tithika
English

Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग सोम 23 अगस्त 2032

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 17:46 तक

फिर चतुर्थी · 14:56 मंगल तक

त्योहार

कजरी तीज

कजरी तीज सोम 23 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर तृतीया है। सोम 23 अगस्त क्यों?

कजरी तीज: Myshkin में हर तारीख़

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
20:11

संकष्टी चतुर्थी सोम 23 अगस्त को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। सोम 23 अगस्त क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Myshkin में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:53 05:07 19:47अगला सूर्योदय 05:10 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:07–06:57अमृतशुभ
  • 06:57–08:47कालअशुभ
  • 08:47–10:37शुभ
  • 10:37–12:27रोगअशुभ
  • 12:27–14:17उद्वेगअशुभ
  • 14:17–16:07चरसामान्य
  • 16:07–17:57लाभशुभ
  • 17:57–19:47अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:47–20:57चरसामान्य
  • 20:57–22:08रोगअशुभ
  • 22:08–23:18कालअशुभ
  • 23:18–00:28 मंगललाभशुभ
  • 00:28–01:39 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:39–02:49 मंगलशुभ
  • 02:49–03:59 मंगलअमृतशुभ
  • 03:59–05:10 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 23 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 03:53–04:30, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:07–06:57
  • काल, अशुभ, 06:57–08:47
  • शुभ, 08:47–10:37
  • रोग, अशुभ, 10:37–12:27
  • उद्वेग, अशुभ, 12:27–14:17
  • चर, सामान्य, 14:17–16:07
  • लाभ, शुभ, 16:07–17:57
  • अमृत, शुभ, 17:57–19:47
  • चर, सामान्य, 19:47–20:57
  • रोग, अशुभ, 20:57–22:08
  • काल, अशुभ, 22:08–23:18
  • लाभ, शुभ, 23:18–00:28 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:28–01:39 मंगल
  • शुभ, 01:39–02:49 मंगल
  • अमृत, शुभ, 02:49–03:59 मंगल
  • चर, सामान्य, 03:59–05:10 मंगल
  • राहु काल, 06:57–08:47, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:37–12:27, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:58–12:57, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:57–13:55, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:17–16:07, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:53–16:51, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:55–04:32 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Myshkin में कजरी तीज सोम 23 अगस्त को क्यों है?

कजरी तीज सोम 23 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर तृतीया है।

तृतीया 04:00 05:00 06:00 07:00 सोम 23 अगस्त स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:07
तृतीया 04:00 05:00 06:00 07:00 सोम 23 अगस्त स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:07
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

कजरी तीज सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। तृतीया रवि 22 अगस्त को 21:08 से सोम 23 अगस्त को 17:46 तक है, इसलिए वह केवल सोम 23 अगस्त के सूर्योदय (05:07) पर है। कजरी तीज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

कजरी तीज: Myshkin में हर तारीख़

Myshkin में संकष्टी चतुर्थी सोम 23 अगस्त को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी सोम 23 अगस्त को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

चतुर्थी 19:00 20:00 21:00 22:00 सोम 23 अगस्त स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 20:11
चतुर्थी 19:00 20:00 21:00 22:00 सोम 23 अगस्त स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 20:11
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी सोम 23 अगस्त को 17:46 से मंगल 24 अगस्त को 14:56 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल सोम 23 अगस्त को है, 20:11 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Myshkin में हर तारीख़

सोम 23 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 208.7° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 208.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 208.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:07। द्वितीया उससे पहले 21:08 रवि पर समाप्त हुई। तृतीया 17:46 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 21 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 23 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:53–04:30

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:53–04:30।

सूर्यास्त 19:50 रवि सूर्योदय 05:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 22 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:50 रवि सूर्योदय 05:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 22 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 22 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:50 रवि से सूर्योदय 05:07 तक थी, 9 घं 17 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 23 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:58–12:57

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:58–12:57।

सोम 23 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:57–13:55

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:57–13:55 और 15:53–16:51।

सोम 23 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 15:53–16:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:57–13:55 और 15:53–16:51।

सूर्योदय 05:07 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 05:10 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:07 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 05:10 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:07 से 19:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:57–13:55 और 15:53–16:51।

सोम 23 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:07–06:57 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:07 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 05:10 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:07 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 05:10 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:07 से 19:47, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:47 से 05:10 मंगल, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 23 अगस्त को राहुकाल कब है? 06:57–08:47

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:57–08:47।

सोम 23 अगस्त को यमगंड कब है? 10:37–12:27

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:37–12:27।

सोम 23 अगस्त को गुलिक काल कब है? 14:17–16:07

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:17–16:07।

सूर्योदय 05:07 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 05:10 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:07 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 05:10 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:07 से 19:47 तक है, 14 घं 40 मि। इसे 1 घं 50 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 23 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:07, सूर्यास्त 19:47, 14 घं 40 मि का दिन।

सोम 23 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:47

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:07, सूर्यास्त 19:47, 14 घं 40 मि का दिन।

सूर्योदय 05:07 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 05:10 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:35 चंद्रोदय 20:11
सूर्योदय 05:07 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 05:10 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:35 चंद्रोदय 20:11
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 23 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 334.9° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 334.9° अगला: रेवती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 334.9° अगला: रेवती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 333°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 00:14 मंगल को निकलेगा, रेवती में।

सोम 23 अगस्त को कौन सा योग है? धृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 461.1° थे, एक चक्कर और 101.1°: धृति।

सूर्य 126.2° + चंद्रमा 334.9° = 461.1° एक चक्कर + 101.1° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 126.2° + चंद्रमा 334.9° = 461.1° एक चक्कर + 101.1° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 126.2° + 334.9° = 461.1°, एक पूरा चक्कर और 101.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 13:35 को समाप्त होता है, फिर शूल।

सोम 23 अगस्त को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 208.7° थी: तृतीया का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 208.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° वणिज 204°–210° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 208.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° वणिज 204°–210° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 07:24 तक है, जब बढ़त 210° होगी; विष्टि 17:46 तक।

सोम 23 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:07, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:07 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 05:10 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:07 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 05:10 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:07 से 05:10 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 23 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 6 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 4 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

सोम 23 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल सोम 23 अगस्त अमावस्या 6 अग॰ पूर्णिमा 21 अग॰ अमावस्या 4 सित॰ पूर्णिमा 19 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल सोम 23 अगस्त अमावस्या 6 अग॰ पूर्णिमा 21 अग॰ अमावस्या 4 सित॰ पूर्णिमा 19 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

सोम 23 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2089 · शक 1954

विक्रम संवत 2089 10 अप्रैल 2032 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 10 अप्रैल 2032 05:39 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 23 अगस्त सूर्य 126.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 10 अप्रैल 2032 05:39 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 23 अगस्त सूर्य 126.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2032, 05:39 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 129.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2089 गिनता है; शक संवत 1954।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 23 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:11

चंद्रमा यहाँ 20:11 पर उदय होता है।

सोम 23 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:35

सूर्योदय 05:07 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 05:10 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:35 चंद्रोदय 20:11
सूर्योदय 05:07 सूर्यास्त 19:47 सूर्योदय 05:10 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:35 चंद्रोदय 20:11
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:35 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:11 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:35 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:11 पर उदय होगा।