Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 25 अप्रैल 1944
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+6:30 में
1970 से पहले के समय UTC+6:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया मंगल 25 अप्रैल को है: उस सुबह पूरे पूर्वाह्न में तृतीया है, और किसी सुबह नहीं। मंगल 25 अप्रैल क्यों?
अक्षय तृतीया: Pāthardi में हर तारीख़25 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 25 अप्रैल
- 05:34–06:19ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:05 से
- 11:51–13:27लाभ चौघड़िया
- 13:01–13:27अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 13:27–15:02अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:38–18:14शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 19:49 के बाद
- 21:13–22:38लाभ चौघड़िया
- 00:02–00:19 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:04–01:26 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:26–02:51 बुधअमृत चौघड़िया
-
03:16–04:51 बुधअमृत कालरोहिणी में
- 05:34–06:19 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:05–08:40रोगअशुभ
- 08:40–10:16उद्वेगअशुभ
- 10:16–11:51चरसामान्य
- 11:51–13:27लाभशुभ
- 13:27–15:02अमृतगुलिक काल में
- 15:02–16:38कालअशुभ
- 16:38–18:14शुभराहु काल में
- 18:14–19:49रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:49–21:13कालअशुभ
- 21:13–22:38लाभशुभ
- 22:38–00:02 बुधउद्वेगअशुभ
- 00:02–01:26 बुधशुभ
- 01:26–02:51 बुधअमृतशुभ
- 02:51–04:15 बुधचरसामान्य
- 04:15–05:40 बुधरोगअशुभ
- 05:40–07:04 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 25 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 05:34–06:19, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:05–08:40
- उद्वेग, अशुभ, 08:40–10:16
- चर, सामान्य, 10:16–11:51
- लाभ, शुभ, 11:51–13:27
- अमृत, शुभ, 13:27–15:02
- काल, अशुभ, 15:02–16:38
- शुभ, 16:38–18:14
- रोग, अशुभ, 18:14–19:49
- काल, अशुभ, 19:49–21:13
- लाभ, शुभ, 21:13–22:38
- उद्वेग, अशुभ, 22:38–00:02 बुध
- शुभ, 00:02–01:26 बुध
- अमृत, शुभ, 01:26–02:51 बुध
- चर, सामान्य, 02:51–04:15 बुध
- रोग, अशुभ, 04:15–05:40 बुध
- काल, अशुभ, 05:40–07:04 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:37–10:28, अशुभ
- यमगण्ड, 10:16–11:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:01–13:52, शुभ
- गुलिक काल, 13:27–15:02, अशुभ
- राहु काल, 16:38–18:14, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 00:19–01:04 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:34–06:19 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में अक्षय तृतीया मंगल 25 अप्रैल को क्यों है?
अक्षय तृतीया मंगल 25 अप्रैल को है: उस सुबह पूरे पूर्वाह्न में तृतीया है, और किसी सुबह नहीं।
अक्षय तृतीया की पूजा पूर्वाह्न में होती है, दिन का पहला आधा भाग। तृतीया सोम 24 अप्रैल को 22:36 से मंगल 25 अप्रैल को 21:12 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का पूर्वाह्न (07:05–13:27) उसके भीतर है।
मंगल 25 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 28.5° आगे था: शुक्ल तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:05। द्वितीया उससे पहले 22:36 सोम पर समाप्त हुई। तृतीया 21:12 को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 23 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 25 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:34–06:19
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:34–06:19।
सोम 24 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:49 सोम से सूर्योदय 07:05 तक थी, 11 घं 16 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 25 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:01–13:52
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:01–13:52।
मंगल 25 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 09:37–10:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:37–10:28, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:19 बुध–01:04 बुध।
मंगल 25 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 00:19–01:04 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:37–10:28, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:19 बुध–01:04 बुध।
यहाँ दिन, 07:05 से 19:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:37–10:28 और 00:19 बुध–01:04 बुध।
मंगल 25 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:05–08:40 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:05 से 19:49, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:49 से 07:04 बुध, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 25 अप्रैल को राहुकाल कब है? 16:38–18:14
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:38–18:14।
मंगल 25 अप्रैल को यमगंड कब है? 10:16–11:51
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:16–11:51।
मंगल 25 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 13:27–15:02
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:27–15:02।
यहाँ दिन 07:05 से 19:49 तक है, 12 घं 44 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 25 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 07:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 19:49, 12 घं 44 मि का दिन।
मंगल 25 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:49
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 19:49, 12 घं 44 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 15 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 15 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 25 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 40.2° पर था: रोहिणी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 40° पर उसके पद 1 में आया। वह 06:25 बुध को निकलेगा, मृगशिरा में।
मंगल 25 अप्रैल को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 51.8° थे: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 11.6° + 40.2° = 51.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 09:38 को समाप्त होता है, फिर शोभन।
मंगल 25 अप्रैल को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 28.5° थी: तृतीया का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 09:49 तक है, जब बढ़त 30° होगी; गर 21:12 तक।
मंगल 25 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:05, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:05 से 07:04 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 25 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 23 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 22 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
मंगल 25 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।
मंगल 25 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2001 · शक 1866
विक्रम संवत 2001 24 मार्च 1944 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1944, 18:06 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 31° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2001 गिनता है; शक संवत 1866।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 25 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:06
चंद्रमा यहाँ 09:06 पर उदय होता है।
मंगल 25 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:24
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:06 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:24 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:06 पर उदय हुआ; वह फिर 22:24 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।