tithika
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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 17 दिसंबर 1952

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

1970 से पहले के समय UTC+5:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 07:32 तक

फिर प्रतिपदा · 05:08 गुरु तक

यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं कारण जानें

व्रत

अमावस्या

अमावस्या बुध 17 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 17 दिसंबर क्यों?

अमावस्या: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:11 06:55 17:54अगला सूर्योदय 06:56 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:55–08:18लाभशुभ
  • 08:18–09:40अमृतयमगण्ड में
  • 09:40–11:02कालअशुभ
  • 11:02–12:25शुभगुलिक काल में
  • 12:25–13:47रोगअशुभ
  • 13:47–15:10उद्वेगअशुभ
  • 15:10–16:32चरसामान्य
  • 16:32–17:54लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:54–19:32उद्वेगअशुभ
  • 19:32–21:10शुभ
  • 21:10–22:47अमृतशुभ
  • 22:47–00:25 गुरुचरसामान्य
  • 00:25–02:03 गुरुरोगअशुभ
  • 02:03–03:41 गुरुकालअशुभ
  • 03:41–05:18 गुरुलाभशुभ
  • 05:18–06:56 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 17 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:11–06:03, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:55–08:18
  • अमृत, शुभ, 08:18–09:40
  • काल, अशुभ, 09:40–11:02
  • शुभ, 11:02–12:25
  • रोग, अशुभ, 12:25–13:47
  • उद्वेग, अशुभ, 13:47–15:10
  • चर, सामान्य, 15:10–16:32
  • लाभ, शुभ, 16:32–17:54
  • उद्वेग, अशुभ, 17:54–19:32
  • शुभ, 19:32–21:10
  • अमृत, शुभ, 21:10–22:47
  • चर, सामान्य, 22:47–00:25 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:25–02:03 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:03–03:41 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:41–05:18 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 05:18–06:56 गुरु
  • यमगण्ड, 08:18–09:40, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:02–12:25, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:03–12:47, अशुभ
  • राहु काल, 12:25–13:47, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:12–06:04 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में अमावस्या बुध 17 दिसंबर को क्यों है?

अमावस्या बुध 17 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 मंगल 16 दिसंबर सूर्योदय 06:55
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 मंगल 16 दिसंबर सूर्योदय 06:55
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 16 दिसंबर को 09:34 से बुध 17 दिसंबर को 07:32 तक है, इसलिए वह केवल बुध 17 दिसंबर के सूर्योदय (06:55) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Pāthardi में हर तारीख़

बुध 17 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359.7° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 359.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:55। चतुर्दशी उससे पहले 09:34 मंगल पर समाप्त हुई। अमावस्या 07:32 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 1 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

प्रतिपदा क्षय क्यों है?

प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया बुध 17 दिसंबर सुबह गुरु 18 दिसंबर सुबह Pāthardi IST 07:32 05:08 06:55 अमावस्या 06:56 द्वितीया प्रतिपदा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया बुध 17 दिसंबर सुबह गुरु 18 दिसंबर सुबह Pāthardi IST 07:32 05:08 06:55 अमावस्या 06:56 द्वितीया प्रतिपदा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 07:32 को शुरू हुई और 05:08 गुरु को समाप्त, 06:55 और 06:56 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को अमावस्या है और गुरुवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।

बुध 17 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:11–06:03

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:11–06:03।

सूर्यास्त 17:54 मंगल सूर्योदय 06:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 16 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:54 मंगल सूर्योदय 06:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 16 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 16 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:54 मंगल से सूर्योदय 06:55 तक थी, 13 घं 1 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 17 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:03–12:47

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:03–12:47।

सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:55 से 17:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:03–12:47: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 17 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:55–08:18 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:55 से 17:54, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:54 से 06:56 गुरु, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 17 दिसंबर को राहुकाल कब है? 12:25–13:47

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:25–13:47।

बुध 17 दिसंबर को यमगंड कब है? 08:18–09:40

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:18–09:40।

बुध 17 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 11:02–12:25

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:02–12:25।

सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:55 से 17:54 तक है, 10 घं 59 मि। इसे 1 घं 22 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 17 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:55

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:55, सूर्यास्त 17:54, 10 घं 59 मि का दिन।

बुध 17 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:55, सूर्यास्त 17:54, 10 घं 59 मि का दिन।

सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:09 चंद्रोदय 07:05
सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:09 चंद्रोदय 07:05
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 17 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? मूल

सूर्योदय पर चंद्रमा 241.5° पर था: मूल, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° मूल चंद्रमा 241.5° अगला: पूर्वाषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मूल चंद्रमा 241.5° अगला: पूर्वाषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 240° पर उसके पद 1 में आया। वह 02:41 गुरु को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।

बुध 17 दिसंबर को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 483.4° थे, एक चक्कर और 123.4°: गण्ड।

सूर्य 241.9° + चंद्रमा 241.5° = 483.4° एक चक्कर + 123.4° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 241.9° + चंद्रमा 241.5° = 483.4° एक चक्कर + 123.4° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 241.9° + 241.5° = 483.4°, एक पूरा चक्कर और 123.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 22:29 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

बुध 17 दिसंबर को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 359.7° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 359.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 20:36 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 07:32 तक है।

बुध 17 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:55, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:55 से 06:56 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 17 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 17 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 17 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

बुध 17 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।

अमान्त पूर्णिमान्त पौष मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल बुध 17 दिसंबर अमावस्या 17 नव॰ पूर्णिमा 1 दिस॰ अमावस्या 17 दिस॰ पूर्णिमा 31 दिस॰
अमान्त पूर्णिमान्त पौष मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल बुध 17 दिसंबर अमावस्या 17 नव॰ पूर्णिमा 1 दिस॰ अमावस्या 17 दिस॰ पूर्णिमा 31 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।

बुध 17 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2009 · शक 1874

विक्रम संवत 2009 26 मार्च 1952 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 1952 01:42 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 17 दिसंबर सूर्य 241.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 1952 01:42 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 17 दिसंबर सूर्य 241.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 1952, 01:42 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 260° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2009 गिनता है; शक संवत 1874।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 17 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:05

चंद्रमा यहाँ 07:05 पर उदय होता है।

बुध 17 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:09

सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:09 चंद्रोदय 07:05
सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:09 चंद्रोदय 07:05
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:05 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:09 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:05 पर उदय हुआ; वह फिर 18:09 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।