Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग सोम 12 जुलाई 1915
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
1970 से पहले के समय UTC+5:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
अमावस्या
अमावस्या सोम 12 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। सोम 12 जुलाई क्यों?
अमावस्या: Pāthardi में हर तारीख़12 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 12 जुलाई
- 04:31–05:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:57 से
- 05:57–07:37अमृत चौघड़िया
- 09:16–10:55शुभ चौघड़िया
- 12:34–13:00अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:32–17:31लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 17:31–19:10अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:10 के बाद
- 23:13–00:34 मंगललाभ चौघड़िया
- 01:55–03:16 मंगलशुभ चौघड़िया
-
02:13–03:58 मंगलअमृत कालपुनर्वसु में
- 03:16–04:37 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:31–05:15 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:57–07:37अमृतशुभ
- 07:37–09:16कालअशुभ
- 09:16–10:55शुभ
- 10:55–12:34रोगअशुभ
- 12:34–14:13उद्वेगअशुभ
- 14:13–15:52चरसामान्य
- 15:52–17:31लाभशुभ
- 17:31–19:10अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:10–20:31चरसामान्य
- 20:31–21:52रोगअशुभ
- 21:52–23:13कालअशुभ
- 23:13–00:34 मंगललाभशुभ
- 00:34–01:55 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:55–03:16 मंगलशुभ
- 03:16–04:37 मंगलअमृतशुभ
- 04:37–05:58 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 12 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:14, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:57–07:37
- काल, अशुभ, 07:37–09:16
- शुभ, 09:16–10:55
- रोग, अशुभ, 10:55–12:34
- उद्वेग, अशुभ, 12:34–14:13
- चर, सामान्य, 14:13–15:52
- लाभ, शुभ, 15:52–17:31
- अमृत, शुभ, 17:31–19:10
- चर, सामान्य, 19:10–20:31
- रोग, अशुभ, 20:31–21:52
- काल, अशुभ, 21:52–23:13
- लाभ, शुभ, 23:13–00:34 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:34–01:55 मंगल
- शुभ, 01:55–03:16 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:16–04:37 मंगल
- चर, सामान्य, 04:37–05:58 मंगल
- राहु काल, 07:37–09:16, अशुभ
- यमगण्ड, 10:55–12:34, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:07–13:00, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:00–13:53, अशुभ
- गुलिक काल, 14:13–15:52, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:39–16:32, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:15 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में अमावस्या सोम 12 जुलाई को क्यों है?
अमावस्या सोम 12 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या रवि 11 जुलाई को 13:15 से सोम 12 जुलाई को 15:00 तक है, इसलिए वह केवल सोम 12 जुलाई के सूर्योदय (05:57) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 12 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 355.8° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:57। चतुर्दशी उससे पहले 13:15 रवि पर समाप्त हुई। अमावस्या 15:00 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 27 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 12 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:31–05:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:31–05:14।
रवि 11 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:10 रवि से सूर्योदय 05:57 तक थी, 10 घं 47 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 12 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:07–13:00
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:07–13:00।
सोम 12 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:00–13:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:00–13:53 और 15:39–16:32।
सोम 12 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 15:39–16:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:00–13:53 और 15:39–16:32।
यहाँ दिन, 05:57 से 19:10, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:00–13:53 और 15:39–16:32।
सोम 12 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:57–07:37 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:57 से 19:10, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:10 से 05:58 मंगल, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 12 जुलाई को राहुकाल कब है? 07:37–09:16
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:37–09:16।
सोम 12 जुलाई को यमगंड कब है? 10:55–12:34
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:55–12:34।
सोम 12 जुलाई को गुलिक काल कब है? 14:13–15:52
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:13–15:52।
यहाँ दिन 05:57 से 19:10 तक है, 13 घं 13 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 12 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 19:10, 13 घं 13 मि का दिन।
सोम 12 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 19:10, 13 घं 13 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 13 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 13 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 12 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 81.7° पर था: पुनर्वसु, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 80° पर उसके पद 1 में आया। वह 04:50 मंगल को निकलेगा, पुष्य में।
सोम 12 जुलाई को कौन सा योग है? व्याघात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 167.6° थे: व्याघात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 85.9° + 81.7° = 167.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 16:27 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।
सोम 12 जुलाई को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 355.8° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 02:10 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 15:00 तक है।
सोम 12 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:57, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:57 से 05:58 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 12 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 13 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 12 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
सोम 12 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।
सोम 12 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 1972 · शक 1837
विक्रम संवत 1972 16 मार्च 1915 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 1915, 01:11 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 114.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1972 गिनता है; शक संवत 1837।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 12 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:20
चंद्रमा यहाँ 19:20 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 19:20 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।