Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 15 अक्टूबर 1902
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MMT में
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15 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 15 अक्टूबर
- 04:36–05:25ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:14 से
- 06:14–07:42लाभ चौघड़िया
- 07:42–09:10अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:38–12:06शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:30–17:58लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:58 के बाद
- 19:30–21:02शुभ चौघड़िया
- 21:02–22:34अमृत चौघड़िया
- 03:10–04:42 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:36–05:25 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:14–07:42लाभशुभ
- 07:42–09:10अमृतयमगण्ड में
- 09:10–10:38कालअशुभ
- 10:38–12:06शुभगुलिक काल में
- 12:06–13:34रोगअशुभ
- 13:34–15:02उद्वेगअशुभ
- 15:02–16:30चरसामान्य
- 16:30–17:58लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:58–19:30उद्वेगअशुभ
- 19:30–21:02शुभ
- 21:02–22:34अमृतशुभ
- 22:34–00:06 गुरुचरसामान्य
- 00:06–01:38 गुरुरोगअशुभ
- 01:38–03:10 गुरुकालअशुभ
- 03:10–04:42 गुरुलाभशुभ
- 04:42–06:14 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 15 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:25, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:14–07:42
- अमृत, शुभ, 07:42–09:10
- काल, अशुभ, 09:10–10:38
- शुभ, 10:38–12:06
- रोग, अशुभ, 12:06–13:34
- उद्वेग, अशुभ, 13:34–15:02
- चर, सामान्य, 15:02–16:30
- लाभ, शुभ, 16:30–17:58
- उद्वेग, अशुभ, 17:58–19:30
- शुभ, 19:30–21:02
- अमृत, शुभ, 21:02–22:34
- चर, सामान्य, 22:34–00:06 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:06–01:38 गुरु
- काल, अशुभ, 01:38–03:10 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:10–04:42 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:42–06:14 गुरु
- यमगण्ड, 07:42–09:10, अशुभ
- गुलिक काल, 10:38–12:06, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:42–12:29, अशुभ
- राहु काल, 12:06–13:34, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:25 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 15 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 151.6° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:14। द्वादशी उससे पहले 15:30 मंगल पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 14:43 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 1 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 15 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:36–05:25
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:36–05:25।
मंगल 14 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:59 मंगल से सूर्योदय 06:14 तक थी, 12 घं 15 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 15 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:42–12:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:42–12:29।
यहाँ दिन, 06:14 से 17:58, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:42–12:29: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 15 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:14–07:42 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:14 से 17:58, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:58 से 06:14 गुरु, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 15 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 12:06–13:34
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:06–13:34।
बुध 15 अक्टूबर को यमगंड कब है? 07:42–09:10
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:42–09:10।
बुध 15 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 10:38–12:06
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:38–12:06।
यहाँ दिन 06:14 से 17:58 तक है, 11 घं 44 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 15 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:14
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 17:58, 11 घं 44 मि का दिन।
बुध 15 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 17:58, 11 घं 44 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 15 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 329.8° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 326°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 12:30 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
बुध 15 अक्टूबर को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 508° थे, एक चक्कर और 148°: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 178.2° + 329.8° = 508°, एक पूरा चक्कर और 148°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 01:54 गुरु को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
बुध 15 अक्टूबर को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 151.6° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 03:11 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 150° हुई; तैतिल 14:43 तक है।
बुध 15 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:14, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:14 से 06:14 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 15 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 1 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 31 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
बुध 15 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।
बुध 15 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1959 · शक 1824
विक्रम संवत 1959 8 अप्रैल 1902 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 1902, 19:11 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 182.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1959 गिनता है; शक संवत 1824।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 15 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:36
चंद्रमा यहाँ 16:36 पर उदय होता है।
बुध 15 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:07 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:36 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:07 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:36 पर उदय हुआ; वह फिर 05:07 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।