Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 3 जून 1913
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
1970 से पहले के समय UTC+5:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि मंगल 3 जून को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। मंगल 3 जून क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Pāthardi में हर तारीख़3 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 3 जून
- 04:24–05:07ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:50 से
- 10:47–12:27लाभ चौघड़िया
- 12:00–12:27अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:27–14:06अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:45–17:24शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 19:03 के बाद
- 20:24–21:45लाभ चौघड़िया
- 23:06–23:22शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:05–00:27 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:27–01:47 बुधअमृत चौघड़िया
-
03:33–05:10 बुधअमृत कालकृत्तिका में
- 04:24–05:07 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:50–07:29रोगअशुभ
- 07:29–09:08उद्वेगअशुभ
- 09:08–10:47चरसामान्य
- 10:47–12:27लाभशुभ
- 12:27–14:06अमृतगुलिक काल में
- 14:06–15:45कालअशुभ
- 15:45–17:24शुभराहु काल में
- 17:24–19:03रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:03–20:24कालअशुभ
- 20:24–21:45लाभशुभ
- 21:45–23:06उद्वेगअशुभ
- 23:06–00:27 बुधशुभ
- 00:27–01:47 बुधअमृतशुभ
- 01:47–03:08 बुधचरसामान्य
- 03:08–04:29 बुधरोगअशुभ
- 04:29–05:50 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 3 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:07, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:50–07:29
- उद्वेग, अशुभ, 07:29–09:08
- चर, सामान्य, 09:08–10:47
- लाभ, शुभ, 10:47–12:27
- अमृत, शुभ, 12:27–14:06
- काल, अशुभ, 14:06–15:45
- शुभ, 15:45–17:24
- रोग, अशुभ, 17:24–19:03
- काल, अशुभ, 19:03–20:24
- लाभ, शुभ, 20:24–21:45
- उद्वेग, अशुभ, 21:45–23:06
- शुभ, 23:06–00:27 बुध
- अमृत, शुभ, 00:27–01:47 बुध
- चर, सामान्य, 01:47–03:08 बुध
- रोग, अशुभ, 03:08–04:29 बुध
- काल, अशुभ, 04:29–05:50 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:29–09:21, अशुभ
- यमगण्ड, 09:08–10:47, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:00–12:53, शुभ
- गुलिक काल, 12:27–14:06, अशुभ
- राहु काल, 15:45–17:24, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:22–00:05 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:07 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में मासिक शिवरात्रि मंगल 3 जून को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि मंगल 3 जून को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 3 जून को 02:38 से बुध 4 जून को 02:20 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (00:05 बुध–00:48 बुध) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 3 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 337.6° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:50। त्रयोदशी उससे पहले 02:38 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 02:20 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 20 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 3 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:24–05:07
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:24–05:07।
सोम 2 जून की रात सूर्यास्त 19:03 सोम से सूर्योदय 05:50 तक थी, 10 घं 47 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 3 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:00–12:53
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:00–12:53।
मंगल 3 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 08:29–09:21
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:29–09:21, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:22–00:05 बुध।
मंगल 3 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 23:22–00:05 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:29–09:21, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:22–00:05 बुध।
यहाँ दिन, 05:50 से 19:03, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:29–09:21 और 23:22–00:05 बुध।
मंगल 3 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:50–07:29 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:50 से 19:03, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:03 से 05:50 बुध, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 3 जून को राहुकाल कब है? 15:45–17:24
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:45–17:24।
मंगल 3 जून को यमगंड कब है? 09:08–10:47
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:08–10:47।
मंगल 3 जून को गुलिक काल कब है? 12:27–14:06
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:27–14:06।
यहाँ दिन 05:50 से 19:03 तक है, 13 घं 13 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 3 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 19:03, 13 घं 13 मि का दिन।
मंगल 3 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:03
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 19:03, 13 घं 13 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 13 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 13 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 3 जून को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 26.8° पर था: कृत्तिका, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 26°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 05:59 बुध को निकलेगा, रोहिणी में।
मंगल 3 जून को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 76° थे: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 49.2° + 26.8° = 76°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 12:49 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
मंगल 3 जून को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 337.6° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 14:34 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 02:20 बुध तक।
मंगल 3 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:50, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:50 से 05:50 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 3 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 6 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 5 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
मंगल 3 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
मंगल 3 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 1970 · शक 1835
विक्रम संवत 1970 6 अप्रैल 1913 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 1913, 23:17 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 55.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1970 गिनता है; शक संवत 1835।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 3 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:01 बुध
चंद्रमा यहाँ 05:01 बुध पर उदय होता है।
मंगल 3 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:47
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:47 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:01 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:47 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:01 बुध पर उदय होगा।