Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग शनि 17 फ़रवरी 1945
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+6:30 में
1970 से पहले के समय UTC+6:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
17 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 17 फ़रवरी
- 06:17–07:07ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:56 से
- 09:29–10:50शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:20–14:06अभिजीत मुहूर्त
- 15:10–16:36लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 16:36–18:03अमृत चौघड़िया
-
16:36–17:06अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · अश्विनी में
- सूर्यास्त 19:29 के बाद
- 19:29–21:03लाभ चौघड़िया
- 22:36–00:09 रविशुभ चौघड़िया
- 00:09–01:43 रविअमृत चौघड़िया
- 06:23–07:56 रविलाभ चौघड़िया
- 06:16–07:06 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:56–09:23कालअशुभ
- 09:23–10:50शुभ
- 10:50–12:16रोगअशुभ
- 12:16–13:43उद्वेगअशुभ
- 13:43–15:10चरसामान्य
- 15:10–16:36लाभयमगण्ड में
- 16:36–18:03अमृतशुभ
- 18:03–19:29कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:29–21:03लाभशुभ
- 21:03–22:36उद्वेगअशुभ
- 22:36–00:09 रविशुभ
- 00:09–01:43 रविअमृतशुभ
- 01:43–03:16 रविचरसामान्य
- 03:16–04:49 रविरोगअशुभ
- 04:49–06:23 रविकालअशुभ
- 06:23–07:56 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 17 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:17–07:07, शुभ
- काल, अशुभ, 07:56–09:23
- शुभ, 09:23–10:50
- रोग, अशुभ, 10:50–12:16
- उद्वेग, अशुभ, 12:16–13:43
- चर, सामान्य, 13:43–15:10
- लाभ, शुभ, 15:10–16:36
- अमृत, शुभ, 16:36–18:03
- काल, अशुभ, 18:03–19:29
- लाभ, शुभ, 19:29–21:03
- उद्वेग, अशुभ, 21:03–22:36
- शुभ, 22:36–00:09 रवि
- अमृत, शुभ, 00:09–01:43 रवि
- चर, सामान्य, 01:43–03:16 रवि
- रोग, अशुभ, 03:16–04:49 रवि
- काल, अशुभ, 04:49–06:23 रवि
- लाभ, शुभ, 06:23–07:56 रवि
- गुलिक काल, 07:56–09:23, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:56–08:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:43–09:29, अशुभ
- राहु काल, 10:50–12:16, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:20–14:06, शुभ
- यमगण्ड, 15:10–16:36, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:16–07:06 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 17 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 59.8° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:56। चतुर्थी उससे पहले 11:13 शुक्र पर समाप्त हुई। पञ्चमी 08:21 को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 13 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
षष्ठी क्षय क्यों है?
षष्ठी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन षष्ठी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। षष्ठी 08:21 को शुरू हुई और 05:53 रवि को समाप्त, 07:56 और 07:56 रवि के सूर्योदयों के बीच। शनिवार को पञ्चमी है और रविवार को सप्तमी: षष्ठी यहाँ क्षय तिथि है।
शनि 17 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:17–07:07
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:17–07:07।
शुक्र 16 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 19:29 शुक्र से सूर्योदय 07:56 तक थी, 12 घं 27 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 17 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:20–14:06
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:20–14:06।
शनि 17 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 07:56–08:43
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:56–08:43 और 08:43–09:29।
शनि 17 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:43–09:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:56–08:43 और 08:43–09:29।
यहाँ दिन, 07:56 से 19:29, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:56–08:43 और 08:43–09:29।
शनि 17 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:56–09:23 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:56 से 19:29, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:29 से 07:56 रवि, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 17 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 10:50–12:16
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:50–12:16।
शनि 17 फ़रवरी को यमगंड कब है? 15:10–16:36
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:10–16:36।
शनि 17 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 07:56–09:23
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:56–09:23।
यहाँ दिन 07:56 से 19:29 तक है, 11 घं 33 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 17 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:56, सूर्यास्त 19:29, 11 घं 33 मि का दिन।
शनि 17 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:56, सूर्यास्त 19:29, 11 घं 33 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 17 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 4.7° पर था: अश्विनी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 3°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:16 को निकलेगा, भरणी में।
शनि 17 फ़रवरी को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 309.6° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 304.9° + 4.7° = 309.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 00:01 रवि को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
शनि 17 फ़रवरी को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 59.8° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 21:44 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 54° हुई; बालव 08:21 तक है।
शनि 17 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:56, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:56 से 07:56 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 17 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 13 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 14 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
शनि 17 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।
शनि 17 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2001 · शक 1866
विक्रम संवत 2001 24 मार्च 1944 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1944, 18:06 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 324.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2001 गिनता है; शक संवत 1866।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 17 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 11:31
चंद्रमा यहाँ 11:31 पर उदय होता है।
शनि 17 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 00:20 रवि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:31 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 00:20 रवि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:31 पर उदय हुआ; वह फिर 00:20 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।