Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 6 मार्च 1907
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
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6 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 6 मार्च
- 05:08–05:57ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:46 से
- 06:46–08:14लाभ चौघड़िया
- 08:14–09:43अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:12–12:41शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:07–18:36लाभ चौघड़िया
-
17:25–18:56अमृत कालअनुराधा में
- सूर्यास्त 18:36 के बाद
- 20:07–21:38शुभ चौघड़िया
- 21:38–23:09अमृत चौघड़िया
- 03:42–05:14 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:08–05:56 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:46–08:14लाभशुभ
- 08:14–09:43अमृतयमगण्ड में
- 09:43–11:12कालअशुभ
- 11:12–12:41शुभगुलिक काल में
- 12:41–14:09रोगअशुभ
- 14:09–15:38उद्वेगअशुभ
- 15:38–17:07चरसामान्य
- 17:07–18:36लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:36–20:07उद्वेगअशुभ
- 20:07–21:38शुभ
- 21:38–23:09अमृतशुभ
- 23:09–00:40 गुरुचरसामान्य
- 00:40–02:11 गुरुरोगअशुभ
- 02:11–03:42 गुरुकालअशुभ
- 03:42–05:14 गुरुलाभशुभ
- 05:14–06:45 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 6 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:08–05:57, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:46–08:14
- अमृत, शुभ, 08:14–09:43
- काल, अशुभ, 09:43–11:12
- शुभ, 11:12–12:41
- रोग, अशुभ, 12:41–14:09
- उद्वेग, अशुभ, 14:09–15:38
- चर, सामान्य, 15:38–17:07
- लाभ, शुभ, 17:07–18:36
- उद्वेग, अशुभ, 18:36–20:07
- शुभ, 20:07–21:38
- अमृत, शुभ, 21:38–23:09
- चर, सामान्य, 23:09–00:40 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:40–02:11 गुरु
- काल, अशुभ, 02:11–03:42 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:42–05:14 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:14–06:45 गुरु
- यमगण्ड, 08:14–09:43, अशुभ
- गुलिक काल, 11:12–12:41, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:17–13:04, अशुभ
- राहु काल, 12:41–14:09, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:08–05:56 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 6 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 252.9° आगे था: कृष्ण सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:46। षष्ठी उससे पहले 05:10 पर समाप्त हुई। सप्तमी 03:12 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 28 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 6 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:08–05:57
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:08–05:57।
मंगल 5 मार्च की रात सूर्यास्त 18:35 मंगल से सूर्योदय 06:46 तक थी, 12 घं 11 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 6 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 12:17–13:04
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:17–13:04।
यहाँ दिन, 06:46 से 18:36, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:17–13:04: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 6 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:46–08:14 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:46 से 18:36, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:36 से 06:45 गुरु, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 6 मार्च को राहुकाल कब है? 12:41–14:09
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:41–14:09।
बुध 6 मार्च को यमगंड कब है? 08:14–09:43
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:14–09:43।
बुध 6 मार्च को गुलिक काल कब है? 11:12–12:41
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:12–12:41।
यहाँ दिन 06:46 से 18:36 तक है, 11 घं 50 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 6 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:46
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 18:36, 11 घं 50 मि का दिन।
बुध 6 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 18:36, 11 घं 50 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 6 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 214.6° पर था: अनुराधा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 213°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:17 गुरु को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
बुध 6 मार्च को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 536.4° थे, एक चक्कर और 176.4°: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 321.8° + 214.6° = 536.4°, एक पूरा चक्कर और 176.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 23:07 को समाप्त होता है, फिर वज्र।
बुध 6 मार्च को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 252.9° थी: सप्तमी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 16:12 तक है, जब बढ़त 258° होगी; बव 03:12 गुरु तक।
बुध 6 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:46, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:46 से 06:45 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 6 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन (अधिक)
12 फ़रवरी और 14 मार्च की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक फाल्गुन।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 12 फ़रवरी 23:12 मंगल से 14 मार्च 11:34 गुरु तक सूर्य कुंभ में रहा; मीन में वह अमावस्या के बाद 14 मार्च 12:29 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक फाल्गुन है, जो फाल्गुन से पहले आता है।
बुध 6 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन (अधिक) है, और अमान्त गणना में फाल्गुन (अधिक)।
बुध 6 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 1963 · शक 1828
विक्रम संवत 1963 25 मार्च 1906 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1906, 05:21 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 340.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1963 गिनता है; शक संवत 1828।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 6 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:27 गुरु
चंद्रमा यहाँ 00:27 गुरु पर उदय होता है।
बुध 6 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:09
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:09 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:27 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:09 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:27 गुरु पर उदय होगा।