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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 29 नवंबर 1944

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+6:30 में

1970 से पहले के समय UTC+6:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 09:43 तक

फिर पूर्णिमा · 07:21 गुरु तक

यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं कारण जानें

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा बुध 29 नवंबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। बुध 29 नवंबर क्यों?

पूर्णिमा: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:01 07:45 18:49अगला सूर्योदय 07:45 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:45–09:08लाभशुभ
  • 09:08–10:31अमृतयमगण्ड में
  • 10:31–11:54कालअशुभ
  • 11:54–13:17शुभगुलिक काल में
  • 13:17–14:40रोगअशुभ
  • 14:40–16:03उद्वेगअशुभ
  • 16:03–17:26चरसामान्य
  • 17:26–18:49लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:49–20:26उद्वेगअशुभ
  • 20:26–22:03शुभ
  • 22:03–23:40अमृतशुभ
  • 23:40–01:17 गुरुचरसामान्य
  • 01:17–02:54 गुरुरोगअशुभ
  • 02:54–04:31 गुरुकालअशुभ
  • 04:31–06:08 गुरुलाभशुभ
  • 06:08–07:45 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 29 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:01–06:53, शुभ
  • लाभ, शुभ, 07:45–09:08
  • अमृत, शुभ, 09:08–10:31
  • काल, अशुभ, 10:31–11:54
  • शुभ, 11:54–13:17
  • रोग, अशुभ, 13:17–14:40
  • उद्वेग, अशुभ, 14:40–16:03
  • चर, सामान्य, 16:03–17:26
  • लाभ, शुभ, 17:26–18:49
  • उद्वेग, अशुभ, 18:49–20:26
  • शुभ, 20:26–22:03
  • अमृत, शुभ, 22:03–23:40
  • चर, सामान्य, 23:40–01:17 गुरु
  • रोग, अशुभ, 01:17–02:54 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:54–04:31 गुरु
  • लाभ, शुभ, 04:31–06:08 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 06:08–07:45 गुरु
  • यमगण्ड, 09:08–10:31, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:54–13:17, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:55–13:39, अशुभ
  • राहु काल, 13:17–14:40, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:02–06:53 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में पूर्णिमा बुध 29 नवंबर को क्यों है?

पूर्णिमा बुध 29 नवंबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी 09:43 06:00 07:00 08:00 09:00 बुध 29 नवंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:45 पूर्णिमा 09:43 से
चतुर्दशी 09:43 06:00 07:00 08:00 09:00 बुध 29 नवंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:45 पूर्णिमा 09:43 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 29 नवंबर को 09:43 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और गुरु 30 नवंबर को 07:21 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 29 नवंबर। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: Pāthardi में हर तारीख़

बुध 29 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 166.9° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 166.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 166.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:45। त्रयोदशी उससे पहले 12:24 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 09:43 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 16 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पूर्णिमा क्षय क्यों है?

पूर्णिमा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता।

चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा बुध 29 नवंबर सुबह गुरु 30 नवंबर सुबह Pāthardi IST 09:43 07:21 07:45 चतुर्दशी 07:45 प्रतिपदा पूर्णिमा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा बुध 29 नवंबर सुबह गुरु 30 नवंबर सुबह Pāthardi IST 09:43 07:21 07:45 चतुर्दशी 07:45 प्रतिपदा पूर्णिमा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 09:43 को शुरू हुई और 07:21 गुरु को समाप्त, 07:45 और 07:45 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को चतुर्दशी है और गुरुवार को प्रतिपदा: पूर्णिमा यहाँ क्षय तिथि है।

बुध 29 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:01–06:53

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:01–06:53।

सूर्यास्त 18:49 मंगल सूर्योदय 07:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 28 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:49 मंगल सूर्योदय 07:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 28 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 28 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:49 मंगल से सूर्योदय 07:45 तक थी, 12 घं 56 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 29 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:55–13:39

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:55–13:39।

सूर्योदय 07:45 सूर्यास्त 18:49 सूर्योदय 07:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 07:45 सूर्यास्त 18:49 सूर्योदय 07:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:45 से 18:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:55–13:39: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 29 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:45–09:08 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:45 सूर्यास्त 18:49 सूर्योदय 07:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 07:45 सूर्यास्त 18:49 सूर्योदय 07:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:45 से 18:49, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:49 से 07:45 गुरु, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 29 नवंबर को राहुकाल कब है? 13:17–14:40

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:17–14:40।

बुध 29 नवंबर को यमगंड कब है? 09:08–10:31

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:08–10:31।

बुध 29 नवंबर को गुलिक काल कब है? 11:54–13:17

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:54–13:17।

सूर्योदय 07:45 सूर्यास्त 18:49 सूर्योदय 07:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:45 सूर्यास्त 18:49 सूर्योदय 07:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 07:45 से 18:49 तक है, 11 घं 4 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 29 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:45

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:45, सूर्यास्त 18:49, 11 घं 4 मि का दिन।

बुध 29 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:49

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:45, सूर्यास्त 18:49, 11 घं 4 मि का दिन।

सूर्योदय 07:45 सूर्यास्त 18:49 सूर्योदय 07:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:28
सूर्योदय 07:45 सूर्यास्त 18:49 सूर्योदय 07:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:28
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 29 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 30.5° पर था: कृत्तिका, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 30.5° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 30.5° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 30° पर उसके पद 2 में आया। वह 23:34 को निकलेगा, रोहिणी में।

बुध 29 नवंबर को कौन सा योग है? शिव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 254.1° थे: शिव।

सूर्य 223.6° + चंद्रमा 30.5° = 254.1° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 223.6° + चंद्रमा 30.5° = 254.1° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 223.6° + 30.5° = 254.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 03:18 गुरु को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।

बुध 29 नवंबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 166.9° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 166.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 166.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 23:02 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 09:43 तक है।

बुध 29 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:45, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 07:45 सूर्यास्त 18:49 सूर्योदय 07:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 07:45 सूर्यास्त 18:49 सूर्योदय 07:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:45 से 07:45 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 29 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 16 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 15 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

बुध 29 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल बुध 29 नवंबर पूर्णिमा 31 अक्टू॰ अमावस्या 16 नव॰ पूर्णिमा 30 नव॰ अमावस्या 15 दिस॰
अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल बुध 29 नवंबर पूर्णिमा 31 अक्टू॰ अमावस्या 16 नव॰ पूर्णिमा 30 नव॰ अमावस्या 15 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।

बुध 29 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2001 · शक 1866

विक्रम संवत 2001 24 मार्च 1944 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1944 18:06 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 29 नवंबर सूर्य 223.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1944 18:06 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 29 नवंबर सूर्य 223.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1944, 18:06 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 243° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2001 गिनता है; शक संवत 1866।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 29 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:28

चंद्रमा यहाँ 18:28 पर उदय होता है।

सूर्योदय 07:45 सूर्यास्त 18:49 सूर्योदय 07:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:28
सूर्योदय 07:45 सूर्यास्त 18:49 सूर्योदय 07:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:28
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 18:28 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।