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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग सोम 4 सितंबर 1944

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+6:30 में

1970 से पहले के समय UTC+6:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:42 07:14 19:41अगला सूर्योदय 07:14 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:14–08:47अमृतशुभ
  • 08:47–10:21कालअशुभ
  • 10:21–11:54शुभ
  • 11:54–13:28रोगअशुभ
  • 13:28–15:01उद्वेगअशुभ
  • 15:01–16:34चरसामान्य
  • 16:34–18:08लाभशुभ
  • 18:08–19:41अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:41–21:08चरसामान्य
  • 21:08–22:34रोगअशुभ
  • 22:34–00:01 मंगलकालअशुभ
  • 00:01–01:28 मंगललाभशुभ
  • 01:28–02:54 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:54–04:21 मंगलशुभ
  • 04:21–05:48 मंगलअमृतशुभ
  • 05:48–07:14 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 4 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:42–06:28, शुभ
  • अमृत, शुभ, 07:14–08:47
  • काल, अशुभ, 08:47–10:21
  • शुभ, 10:21–11:54
  • रोग, अशुभ, 11:54–13:28
  • उद्वेग, अशुभ, 13:28–15:01
  • चर, सामान्य, 15:01–16:34
  • लाभ, शुभ, 16:34–18:08
  • अमृत, शुभ, 18:08–19:41
  • चर, सामान्य, 19:41–21:08
  • रोग, अशुभ, 21:08–22:34
  • काल, अशुभ, 22:34–00:01 मंगल
  • लाभ, शुभ, 00:01–01:28 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 01:28–02:54 मंगल
  • शुभ, 02:54–04:21 मंगल
  • अमृत, शुभ, 04:21–05:48 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:48–07:14 मंगल
  • राहु काल, 08:47–10:21, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:54–13:28, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:03–13:53, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:53–14:42, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:01–16:34, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:22–17:12, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:42–06:28 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 4 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 196.9° आगे था: कृष्ण द्वितीया।

सूर्य अमावस्या 0° 196.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 196.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:14। प्रतिपदा उससे पहले 22:58 रवि पर समाप्त हुई। द्वितीया 19:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 3 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 4 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:42–06:28

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:42–06:28।

सूर्यास्त 19:42 रवि सूर्योदय 07:14 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 3 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:42 रवि सूर्योदय 07:14 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 3 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 3 सितंबर की रात सूर्यास्त 19:42 रवि से सूर्योदय 07:14 तक थी, 11 घं 32 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 4 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:03–13:53

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:03–13:53।

सोम 4 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:53–14:42

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:53–14:42 और 16:22–17:12।

सोम 4 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:22–17:12

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:53–14:42 और 16:22–17:12।

सूर्योदय 07:14 सूर्यास्त 19:41 सूर्योदय 07:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 07:14 सूर्यास्त 19:41 सूर्योदय 07:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 07:14 से 19:41, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:53–14:42 और 16:22–17:12।

सोम 4 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:14–08:47 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:14 सूर्यास्त 19:41 सूर्योदय 07:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 07:14 सूर्यास्त 19:41 सूर्योदय 07:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:14 से 19:41, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:41 से 07:14 मंगल, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 4 सितंबर को राहुकाल कब है? 08:47–10:21

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:47–10:21।

सोम 4 सितंबर को यमगंड कब है? 11:54–13:28

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:54–13:28।

सोम 4 सितंबर को गुलिक काल कब है? 15:01–16:34

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:01–16:34।

सूर्योदय 07:14 सूर्यास्त 19:41 सूर्योदय 07:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:14 सूर्यास्त 19:41 सूर्योदय 07:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 07:14 से 19:41 तक है, 12 घं 27 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 4 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:14

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:14, सूर्यास्त 19:41, 12 घं 27 मि का दिन।

सोम 4 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:41

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:14, सूर्यास्त 19:41, 12 घं 27 मि का दिन।

सूर्योदय 07:14 सूर्यास्त 19:41 सूर्योदय 07:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:33 चंद्रोदय 21:11
सूर्योदय 07:14 सूर्यास्त 19:41 सूर्योदय 07:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:33 चंद्रोदय 21:11
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 4 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 335.2° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 335.2° अगला: रेवती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 335.2° अगला: रेवती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 333°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:21 मंगल को निकलेगा, रेवती में।

सोम 4 सितंबर को कौन सा योग है? शूल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 473.5° थे, एक चक्कर और 113.5°: शूल।

सूर्य 138.3° + चंद्रमा 335.2° = 473.5° एक चक्कर + 113.5° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 138.3° + चंद्रमा 335.2° = 473.5° एक चक्कर + 113.5° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 138.3° + 335.2° = 473.5°, एक पूरा चक्कर और 113.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 16:54 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।

सोम 4 सितंबर को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 196.9° थी: द्वितीया का पहला आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 196.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° तैतिल 192°–198° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 196.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° तैतिल 192°–198° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 09:02 तक है, जब बढ़त 198° होगी; गर 19:09 तक।

सोम 4 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:14, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 07:14 सूर्यास्त 19:41 सूर्योदय 07:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 07:14 सूर्यास्त 19:41 सूर्योदय 07:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:14 से 07:14 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 4 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 19 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 17 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

सोम 4 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल सोम 4 सितंबर अमावस्या 19 अग॰ पूर्णिमा 3 सित॰ अमावस्या 17 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल सोम 4 सितंबर अमावस्या 19 अग॰ पूर्णिमा 3 सित॰ अमावस्या 17 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 सितंबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

सोम 4 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2001 · शक 1866

विक्रम संवत 2001 24 मार्च 1944 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1944 18:06 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 4 सितंबर सूर्य 138.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1944 18:06 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 4 सितंबर सूर्य 138.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1944, 18:06 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 157.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2001 गिनता है; शक संवत 1866।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 4 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:11

चंद्रमा यहाँ 21:11 पर उदय होता है।

सोम 4 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:33

सूर्योदय 07:14 सूर्यास्त 19:41 सूर्योदय 07:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:33 चंद्रोदय 21:11
सूर्योदय 07:14 सूर्यास्त 19:41 सूर्योदय 07:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:33 चंद्रोदय 21:11
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:33 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:11 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:33 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:11 पर उदय होगा।