tithika
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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग रवि 5 अगस्त 1945

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+6:30 में

1970 से पहले के समय UTC+6:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 08:58 तक

फिर त्रयोदशी · 07:56 सोम तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
20:03⁠–⁠22:16
प्रदोष काल 20:03⁠–⁠22:16

प्रदोष व्रत रवि 5 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। रवि 5 अगस्त क्यों?

प्रदोष व्रत: Pāthardi में हर तारीख़

व्रत का पारण

कामिका एकादशी

पारण रवि 5 अगस्त, 07:06⁠–⁠08:58
कामिका एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:38 07:06 20:03अगला सूर्योदय 07:07 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:06–08:43उद्वेगअशुभ
  • 08:43–10:20चरसामान्य
  • 10:20–11:57लाभशुभ
  • 11:57–13:35अमृतशुभ
  • 13:35–15:12कालअशुभ
  • 15:12–16:49शुभ
  • 16:49–18:26रोगअशुभ
  • 18:26–20:03उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:03–21:26शुभ
  • 21:26–22:49अमृतशुभ
  • 22:49–00:12 सोमचरसामान्य
  • 00:12–01:35 सोमरोगअशुभ
  • 01:35–02:58 सोमकालअशुभ
  • 02:58–04:21 सोमलाभशुभ
  • 04:21–05:44 सोमउद्वेगअशुभ
  • 05:44–07:07 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 5 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 05:38–06:22, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 07:06–08:43
  • चर, सामान्य, 08:43–10:20
  • लाभ, शुभ, 10:20–11:57
  • अमृत, शुभ, 11:57–13:35
  • काल, अशुभ, 13:35–15:12
  • शुभ, 15:12–16:49
  • रोग, अशुभ, 16:49–18:26
  • उद्वेग, अशुभ, 18:26–20:03
  • शुभ, 20:03–21:26
  • अमृत, शुभ, 21:26–22:49
  • चर, सामान्य, 22:49–00:12 सोम
  • रोग, अशुभ, 00:12–01:35 सोम
  • काल, अशुभ, 01:35–02:58 सोम
  • लाभ, शुभ, 02:58–04:21 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 04:21–05:44 सोम
  • शुभ, 05:44–07:07 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:09–14:00, शुभ
  • यमगण्ड, 13:35–15:12, अशुभ
  • गुलिक काल, 16:49–18:26, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 18:19–19:11, अशुभ
  • राहु काल, 18:26–20:03, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:38–06:22 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में प्रदोष व्रत रवि 5 अगस्त को क्यों है?

प्रदोष व्रत रवि 5 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 शनि 4 अगस्त प्रदोष काल 20:03–22:16
द्वादशी 19:00 21:00 23:00 शनि 4 अगस्त प्रदोष काल 20:03–22:16
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी रवि 5 अगस्त को 08:58 से सोम 6 अगस्त को 07:56 तक है, इसलिए केवल रविवार का प्रदोष काल (20:03–22:16) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Pāthardi में हर तारीख़

रवि 5 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 323° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 323.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 323.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:06। एकादशी उससे पहले 10:18 शनि पर समाप्त हुई। द्वादशी 08:58 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 25 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

रवि 5 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:38–06:22

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:38–06:22।

सूर्यास्त 20:03 शनि सूर्योदय 07:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 4 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:03 शनि सूर्योदय 07:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 4 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 4 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:03 शनि से सूर्योदय 07:06 तक थी, 11 घं 3 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 5 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:09–14:00

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:09–14:00।

रवि 5 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 18:19–19:11

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 18:19–19:11।

सूर्योदय 07:06 सूर्यास्त 20:03 सूर्योदय 07:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 07:06 सूर्यास्त 20:03 सूर्योदय 07:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 07:06 से 20:03, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 18:19–19:11।

रवि 5 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:06–08:43 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:06 सूर्यास्त 20:03 सूर्योदय 07:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 07:06 सूर्यास्त 20:03 सूर्योदय 07:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:06 से 20:03, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:03 से 07:07 सोम, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 5 अगस्त को राहुकाल कब है? 18:26–20:03

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 18:26–20:03।

रवि 5 अगस्त को यमगंड कब है? 13:35–15:12

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:35–15:12।

रवि 5 अगस्त को गुलिक काल कब है? 16:49–18:26

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:49–18:26।

सूर्योदय 07:06 सूर्यास्त 20:03 सूर्योदय 07:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:06 सूर्यास्त 20:03 सूर्योदय 07:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 07:06 से 20:03 तक है, 12 घं 57 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 5 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 07:06

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:06, सूर्यास्त 20:03, 12 घं 57 मि का दिन।

रवि 5 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:03

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:06, सूर्यास्त 20:03, 12 घं 57 मि का दिन।

सूर्योदय 07:06 सूर्यास्त 20:03 सूर्योदय 07:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:57 चंद्रोदय 05:16 सोम
सूर्योदय 07:06 सूर्यास्त 20:03 सूर्योदय 07:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:57 चंद्रोदय 05:16 सोम
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 5 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 72.2° पर था: आर्द्रा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 72.2° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 72.2° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 70° पर उसके पद 2 में आया। वह 21:00 को निकलेगा, पुनर्वसु में।

रवि 5 अगस्त को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 181.3° थे: हर्षण।

सूर्य 109.1° + चंद्रमा 72.2° = 181.3° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 109.1° + चंद्रमा 72.2° = 181.3° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 109.1° + 72.2° = 181.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 16:00 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

रवि 5 अगस्त को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 323° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 323.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 323.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 21:36 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 318° हुई; तैतिल 08:58 तक है।

रवि 5 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 07:06, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 07:06 सूर्यास्त 20:03 सूर्योदय 07:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 07:06 सूर्यास्त 20:03 सूर्योदय 07:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:06 से 07:07 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 5 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 9 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 8 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

रवि 5 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल रवि 5 अगस्त अमावस्या 9 जुल॰ पूर्णिमा 25 जुल॰ अमावस्या 8 अग॰ पूर्णिमा 23 अग॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल रवि 5 अगस्त अमावस्या 9 जुल॰ पूर्णिमा 25 जुल॰ अमावस्या 8 अग॰ पूर्णिमा 23 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।

रवि 5 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2002 · शक 1867

विक्रम संवत 2002 14 मार्च 1945 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 14 मार्च 1945 10:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 5 अगस्त सूर्य 109.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 14 मार्च 1945 10:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 5 अगस्त सूर्य 109.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 14 मार्च 1945, 10:20 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 139° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2002 गिनता है; शक संवत 1867।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 5 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:16 सोम

चंद्रमा यहाँ 05:16 सोम पर उदय होता है।

रवि 5 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:57

सूर्योदय 07:06 सूर्यास्त 20:03 सूर्योदय 07:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:57 चंद्रोदय 05:16 सोम
सूर्योदय 07:06 सूर्यास्त 20:03 सूर्योदय 07:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:57 चंद्रोदय 05:16 सोम
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:57 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:16 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:57 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:16 सोम पर उदय होगा।