tithika
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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 5 अप्रैल 1944

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+6:30 में

1970 से पहले के समय UTC+6:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

द्वादशी

शुक्ल पक्ष · 17:42 तक

फिर त्रयोदशी · 20:06 गुरु तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
19:44⁠–⁠22:03
प्रदोष काल 19:44⁠–⁠22:03

प्रदोष व्रत बुध 5 अप्रैल को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है। बुध 5 अप्रैल क्यों?

प्रदोष व्रत: Pāthardi में हर तारीख़

व्रत का पारण

कामदा एकादशी

पारण बुध 5 अप्रैल, 07:20⁠–⁠17:42
कामदा एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:47 07:20 19:44अगला सूर्योदय 07:19 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:20–08:53लाभशुभ
  • 08:53–10:26अमृतयमगण्ड में
  • 10:26–11:59कालअशुभ
  • 11:59–13:32शुभगुलिक काल में
  • 13:32–15:05रोगअशुभ
  • 15:05–16:38उद्वेगअशुभ
  • 16:38–18:11चरसामान्य
  • 18:11–19:44लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:44–21:11उद्वेगअशुभ
  • 21:11–22:37शुभ
  • 22:37–00:04 गुरुअमृतशुभ
  • 00:04–01:31 गुरुचरसामान्य
  • 01:31–02:58 गुरुरोगअशुभ
  • 02:58–04:25 गुरुकालअशुभ
  • 04:25–05:52 गुरुलाभशुभ
  • 05:52–07:19 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 5 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 05:47–06:33, शुभ
  • लाभ, शुभ, 07:20–08:53
  • अमृत, शुभ, 08:53–10:26
  • काल, अशुभ, 10:26–11:59
  • शुभ, 11:59–13:32
  • रोग, अशुभ, 13:32–15:05
  • उद्वेग, अशुभ, 15:05–16:38
  • चर, सामान्य, 16:38–18:11
  • लाभ, शुभ, 18:11–19:44
  • उद्वेग, अशुभ, 19:44–21:11
  • शुभ, 21:11–22:37
  • अमृत, शुभ, 22:37–00:04 गुरु
  • चर, सामान्य, 00:04–01:31 गुरु
  • रोग, अशुभ, 01:31–02:58 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:58–04:25 गुरु
  • लाभ, शुभ, 04:25–05:52 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 05:52–07:19 गुरु
  • यमगण्ड, 08:53–10:26, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:59–13:32, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:07–13:56, अशुभ
  • राहु काल, 13:32–15:05, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:46–06:33 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में प्रदोष व्रत बुध 5 अप्रैल को क्यों है?

प्रदोष व्रत बुध 5 अप्रैल को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है।

त्रयोदशी 17:42 19:00 21:00 23:00 बुध 5 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 19:44–22:03 द्वादशी 17:42 तक
त्रयोदशी 17:42 19:00 21:00 23:00 बुध 5 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 19:44–22:03 द्वादशी 17:42 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 5 अप्रैल को 17:42 पर लगी, उस शाम के प्रदोष काल से पहले, और गुरु 6 अप्रैल को 20:06 पर उतरी, अगले प्रदोष काल के बीच में। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसे त्रयोदशी पूरा भरती है: बुध 5 अप्रैल। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Pāthardi में हर तारीख़

बुध 5 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 139.3° आगे था: शुक्ल द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 139.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 139.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:20। एकादशी उससे पहले 15:05 मंगल पर समाप्त हुई। द्वादशी 17:42 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 24 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

बुध 5 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:47–06:33

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:47–06:33।

सूर्यास्त 19:43 मंगल सूर्योदय 07:20 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 4 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:43 मंगल सूर्योदय 07:20 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 4 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 4 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:43 मंगल से सूर्योदय 07:20 तक थी, 11 घं 37 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 5 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 13:07–13:56

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 13:07–13:56।

सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 07:19 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 07:19 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:20 से 19:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 13:07–13:56: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 5 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:20–08:53 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 07:19 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 07:19 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:20 से 19:44, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:44 से 07:19 गुरु, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 5 अप्रैल को राहुकाल कब है? 13:32–15:05

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:32–15:05।

बुध 5 अप्रैल को यमगंड कब है? 08:53–10:26

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:53–10:26।

बुध 5 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 11:59–13:32

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:59–13:32।

सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 07:19 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 07:19 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 07:20 से 19:44 तक है, 12 घं 24 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 5 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 07:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:20, सूर्यास्त 19:44, 12 घं 24 मि का दिन।

बुध 5 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:20, सूर्यास्त 19:44, 12 घं 24 मि का दिन।

सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 07:19 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:56 गुरु चंद्रोदय 17:07
सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 07:19 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:56 गुरु चंद्रोदय 17:07
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 5 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? मघा

सूर्योदय पर चंद्रमा 131.4° पर था: मघा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 131.4° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 131.4° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 130° पर उसके पद 4 में आया। वह 11:20 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।

बुध 5 अप्रैल को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 483.4° थे, एक चक्कर और 123.4°: गण्ड।

सूर्य 352.0° + चंद्रमा 131.4° = 483.4° एक चक्कर + 123.4° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 352.0° + चंद्रमा 131.4° = 483.4° एक चक्कर + 123.4° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 352° + 131.4° = 483.4°, एक पूरा चक्कर और 123.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 01:55 गुरु को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

बुध 5 अप्रैल को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 139.3° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 139.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बालव 138°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 139.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बालव 138°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 04:25 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 17:42 तक है।

बुध 5 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:20, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 07:19 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 07:19 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:20 से 07:19 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 5 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 24 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 23 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

बुध 5 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल बुध 5 अप्रैल पूर्णिमा 10 मार्च अमावस्या 24 मार्च पूर्णिमा 8 अप्रैल अमावस्या 23 अप्रैल
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल बुध 5 अप्रैल पूर्णिमा 10 मार्च अमावस्या 24 मार्च पूर्णिमा 8 अप्रैल अमावस्या 23 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

बुध 5 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2001 · शक 1866

विक्रम संवत 2001 24 मार्च 1944 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1944 18:06 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 5 अप्रैल सूर्य 352.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1944 18:06 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 5 अप्रैल सूर्य 352.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1944, 18:06 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 11.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2001 गिनता है; शक संवत 1866।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 5 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:07

चंद्रमा यहाँ 17:07 पर उदय होता है।

बुध 5 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:56 गुरु

सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 07:19 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:56 गुरु चंद्रोदय 17:07
सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 07:19 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:56 गुरु चंद्रोदय 17:07
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:07 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:56 गुरु पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:07 पर उदय हुआ; वह फिर 05:56 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।