Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग शनि 27 फ़रवरी 1926
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
1970 से पहले के समय UTC+5:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा शनि 27 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शनि 27 फ़रवरी क्यों?
पूर्णिमा: Pāthardi में हर तारीख़27 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 27 फ़रवरी
- 05:12–06:01ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:50 से
- 08:24–09:46शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:18–13:05अभिजीत मुहूर्त
- 14:10–15:38लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:38–17:05अमृत चौघड़िया
-
15:38–17:01अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · मघा में
- सूर्यास्त 18:33 के बाद
- 18:33–20:05लाभ चौघड़िया
- 21:37–23:09शुभ चौघड़िया
- 23:09–00:41 रविअमृत चौघड़िया
- 05:18–06:50 रविलाभ चौघड़िया
- 05:11–06:01 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:50–08:18कालअशुभ
- 08:18–09:46शुभ
- 09:46–11:14रोगअशुभ
- 11:14–12:42उद्वेगअशुभ
- 12:42–14:10चरसामान्य
- 14:10–15:38लाभयमगण्ड में
- 15:38–17:05अमृतशुभ
- 17:05–18:33कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:33–20:05लाभशुभ
- 20:05–21:37उद्वेगअशुभ
- 21:37–23:09शुभ
- 23:09–00:41 रविअमृतशुभ
- 00:41–02:14 रविचरसामान्य
- 02:14–03:46 रविरोगअशुभ
- 03:46–05:18 रविकालअशुभ
- 05:18–06:50 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 27 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:12–06:01, शुभ
- काल, अशुभ, 06:50–08:18
- शुभ, 08:18–09:46
- रोग, अशुभ, 09:46–11:14
- उद्वेग, अशुभ, 11:14–12:42
- चर, सामान्य, 12:42–14:10
- लाभ, शुभ, 14:10–15:38
- अमृत, शुभ, 15:38–17:05
- काल, अशुभ, 17:05–18:33
- लाभ, शुभ, 18:33–20:05
- उद्वेग, अशुभ, 20:05–21:37
- शुभ, 21:37–23:09
- अमृत, शुभ, 23:09–00:41 रवि
- चर, सामान्य, 00:41–02:14 रवि
- रोग, अशुभ, 02:14–03:46 रवि
- काल, अशुभ, 03:46–05:18 रवि
- लाभ, शुभ, 05:18–06:50 रवि
- गुलिक काल, 06:50–08:18, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:50–07:37, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:37–08:24, अशुभ
- राहु काल, 09:46–11:14, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:18–13:05, शुभ
- यमगण्ड, 14:10–15:38, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:11–06:01 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में पूर्णिमा शनि 27 फ़रवरी को क्यों है?
पूर्णिमा शनि 27 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शुक्र 26 फ़रवरी को 19:51 से शनि 27 फ़रवरी को 22:20 तक है, इसलिए वह केवल शनि 27 फ़रवरी के सूर्योदय (06:50) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 27 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 173° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:50। चतुर्दशी उससे पहले 19:51 शुक्र पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 22:20 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 12 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शनि 27 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:12–06:01
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:12–06:01।
शुक्र 26 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:33 शुक्र से सूर्योदय 06:50 तक थी, 12 घं 17 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 27 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:18–13:05
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:18–13:05।
शनि 27 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 06:50–07:37
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:50–07:37 और 07:37–08:24।
शनि 27 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 07:37–08:24
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:50–07:37 और 07:37–08:24।
यहाँ दिन, 06:50 से 18:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:50–07:37 और 07:37–08:24।
शनि 27 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:50–08:18 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:50 से 18:33, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:33 से 06:50 रवि, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 27 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 09:46–11:14
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:46–11:14।
शनि 27 फ़रवरी को यमगंड कब है? 14:10–15:38
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:10–15:38।
शनि 27 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 06:50–08:18
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:50–08:18।
यहाँ दिन 06:50 से 18:33 तक है, 11 घं 43 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 27 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:50, सूर्यास्त 18:33, 11 घं 43 मि का दिन।
शनि 27 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:33
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:50, सूर्यास्त 18:33, 11 घं 43 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 27 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? मघा
सूर्योदय पर चंद्रमा 127.9° पर था: मघा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 126°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:54 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।
शनि 27 फ़रवरी को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 442.8° थे, एक चक्कर और 82.8°: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 314.9° + 127.9° = 442.8°, एक पूरा चक्कर और 82.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 02:33 रवि को समाप्त होता है, फिर धृति।
शनि 27 फ़रवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 173° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 09:07 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 22:20 तक।
शनि 27 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:50, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:50 से 06:50 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 27 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन (अधिक)
12 फ़रवरी और 14 मार्च की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक फाल्गुन।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 12 फ़रवरी 22:50 शुक्र से 14 मार्च 08:50 रवि तक सूर्य कुंभ में रहा; मीन में वह अमावस्या के बाद 14 मार्च 09:23 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक फाल्गुन है, जो फाल्गुन से पहले आता है।
शनि 27 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन (अधिक) है।
शनि 27 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 1982 · शक 1847
विक्रम संवत 1982 24 मार्च 1925 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1925, 19:32 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 334.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1982 गिनता है; शक संवत 1847।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 27 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:23
चंद्रमा यहाँ 18:23 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:23 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।