Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग गुरु 24 मई 1900
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MMT में
1970 से पहले के समय UTC+5:21:10 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
अपरा एकादशी
स्मार्त परंपरा में अपरा एकादशी गुरु 24 मई को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 25 मई को व्रत रखते हैं। गुरु 24 मई क्यों?
अपरा एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़24 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 24 मई
- 04:15–04:59ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:42 से
- 05:42–07:21शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:50–12:43अभिजीत मुहूर्त
- 12:17–13:55लाभ चौघड़िया
- 13:55–15:34अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:12–18:51शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:51 के बाद
- 18:51–20:12अमृत चौघड़िया
- 00:16–01:38 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:59–04:21 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:21–05:42 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:15–04:59 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:42–07:21शुभयमगण्ड में
- 07:21–08:59रोगअशुभ
- 08:59–10:38उद्वेगअशुभ
- 10:38–12:17चरसामान्य
- 12:17–13:55लाभशुभ
- 13:55–15:34अमृतराहु काल में
- 15:34–17:12कालअशुभ
- 17:12–18:51शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:51–20:12अमृतशुभ
- 20:12–21:34चरसामान्य
- 21:34–22:55रोगअशुभ
- 22:55–00:16 शुक्रकालअशुभ
- 00:16–01:38 शुक्रलाभशुभ
- 01:38–02:59 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:59–04:21 शुक्रशुभ
- 04:21–05:42 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 24 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:15–04:59, शुभ
- शुभ, 05:42–07:21
- रोग, अशुभ, 07:21–08:59
- उद्वेग, अशुभ, 08:59–10:38
- चर, सामान्य, 10:38–12:17
- लाभ, शुभ, 12:17–13:55
- अमृत, शुभ, 13:55–15:34
- काल, अशुभ, 15:34–17:12
- शुभ, 17:12–18:51
- अमृत, शुभ, 18:51–20:12
- चर, सामान्य, 20:12–21:34
- रोग, अशुभ, 21:34–22:55
- काल, अशुभ, 22:55–00:16 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:16–01:38 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:38–02:59 शुक्र
- शुभ, 02:59–04:21 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:21–05:42 शुक्र
- यमगण्ड, 05:42–07:21, अशुभ
- गुलिक काल, 08:59–10:38, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:05–10:58, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:50–12:43, शुभ
- राहु काल, 13:55–15:34, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:20–16:13, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:15–04:59 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में अपरा एकादशी गुरु 24 मई को क्यों है?
स्मार्त परंपरा में अपरा एकादशी गुरु 24 मई को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 25 मई को व्रत रखते हैं।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह गुरु 24 मई को 07:47 पर, उस सूर्योदय (05:42) के बाद, लगती है और शुक्र 25 मई को 05:11 पर, अगले सूर्योदय (05:42 शुक्र) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: गुरु 24 मई।
गुरु 24 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 298.8° आगे था: कृष्ण दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:42। नवमी उससे पहले 10:20 बुध पर समाप्त हुई। दशमी 07:47 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 14 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
एकादशी क्षय क्यों है?
एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 07:47 को शुरू हुई और 05:11 शुक्र को समाप्त, 05:42 और 05:42 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को दशमी है और शुक्रवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।
गुरु 24 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:15–04:59
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:15–04:59।
बुध 23 मई की रात सूर्यास्त 18:50 बुध से सूर्योदय 05:42 तक थी, 10 घं 52 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 24 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:50–12:43
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:50–12:43।
गुरु 24 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 10:05–10:58
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:05–10:58 और 15:20–16:13।
गुरु 24 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 15:20–16:13
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:05–10:58 और 15:20–16:13।
यहाँ दिन, 05:42 से 18:51, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:05–10:58 और 15:20–16:13।
गुरु 24 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:42–07:21 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:42 से 18:51, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:51 से 05:42 शुक्र, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 24 मई को राहुकाल कब है? 13:55–15:34
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:55–15:34।
गुरु 24 मई को यमगंड कब है? 05:42–07:21
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:42–07:21।
गुरु 24 मई को गुलिक काल कब है? 08:59–10:38
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:59–10:38।
यहाँ दिन 05:42 से 18:51 तक है, 13 घं 9 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 24 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:51, 13 घं 9 मि का दिन।
गुरु 24 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:51
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:51, 13 घं 9 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 24 मई को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 338.7° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 336°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 18:55 को निकलेगा, रेवती में।
गुरु 24 मई को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 378.6° थे, एक चक्कर और 18.6°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 39.9° + 338.7° = 378.6°, एक पूरा चक्कर और 18.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 18:16 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
गुरु 24 मई को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 298.8° थी: दशमी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 21:04 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 294° हुई; विष्टि 07:47 तक है।
गुरु 24 मई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:42, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:42 से 05:42 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 24 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 29 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 13 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 28 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
गुरु 24 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
गुरु 24 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 1957 · शक 1822
विक्रम संवत 1957 31 मार्च 1900 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 31 मार्च 1900, 01:51 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 52.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1957 गिनता है; शक संवत 1822।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 24 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:43 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 02:43 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 24 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:39
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:39 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:43 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:39 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:43 शुक्र पर उदय होगा।