Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 14 नवंबर 1944
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+6:30 में
1970 से पहले के समय UTC+6:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि मंगल 14 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। मंगल 14 नवंबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Pāthardi में हर तारीख़14 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 14 नवंबर
- 05:54–06:45ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:36 से
- 11:49–13:13लाभ चौघड़िया
- 12:51–13:13अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 13:13–14:37अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:02–17:26शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:51 के बाद
- 20:26–22:02लाभ चौघड़िया
-
23:20–23:57अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · स्वाती में
- 23:38–23:57शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:48–01:13 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
00:48–01:05 बुधअमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · स्वाती में
- 01:13–02:49 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:54–06:45 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:36–09:00रोगअशुभ
- 09:00–10:24उद्वेगअशुभ
- 10:24–11:49चरसामान्य
- 11:49–13:13लाभशुभ
- 13:13–14:37अमृतगुलिक काल में
- 14:37–16:02कालअशुभ
- 16:02–17:26शुभराहु काल में
- 17:26–18:51रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:51–20:26कालअशुभ
- 20:26–22:02लाभशुभ
- 22:02–23:38उद्वेगअशुभ
- 23:38–01:13 बुधशुभ
- 01:13–02:49 बुधअमृतशुभ
- 02:49–04:25 बुधचरसामान्य
- 04:25–06:00 बुधरोगअशुभ
- 06:00–07:36 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 14 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:54–06:45, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:36–09:00
- उद्वेग, अशुभ, 09:00–10:24
- चर, सामान्य, 10:24–11:49
- लाभ, शुभ, 11:49–13:13
- अमृत, शुभ, 13:13–14:37
- काल, अशुभ, 14:37–16:02
- शुभ, 16:02–17:26
- रोग, अशुभ, 17:26–18:51
- काल, अशुभ, 18:51–20:26
- लाभ, शुभ, 20:26–22:02
- उद्वेग, अशुभ, 22:02–23:38
- शुभ, 23:38–01:13 बुध
- अमृत, शुभ, 01:13–02:49 बुध
- चर, सामान्य, 02:49–04:25 बुध
- रोग, अशुभ, 04:25–06:00 बुध
- काल, अशुभ, 06:00–07:36 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:51–10:36, अशुभ
- यमगण्ड, 10:24–11:49, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:51–13:36, शुभ
- गुलिक काल, 13:13–14:37, अशुभ
- राहु काल, 16:02–17:26, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:57–00:48 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:54–06:45 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में मासिक शिवरात्रि मंगल 14 नवंबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि मंगल 14 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 14 नवंबर को 01:58 से बुध 15 नवंबर को 03:41 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (00:48 बुध–01:39 बुध) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 14 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 338.6° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:36। त्रयोदशी उससे पहले 01:58 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 03:41 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 31 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 14 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:54–06:45
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:54–06:45।
सोम 13 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:51 सोम से सूर्योदय 07:36 तक थी, 12 घं 45 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 14 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:51–13:36
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:51–13:36।
मंगल 14 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:51–10:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:51–10:36, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:57–00:48 बुध।
मंगल 14 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:57–00:48 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:51–10:36, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:57–00:48 बुध।
यहाँ दिन, 07:36 से 18:51, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:51–10:36 और 23:57–00:48 बुध।
मंगल 14 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:36–09:00 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:36 से 18:51, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:51 से 07:36 बुध, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 14 नवंबर को राहुकाल कब है? 16:02–17:26
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:02–17:26।
मंगल 14 नवंबर को यमगंड कब है? 10:24–11:49
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:24–11:49।
मंगल 14 नवंबर को गुलिक काल कब है? 13:13–14:37
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:13–14:37।
यहाँ दिन 07:36 से 18:51 तक है, 11 घं 15 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 14 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:36, सूर्यास्त 18:51, 11 घं 15 मि का दिन।
मंगल 14 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:51
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:36, सूर्यास्त 18:51, 11 घं 15 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 14 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती
सूर्योदय पर चंद्रमा 187.1° पर था: स्वाती, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 186°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 08:55 बुध को निकलेगा, विशाखा में।
मंगल 14 नवंबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 395.6° थे, एक चक्कर और 35.6°: आयुष्मान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 208.5° + 187.1° = 395.6°, एक पूरा चक्कर और 35.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 15:43 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।
मंगल 14 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 338.6° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 14:52 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 03:41 बुध तक।
मंगल 14 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:36, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:36 से 07:36 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 14 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 17 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 15 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 16 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
मंगल 14 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
मंगल 14 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2001 · शक 1866
विक्रम संवत 2001 24 मार्च 1944 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1944, 18:06 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 227.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2001 गिनता है; शक संवत 1866।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 14 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:53 बुध
चंद्रमा यहाँ 06:53 बुध पर उदय होता है।
मंगल 14 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:01
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:01 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:53 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:01 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:53 बुध पर उदय होगा।