Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 27 जनवरी 1925
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
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27 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 27 जनवरी
- 05:22–06:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:05 से
- 11:17–12:42लाभ चौघड़िया
- 12:19–12:42अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:42–14:06अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:30–16:54शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:19 के बाद
- 19:54–21:30लाभ चौघड़िया
- 23:06–23:25शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:16–00:42 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:42–02:17 बुधअमृत चौघड़िया
-
03:02–04:34 बुधअमृत कालपूर्व भाद्रपद में
- 05:22–06:13 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:05–08:29रोगअशुभ
- 08:29–09:53उद्वेगअशुभ
- 09:53–11:17चरसामान्य
- 11:17–12:42लाभशुभ
- 12:42–14:06अमृतगुलिक काल में
- 14:06–15:30कालअशुभ
- 15:30–16:54शुभराहु काल में
- 16:54–18:19रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:19–19:54कालअशुभ
- 19:54–21:30लाभशुभ
- 21:30–23:06उद्वेगअशुभ
- 23:06–00:42 बुधशुभ
- 00:42–02:17 बुधअमृतशुभ
- 02:17–03:53 बुधचरसामान्य
- 03:53–05:29 बुधरोगअशुभ
- 05:29–07:05 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 27 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:14, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:05–08:29
- उद्वेग, अशुभ, 08:29–09:53
- चर, सामान्य, 09:53–11:17
- लाभ, शुभ, 11:17–12:42
- अमृत, शुभ, 12:42–14:06
- काल, अशुभ, 14:06–15:30
- शुभ, 15:30–16:54
- रोग, अशुभ, 16:54–18:19
- काल, अशुभ, 18:19–19:54
- लाभ, शुभ, 19:54–21:30
- उद्वेग, अशुभ, 21:30–23:06
- शुभ, 23:06–00:42 बुध
- अमृत, शुभ, 00:42–02:17 बुध
- चर, सामान्य, 02:17–03:53 बुध
- रोग, अशुभ, 03:53–05:29 बुध
- काल, अशुभ, 05:29–07:05 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:19–10:04, अशुभ
- यमगण्ड, 09:53–11:17, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:19–13:04, शुभ
- गुलिक काल, 12:42–14:06, अशुभ
- राहु काल, 15:30–16:54, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:25–00:16 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:13 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 27 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 33.4° आगे था: शुक्ल तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:05। द्वितीया उससे पहले 14:05 सोम पर समाप्त हुई। तृतीया 11:44 को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 24 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 27 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:22–06:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:22–06:14।
सोम 26 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:18 सोम से सूर्योदय 07:05 तक थी, 12 घं 47 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 27 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:19–13:04
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:19–13:04।
मंगल 27 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:19–10:04
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:19–10:04, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:25–00:16 बुध।
मंगल 27 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 23:25–00:16 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:19–10:04, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:25–00:16 बुध।
यहाँ दिन, 07:05 से 18:19, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:19–10:04 और 23:25–00:16 बुध।
मंगल 27 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:05–08:29 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:05 से 18:19, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:19 से 07:05 बुध, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 27 जनवरी को राहुकाल कब है? 15:30–16:54
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:30–16:54।
मंगल 27 जनवरी को यमगंड कब है? 09:53–11:17
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:53–11:17।
मंगल 27 जनवरी को गुलिक काल कब है? 12:42–14:06
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:42–14:06।
यहाँ दिन 07:05 से 18:19 तक है, 11 घं 14 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 27 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 18:19, 11 घं 14 मि का दिन।
मंगल 27 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:19
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 18:19, 11 घं 14 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 14 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 46 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 14 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 46 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 27 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा
सूर्योदय पर चंद्रमा 317.3° पर था: शतभिषा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 316°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:43 को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।
मंगल 27 जनवरी को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 601.1° थे, एक चक्कर और 241.1°: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 283.8° + 317.3° = 601.1°, एक पूरा चक्कर और 241.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 02:37 बुध को समाप्त होता है, फिर शिव।
मंगल 27 जनवरी को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 33.4° थी: तृतीया का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 00:50 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 30° हुई; गर 11:44 तक है।
मंगल 27 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:05, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:05 से 07:05 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 27 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 24 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 23 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
मंगल 27 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।
मंगल 27 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 1981 · शक 1846
विक्रम संवत 1981 4 अप्रैल 1924 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 4 अप्रैल 1924, 12:47 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 292.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1981 गिनता है; शक संवत 1846।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 27 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:14
चंद्रमा यहाँ 09:14 पर उदय होता है।
मंगल 27 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:14
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:14 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:14 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:14 पर उदय हुआ; वह फिर 21:14 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।