ल पक्ष · 08:37 रवि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें दशमी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें27 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 27 अगस्त
- 04:41–05:27ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:12 से
- 07:53–09:21शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:05–12:56अभिजीत मुहूर्त
- 14:05–15:39लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:39–17:14अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:48 के बाद
- 18:48–20:14लाभ चौघड़िया
- 21:39–23:05शुभ चौघड़िया
- 23:05–00:30 रविअमृत चौघड़िया
- 04:47–06:12 रविलाभ चौघड़िया
- 04:41–05:27 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:12–07:47कालअशुभ
- 07:47–09:21शुभ
- 09:21–10:56रोगअशुभ
- 10:56–12:30उद्वेगअशुभ
- 12:30–14:05चरसामान्य
- 14:05–15:39लाभयमगण्ड में
- 15:39–17:14अमृतशुभ
- 17:14–18:48कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:48–20:14लाभशुभ
- 20:14–21:39उद्वेगअशुभ
- 21:39–23:05शुभ
- 23:05–00:30 रविअमृतशुभ
- 00:30–01:56 रविचरसामान्य
- 01:56–03:21 रविरोगअशुभ
- 03:21–04:47 रविकालअशुभ
- 04:47–06:12 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 27 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:27, शुभ
- काल, अशुभ, 06:12–07:47
- शुभ, 07:47–09:21
- रोग, अशुभ, 09:21–10:56
- उद्वेग, अशुभ, 10:56–12:30
- चर, सामान्य, 12:30–14:05
- लाभ, शुभ, 14:05–15:39
- अमृत, शुभ, 15:39–17:14
- काल, अशुभ, 17:14–18:48
- लाभ, शुभ, 18:48–20:14
- उद्वेग, अशुभ, 20:14–21:39
- शुभ, 21:39–23:05
- अमृत, शुभ, 23:05–00:30 रवि
- चर, सामान्य, 00:30–01:56 रवि
- रोग, अशुभ, 01:56–03:21 रवि
- काल, अशुभ, 03:21–04:47 रवि
- लाभ, शुभ, 04:47–06:12 रवि
- गुलिक काल, 06:12–07:47, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:12–07:03, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:03–07:53, अशुभ
- राहु काल, 09:21–10:56, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:05–12:56, शुभ
- यमगण्ड, 14:05–15:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:27 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 27 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 108° आगे था: शुक्ल दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:12। नवमी उससे पहले 06:10 पर समाप्त हुई। दशमी 08:37 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 18 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
दशमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
दशमी यहाँ शनि 27 और रवि 28 अगस्त दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। दशमी 06:10 को, सूर्योदय 06:12 से पहले, शुरू हुई और 08:37 रवि को, अगले सूर्योदय 06:12 रवि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन दशमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में नवमी क्यों है?
नई दिल्ली में नवमी है, Pāthardi में दशमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:56, नवमी की समाप्ति 06:10 से पहले हुआ: यह दिन नवमी है।
Pāthardi · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:12, नवमी की समाप्ति 06:10 के बाद हुआ: यह दिन दशमी है।
शनि 27 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:41–05:27
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:41–05:27।
शुक्र 26 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:49 शुक्र से सूर्योदय 06:12 तक थी, 11 घं 23 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 27 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:05–12:56
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:05–12:56।
शनि 27 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 06:12–07:03
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:12–07:03 और 07:03–07:53।
शनि 27 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 07:03–07:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:12–07:03 और 07:03–07:53।
यहाँ दिन, 06:12 से 18:48, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:12–07:03 और 07:03–07:53।
शनि 27 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:12–07:47 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:12 से 18:48, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:48 से 06:12 रवि, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 27 अगस्त को राहुकाल कब है? 09:21–10:56
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:21–10:56।
शनि 27 अगस्त को यमगंड कब है? 14:05–15:39
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:05–15:39।
शनि 27 अगस्त को गुलिक काल कब है? 06:12–07:47
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:12–07:47।
यहाँ दिन 06:12 से 18:48 तक है, 12 घं 36 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 27 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:12
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 18:48, 12 घं 36 मि का दिन।
शनि 27 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:48
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 18:48, 12 घं 36 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 27 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 237.8° पर था: ज्येष्ठा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 236°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:44 को निकलेगा, मूल में।
शनि 27 अगस्त को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 367.5° थे, एक चक्कर और 7.5°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 129.7° + 237.8° = 367.5°, एक पूरा चक्कर और 7.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 17:07 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
शनि 27 अगस्त को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 108° थी: दशमी का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 19:25 तक है, जब बढ़त 114° होगी; गर 08:37 रवि तक।
शनि 27 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:12, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:12 से 06:12 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 27 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद (अधिक)
18 अगस्त और 16 सितंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक भाद्रपद।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 18 अगस्त 01:28 गुरु से 16 सितंबर 11:49 शुक्र तक सूर्य सिंह में रहा; कन्या में वह अमावस्या के बाद 17 सितंबर 03:16 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक भाद्रपद है, जो भाद्रपद से पहले आता है।
शनि 27 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद (अधिक) है।
शनि 27 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2012 · शक 1877
विक्रम संवत 2012 24 मार्च 1955 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1955, 09:12 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 150.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2012 गिनता है; शक संवत 1877।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 27 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:23
चंद्रमा यहाँ 14:23 पर उदय होता है।
शनि 27 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:36 रवि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:23 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:36 रवि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:23 पर उदय हुआ; वह फिर 01:36 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।