Olean, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका का पंचांग गुरु 25 अगस्त 2033
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EDT में
25 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 25 अगस्त
- 05:07–05:50ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:32 से
- 06:32–08:12शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:48–13:42अभिजीत मुहूर्त
- 13:15–14:55लाभ चौघड़िया
- 14:55–16:36अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 18:17–19:58शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:58 के बाद
- 19:58–21:17अमृत चौघड़िया
-
00:18–02:04 शुक्रअमृत कालपूर्वाफाल्गुनी में
- 01:15–02:35 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:54–05:13 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:13–06:33 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:08–05:50 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:32–08:12शुभयमगण्ड में
- 08:12–09:53रोगअशुभ
- 09:53–11:34उद्वेगअशुभ
- 11:34–13:15चरसामान्य
- 13:15–14:55लाभशुभ
- 14:55–16:36अमृतराहु काल में
- 16:36–18:17कालअशुभ
- 18:17–19:58शुभ
रात का चौघड़िया
- 19:58–21:17अमृतशुभ
- 21:17–22:36चरसामान्य
- 22:36–23:56रोगअशुभ
- 23:56–01:15 शुक्रकालअशुभ
- 01:15–02:35 शुक्रलाभशुभ
- 02:35–03:54 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:54–05:13 शुक्रशुभ
- 05:13–06:33 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 25 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 05:07–05:50, शुभ
- शुभ, 06:32–08:12
- रोग, अशुभ, 08:12–09:53
- उद्वेग, अशुभ, 09:53–11:34
- चर, सामान्य, 11:34–13:15
- लाभ, शुभ, 13:15–14:55
- अमृत, शुभ, 14:55–16:36
- काल, अशुभ, 16:36–18:17
- शुभ, 18:17–19:58
- अमृत, शुभ, 19:58–21:17
- चर, सामान्य, 21:17–22:36
- रोग, अशुभ, 22:36–23:56
- काल, अशुभ, 23:56–01:15 शुक्र
- लाभ, शुभ, 01:15–02:35 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:35–03:54 शुक्र
- शुभ, 03:54–05:13 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:13–06:33 शुक्र
- यमगण्ड, 06:32–08:12, अशुभ
- गुलिक काल, 09:53–11:34, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:00–11:54, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:48–13:42, शुभ
- राहु काल, 14:55–16:36, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:23–17:17, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:08–05:50 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 25 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 5.9° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:32। अमावस्या उससे पहले 17:39 बुध पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 19:32 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 24 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
गुरु 25 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:07–05:50
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:07–05:50।
बुध 24 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:59 बुध से सूर्योदय 06:32 तक थी, 10 घं 33 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 25 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:48–13:42
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:48–13:42।
गुरु 25 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 11:00–11:54
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:00–11:54 और 16:23–17:17।
गुरु 25 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 16:23–17:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:00–11:54 और 16:23–17:17।
यहाँ दिन, 06:32 से 19:58, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:00–11:54 और 16:23–17:17।
गुरु 25 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:32–08:12 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:32 से 19:58, 1 घं 40 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:58 से 06:33 शुक्र, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 25 अगस्त को राहुकाल कब है? 14:55–16:36
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:55–16:36।
गुरु 25 अगस्त को यमगंड कब है? 06:32–08:12
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:32–08:12।
गुरु 25 अगस्त को गुलिक काल कब है? 09:53–11:34
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:53–11:34।
यहाँ दिन 06:32 से 19:58 तक है, 13 घं 26 मि। इसे 1 घं 40 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 25 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 19:58, 13 घं 26 मि का दिन।
गुरु 25 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 19:58, 13 घं 26 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 25 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 134.2° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 133°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 07:24 शुक्र को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
गुरु 25 अगस्त को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 262.4° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 128.2° + 134.2° = 262.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 14:19 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
गुरु 25 अगस्त को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न
सूर्योदय पर बढ़त 5.9° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 06:32 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 19:32 तक।
गुरु 25 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:32, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:32 से 06:33 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 25 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 24 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 23 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
गुरु 25 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
गुरु 25 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955
विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 13:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 142.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 25 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:15
चंद्रमा यहाँ 07:15 पर उदय होता है।
गुरु 25 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:10
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:15 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:10 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:15 पर उदय हुआ; वह फिर 20:10 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।