Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 23 दिसंबर 1908
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
1970 से पहले के समय UTC+5:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
अमावस्या
अमावस्या बुध 23 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 23 दिसंबर क्यों?
अमावस्या: Pāthardi में हर तारीख़23 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 23 दिसंबर
- 05:14–06:06ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:58 से
- 06:58–08:21लाभ चौघड़िया
- 08:21–09:43अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:05–12:28शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:35–17:57लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:57 के बाद
-
19:06–20:38अमृत कालमूल में
- 19:35–21:12शुभ चौघड़िया
- 21:12–22:50अमृत चौघड़िया
- 03:43–05:21 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:15–06:07 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:58–08:21लाभशुभ
- 08:21–09:43अमृतयमगण्ड में
- 09:43–11:05कालअशुभ
- 11:05–12:28शुभगुलिक काल में
- 12:28–13:50रोगअशुभ
- 13:50–15:12उद्वेगअशुभ
- 15:12–16:35चरसामान्य
- 16:35–17:57लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:57–19:35उद्वेगअशुभ
- 19:35–21:12शुभ
- 21:12–22:50अमृतशुभ
- 22:50–00:28 गुरुचरसामान्य
- 00:28–02:06 गुरुरोगअशुभ
- 02:06–03:43 गुरुकालअशुभ
- 03:43–05:21 गुरुलाभशुभ
- 05:21–06:59 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 23 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:14–06:06, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:58–08:21
- अमृत, शुभ, 08:21–09:43
- काल, अशुभ, 09:43–11:05
- शुभ, 11:05–12:28
- रोग, अशुभ, 12:28–13:50
- उद्वेग, अशुभ, 13:50–15:12
- चर, सामान्य, 15:12–16:35
- लाभ, शुभ, 16:35–17:57
- उद्वेग, अशुभ, 17:57–19:35
- शुभ, 19:35–21:12
- अमृत, शुभ, 21:12–22:50
- चर, सामान्य, 22:50–00:28 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:28–02:06 गुरु
- काल, अशुभ, 02:06–03:43 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:43–05:21 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:21–06:59 गुरु
- यमगण्ड, 08:21–09:43, अशुभ
- गुलिक काल, 11:05–12:28, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:06–12:50, अशुभ
- राहु काल, 12:28–13:50, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–06:07 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में अमावस्या बुध 23 दिसंबर को क्यों है?
अमावस्या बुध 23 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 22 दिसंबर को 19:01 से बुध 23 दिसंबर को 17:19 तक है, इसलिए वह केवल बुध 23 दिसंबर के सूर्योदय (06:58) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 23 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 354.4° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:58। चतुर्दशी उससे पहले 19:01 मंगल पर समाप्त हुई। अमावस्या 17:19 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 8 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 23 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:14–06:06
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:14–06:06।
मंगल 22 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:56 मंगल से सूर्योदय 06:58 तक थी, 13 घं 2 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 23 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:06–12:50
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:06–12:50।
यहाँ दिन, 06:58 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:06–12:50: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 23 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:58–08:21 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:58 से 17:57, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:57 से 06:59 गुरु, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 23 दिसंबर को राहुकाल कब है? 12:28–13:50
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:28–13:50।
बुध 23 दिसंबर को यमगंड कब है? 08:21–09:43
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:21–09:43।
बुध 23 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 11:05–12:28
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:05–12:28।
यहाँ दिन 06:58 से 17:57 तक है, 10 घं 59 मि। इसे 1 घं 22 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 23 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:58, सूर्यास्त 17:57, 10 घं 59 मि का दिन।
बुध 23 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:58, सूर्यास्त 17:57, 10 घं 59 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 23 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 242.7° पर था: मूल, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 240° पर उसके पद 1 में आया। वह 01:11 गुरु को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
बुध 23 दिसंबर को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 491° थे, एक चक्कर और 131°: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 248.3° + 242.7° = 491°, एक पूरा चक्कर और 131°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 10:49 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
बुध 23 दिसंबर को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 354.4° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 06:14 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 17:19 तक है।
बुध 23 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:58, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:58 से 06:59 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 23 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 24 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 23 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
बुध 23 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।
बुध 23 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1965 · शक 1830
विक्रम संवत 1965 1 अप्रैल 1908 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 1908, 10:32 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 259.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1965 गिनता है; शक संवत 1830।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 23 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:53
चंद्रमा यहाँ 17:53 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 17:53 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।