Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 19 जून 1945
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+6:30 में
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19 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 19 जून
- 05:25–06:08ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:51 से
-
06:57–08:45अमृत कालहस्त में
- 11:50–13:30लाभ चौघड़िया
- 13:03–13:30अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 13:30–15:09अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:49–18:29शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 20:08 के बाद
- 21:29–22:49लाभ चौघड़िया
- 00:10–00:26 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:08–01:30 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:30–02:50 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:26–06:08 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:51–08:31रोगअशुभ
- 08:31–10:10उद्वेगअशुभ
- 10:10–11:50चरसामान्य
- 11:50–13:30लाभशुभ
- 13:30–15:09अमृतगुलिक काल में
- 15:09–16:49कालअशुभ
- 16:49–18:29शुभराहु काल में
- 18:29–20:08रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:08–21:29कालअशुभ
- 21:29–22:49लाभशुभ
- 22:49–00:10 बुधउद्वेगअशुभ
- 00:10–01:30 बुधशुभ
- 01:30–02:50 बुधअमृतशुभ
- 02:50–04:11 बुधचरसामान्य
- 04:11–05:31 बुधरोगअशुभ
- 05:31–06:51 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 19 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 05:25–06:08, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:51–08:31
- उद्वेग, अशुभ, 08:31–10:10
- चर, सामान्य, 10:10–11:50
- लाभ, शुभ, 11:50–13:30
- अमृत, शुभ, 13:30–15:09
- काल, अशुभ, 15:09–16:49
- शुभ, 16:49–18:29
- रोग, अशुभ, 18:29–20:08
- काल, अशुभ, 20:08–21:29
- लाभ, शुभ, 21:29–22:49
- उद्वेग, अशुभ, 22:49–00:10 बुध
- शुभ, 00:10–01:30 बुध
- अमृत, शुभ, 01:30–02:50 बुध
- चर, सामान्य, 02:50–04:11 बुध
- रोग, अशुभ, 04:11–05:31 बुध
- काल, अशुभ, 05:31–06:51 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:31–10:24, अशुभ
- यमगण्ड, 10:10–11:50, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:03–13:56, शुभ
- गुलिक काल, 13:30–15:09, अशुभ
- राहु काल, 16:49–18:29, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 00:26–01:08 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:26–06:08 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 19 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल नवमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 105.7° आगे था: शुक्ल नवमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 96°–108° नौवीं है, शुक्ल नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:51। अष्टमी उससे पहले 09:38 सोम पर समाप्त हुई। नवमी 11:55 को समाप्त होगी, जब बढ़त 108° होगी। बढ़त 10 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 19 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:25–06:08
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:25–06:08।
सोम 18 जून की रात सूर्यास्त 20:08 सोम से सूर्योदय 06:51 तक थी, 10 घं 43 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 19 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:03–13:56
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:03–13:56।
मंगल 19 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 09:31–10:24
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:31–10:24, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:26 बुध–01:08 बुध।
मंगल 19 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 00:26–01:08 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:31–10:24, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:26 बुध–01:08 बुध।
यहाँ दिन, 06:51 से 20:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:31–10:24 और 00:26 बुध–01:08 बुध।
मंगल 19 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:51–08:31 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:51 से 20:08, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:08 से 06:51 बुध, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 19 जून को राहुकाल कब है? 16:49–18:29
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:49–18:29।
मंगल 19 जून को यमगंड कब है? 10:10–11:50
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:10–11:50।
मंगल 19 जून को गुलिक काल कब है? 13:30–15:09
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:30–15:09।
यहाँ दिन 06:51 से 20:08 तक है, 13 घं 17 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 19 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:51
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:51, सूर्यास्त 20:08, 13 घं 17 मि का दिन।
मंगल 19 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:51, सूर्यास्त 20:08, 13 घं 17 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 19 जून को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 169.9° पर था: हस्त, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 166°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:40 को निकलेगा, चित्रा में।
मंगल 19 जून को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 234.2° थे: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 64.3° + 169.9° = 234.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 17:39 को समाप्त होता है, फिर परिघ।
मंगल 19 जून को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 105.7° थी: नवमी का दूसरा आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 22:45 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 102° हुई; कौलव 11:55 तक है।
मंगल 19 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:51, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:51 से 06:51 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 19 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 10 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 9 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
मंगल 19 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 जून की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
मंगल 19 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2002 · शक 1867
विक्रम संवत 2002 14 मार्च 1945 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 14 मार्च 1945, 10:20 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 94.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2002 गिनता है; शक संवत 1867।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 19 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:54
चंद्रमा यहाँ 14:54 पर उदय होता है।
मंगल 19 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:05 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:54 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:05 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:54 पर उदय हुआ; वह फिर 03:05 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।