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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग गुरु 14 मई 1908

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

1970 से पहले के समय UTC+5:30 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:27 05:54 18:56अगला सूर्योदय 05:54 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:54–07:32शुभयमगण्ड में
  • 07:32–09:10रोगअशुभ
  • 09:10–10:47उद्वेगअशुभ
  • 10:47–12:25चरसामान्य
  • 12:25–14:03लाभशुभ
  • 14:03–15:40अमृतराहु काल में
  • 15:40–17:18कालअशुभ
  • 17:18–18:56शुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:56–20:18अमृतशुभ
  • 20:18–21:40चरसामान्य
  • 21:40–23:02रोगअशुभ
  • 23:02–00:25 शुक्रकालअशुभ
  • 00:25–01:47 शुक्रलाभशुभ
  • 01:47–03:09 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:09–04:32 शुक्रशुभ
  • 04:32–05:54 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 14 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:27–05:10, शुभ
  • शुभ, 05:54–07:32
  • रोग, अशुभ, 07:32–09:10
  • उद्वेग, अशुभ, 09:10–10:47
  • चर, सामान्य, 10:47–12:25
  • लाभ, शुभ, 12:25–14:03
  • अमृत, शुभ, 14:03–15:40
  • काल, अशुभ, 15:40–17:18
  • शुभ, 17:18–18:56
  • अमृत, शुभ, 18:56–20:18
  • चर, सामान्य, 20:18–21:40
  • रोग, अशुभ, 21:40–23:02
  • काल, अशुभ, 23:02–00:25 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:25–01:47 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:47–03:09 शुक्र
  • शुभ, 03:09–04:32 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:32–05:54 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:54–07:32, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:10–10:47, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:15–11:07, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:59–12:51, शुभ
  • राहु काल, 14:03–15:40, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:27–16:19, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:10 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 14 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 152.9° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 152.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 152.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:54। द्वादशी उससे पहले 12:01 बुध पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 11:57 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 30 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

गुरु 14 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:27–05:10

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:27–05:10।

सूर्यास्त 18:55 बुध सूर्योदय 05:54 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 13 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:55 बुध सूर्योदय 05:54 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 13 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 13 मई की रात सूर्यास्त 18:55 बुध से सूर्योदय 05:54 तक थी, 10 घं 59 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 14 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:59–12:51

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:59–12:51।

गुरु 14 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 10:15–11:07

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:15–11:07 और 15:27–16:19।

गुरु 14 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 15:27–16:19

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:15–11:07 और 15:27–16:19।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 05:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 05:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:54 से 18:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:15–11:07 और 15:27–16:19।

गुरु 14 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:54–07:32 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 05:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 05:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:54 से 18:56, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:56 से 05:54 शुक्र, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 14 मई को राहुकाल कब है? 14:03–15:40

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:03–15:40।

गुरु 14 मई को यमगंड कब है? 05:54–07:32

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:54–07:32।

गुरु 14 मई को गुलिक काल कब है? 09:10–10:47

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:10–10:47।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 05:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 05:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:54 से 18:56 तक है, 13 घं 2 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 14 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:56, 13 घं 2 मि का दिन।

गुरु 14 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:56

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:56, 13 घं 2 मि का दिन।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 05:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:15 शुक्र चंद्रोदय 17:19
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 05:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:15 शुक्र चंद्रोदय 17:19
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 14 मई को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 183.2° पर था: चित्रा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 183.2° अगला: स्वाती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 183.2° अगला: स्वाती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 180° पर उसके पद 3 में आया। वह 12:18 को निकलेगा, स्वाती में।

गुरु 14 मई को कौन सा योग है? व्यतीपात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 213.4° थे: व्यतीपात।

सूर्य 30.2° + चंद्रमा 183.2° = 213.4° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 30.2° + चंद्रमा 183.2° = 213.4° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 30.2° + 183.2° = 213.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 04:20 शुक्र को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।

गुरु 14 मई को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 152.9° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 152.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° तैतिल 150°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 152.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° तैतिल 150°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 00:04 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 150° हुई; तैतिल 11:57 तक है।

गुरु 14 मई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:54, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 05:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 05:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:54 से 05:54 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 14 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 30 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 30 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

गुरु 14 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।

अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल गुरु 14 मई पूर्णिमा 16 अप्रैल अमावस्या 30 अप्रैल पूर्णिमा 16 मई अमावस्या 30 मई
अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल गुरु 14 मई पूर्णिमा 16 अप्रैल अमावस्या 30 अप्रैल पूर्णिमा 16 मई अमावस्या 30 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।

गुरु 14 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 1965 · शक 1830

विक्रम संवत 1965 1 अप्रैल 1908 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1908 10:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 14 मई सूर्य 30.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1908 10:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 14 मई सूर्य 30.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 1908, 10:32 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 41.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1965 गिनता है; शक संवत 1830।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 14 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:19

चंद्रमा यहाँ 17:19 पर उदय होता है।

गुरु 14 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:15 शुक्र

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 05:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:15 शुक्र चंद्रोदय 17:19
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 05:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:15 शुक्र चंद्रोदय 17:19
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:19 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:15 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:19 पर उदय हुआ; वह फिर 05:15 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।