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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग गुरु 8 अप्रैल 1926

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

1970 से पहले के समय UTC+5:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

दशमी

कृष्ण पक्ष · 08:58 तक

फिर एकादशी · 06:14 शुक्र तक

यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं कारण जानें

व्रत

पापमोचनी एकादशी

पारण समय
11:30⁠–⁠18:44 शुक्र
शुक्र 9 अप्रैल
व्रत आरंभ
06:18

स्मार्त परंपरा में पापमोचनी एकादशी गुरु 8 अप्रैल को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 9 अप्रैल को व्रत रखते हैं। गुरु 8 अप्रैल क्यों?

पापमोचनी एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:45 06:18 18:44अगला सूर्योदय 06:17 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:18–07:51शुभयमगण्ड में
  • 07:51–09:24रोगअशुभ
  • 09:24–10:58उद्वेगअशुभ
  • 10:58–12:31चरसामान्य
  • 12:31–14:04लाभशुभ
  • 14:04–15:38अमृतराहु काल में
  • 15:38–17:11कालअशुभ
  • 17:11–18:44शुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:44–20:11अमृतशुभ
  • 20:11–21:37चरसामान्य
  • 21:37–23:04रोगअशुभ
  • 23:04–00:31 शुक्रकालअशुभ
  • 00:31–01:57 शुक्रलाभशुभ
  • 01:57–03:24 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:24–04:50 शुक्रशुभ
  • 04:50–06:17 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 8 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:45–05:31, शुभ
  • शुभ, 06:18–07:51
  • रोग, अशुभ, 07:51–09:24
  • उद्वेग, अशुभ, 09:24–10:58
  • चर, सामान्य, 10:58–12:31
  • लाभ, शुभ, 12:31–14:04
  • अमृत, शुभ, 14:04–15:38
  • काल, अशुभ, 15:38–17:11
  • शुभ, 17:11–18:44
  • अमृत, शुभ, 18:44–20:11
  • चर, सामान्य, 20:11–21:37
  • रोग, अशुभ, 21:37–23:04
  • काल, अशुभ, 23:04–00:31 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:31–01:57 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:57–03:24 शुक्र
  • शुभ, 03:24–04:50 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:50–06:17 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:18–07:51, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:24–10:58, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:27–11:16, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:06–12:56, शुभ
  • राहु काल, 14:04–15:38, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:25–16:15, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:45–05:31 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में पापमोचनी एकादशी गुरु 8 अप्रैल को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में पापमोचनी एकादशी गुरु 8 अप्रैल को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 9 अप्रैल को व्रत रखते हैं।

दशमी 06:18 08:58 03:00 05:00 07:00 गुरु 8 अप्रैल स्मार्त अरुणोदय 04:42–06:18 एकादशी 08:58 से
दशमी 06:18 08:58 03:00 05:00 07:00 गुरु 8 अप्रैल स्मार्त अरुणोदय 04:42–06:18 एकादशी 08:58 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह गुरु 8 अप्रैल को 08:58 पर, उस सूर्योदय (06:18) के बाद, लगती है और शुक्र 9 अप्रैल को 06:14 पर, अगले सूर्योदय (06:17 शुक्र) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: गुरु 8 अप्रैल।

पापमोचनी एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़

गुरु 8 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 298.5° आगे था: कृष्ण दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 298.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 298.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:18। नवमी उससे पहले 11:24 बुध पर समाप्त हुई। दशमी 08:58 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 29 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

एकादशी क्षय क्यों है?

एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 8 अप्रैल सुबह शुक्र 9 अप्रैल सुबह Pāthardi IST 08:58 06:14 06:18 दशमी 06:17 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 8 अप्रैल सुबह शुक्र 9 अप्रैल सुबह Pāthardi IST 08:58 06:14 06:18 दशमी 06:17 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 08:58 को शुरू हुई और 06:14 शुक्र को समाप्त, 06:18 और 06:17 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को दशमी है और शुक्रवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।

गुरु 8 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:45–05:31

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:45–05:31।

सूर्यास्त 18:44 बुध सूर्योदय 06:18 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 7 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:44 बुध सूर्योदय 06:18 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 7 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 7 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:44 बुध से सूर्योदय 06:18 तक थी, 11 घं 34 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 8 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:06–12:56

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:06–12:56।

गुरु 8 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 10:27–11:16

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:27–11:16 और 15:25–16:15।

गुरु 8 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 15:25–16:15

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:27–11:16 और 15:25–16:15।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:18 से 18:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:27–11:16 और 15:25–16:15।

गुरु 8 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:18–07:51 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:18 से 18:44, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:44 से 06:17 शुक्र, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 8 अप्रैल को राहुकाल कब है? 14:04–15:38

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:04–15:38।

गुरु 8 अप्रैल को यमगंड कब है? 06:18–07:51

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:18–07:51।

गुरु 8 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 09:24–10:58

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:24–10:58।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:18 से 18:44 तक है, 12 घं 26 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 8 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:18

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:44, 12 घं 26 मि का दिन।

गुरु 8 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:44, 12 घं 26 मि का दिन।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:37 चंद्रोदय 03:54 शुक्र
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:37 चंद्रोदय 03:54 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 8 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण

सूर्योदय पर चंद्रमा 293.1° पर था: श्रवण, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 293.1° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 293.1° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 290° पर उसके पद 4 में आया। वह 06:39 को निकलेगा, धनिष्ठा में।

गुरु 8 अप्रैल को कौन सा योग है? साध्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 647.7° थे, एक चक्कर और 287.7°: साध्य।

सूर्य 354.6° + चंद्रमा 293.1° = 647.7° एक चक्कर + 287.7° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 354.6° + चंद्रमा 293.1° = 647.7° एक चक्कर + 287.7° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 354.6° + 293.1° = 647.7°, एक पूरा चक्कर और 287.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 15:00 को समाप्त होता है, फिर शुभ।

गुरु 8 अप्रैल को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 298.5° थी: दशमी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 298.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 298.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 22:14 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 294° हुई; विष्टि 08:58 तक है।

गुरु 8 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:18, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:18 से 06:17 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 8 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 14 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 12 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

गुरु 8 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल गुरु 8 अप्रैल अमावस्या 14 मार्च पूर्णिमा 29 मार्च अमावस्या 12 अप्रैल पूर्णिमा 28 अप्रैल
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल गुरु 8 अप्रैल अमावस्या 14 मार्च पूर्णिमा 29 मार्च अमावस्या 12 अप्रैल पूर्णिमा 28 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।

गुरु 8 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 1982 · शक 1847

विक्रम संवत 1982 24 मार्च 1925 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1925 19:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 8 अप्रैल सूर्य 354.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1925 19:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 8 अप्रैल सूर्य 354.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1925, 19:32 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 374° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1982 गिनता है; शक संवत 1847।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 8 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:54 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 03:54 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 8 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:37

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:37 चंद्रोदय 03:54 शुक्र
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:37 चंद्रोदय 03:54 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:37 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:54 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:37 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:54 शुक्र पर उदय होगा।