Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग रवि 10 अक्टूबर 2027
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में
10 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 10 अक्टूबर
- 05:03–05:56ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:48 से
- 09:30–10:51लाभ चौघड़िया
- 10:51–12:12अमृत चौघड़िया
- 11:50–12:12अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:33–14:54शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:36 के बाद
- 17:36–19:15शुभ चौघड़िया
- 19:15–20:55अमृत चौघड़िया
- 01:52–03:32 सोमलाभ चौघड़िया
-
02:11–03:59 सोमअमृत कालधनिष्ठा में
- 05:11–06:50 सोमशुभ चौघड़िया
- 05:04–05:57 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:48–08:09उद्वेगअशुभ
- 08:09–09:30चरसामान्य
- 09:30–10:51लाभशुभ
- 10:51–12:12अमृतशुभ
- 12:12–13:33कालअशुभ
- 13:33–14:54शुभ
- 14:54–16:15रोगअशुभ
- 16:15–17:36उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:36–19:15शुभ
- 19:15–20:55अमृतशुभ
- 20:55–22:34चरसामान्य
- 22:34–00:13 सोमरोगअशुभ
- 00:13–01:52 सोमकालअशुभ
- 01:52–03:32 सोमलाभशुभ
- 03:32–05:11 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:11–06:50 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 10 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:03–05:56, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:48–08:09
- चर, सामान्य, 08:09–09:30
- लाभ, शुभ, 09:30–10:51
- अमृत, शुभ, 10:51–12:12
- काल, अशुभ, 12:12–13:33
- शुभ, 13:33–14:54
- रोग, अशुभ, 14:54–16:15
- उद्वेग, अशुभ, 16:15–17:36
- शुभ, 17:36–19:15
- अमृत, शुभ, 19:15–20:55
- चर, सामान्य, 20:55–22:34
- रोग, अशुभ, 22:34–00:13 सोम
- काल, अशुभ, 00:13–01:52 सोम
- लाभ, शुभ, 01:52–03:32 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:32–05:11 सोम
- शुभ, 05:11–06:50 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:50–12:34, शुभ
- यमगण्ड, 12:12–13:33, अशुभ
- गुलिक काल, 14:54–16:15, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:10–16:53, अशुभ
- राहु काल, 16:15–17:36, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:04–05:57 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 10 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 118.9° आगे था: शुक्ल दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:48। नवमी उससे पहले 06:32 शनि पर समाप्त हुई। दशमी 09:11 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 30 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
दशमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
दशमी यहाँ शनि 9 और रवि 10 अक्टूबर दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। दशमी 06:32 शनि को, सूर्योदय 06:46 शनि से पहले, शुरू हुई और 09:11 को, अगले सूर्योदय 06:48 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन दशमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
रवि 10 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:03–05:56
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:03–05:56।
शनि 9 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:39 शनि से सूर्योदय 06:48 तक थी, 13 घं 9 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 10 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:50–12:34
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:50–12:34।
रवि 10 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:10–16:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:10–16:53।
यहाँ दिन, 06:48 से 17:36, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:10–16:53।
रवि 10 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:48–08:09 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:48 से 17:36, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:36 से 06:50 सोम, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 10 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 16:15–17:36
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:15–17:36।
रवि 10 अक्टूबर को यमगंड कब है? 12:12–13:33
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:12–13:33।
रवि 10 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 14:54–16:15
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:54–16:15।
यहाँ दिन 06:48 से 17:36 तक है, 10 घं 48 मि। इसे 1 घं 21 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 10 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:48
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:48, सूर्यास्त 17:36, 10 घं 48 मि का दिन।
रवि 10 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:48, सूर्यास्त 17:36, 10 घं 48 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 10 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 291.3° पर था: श्रवण, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 290° पर उसके पद 4 में आया। वह 10:55 को निकलेगा, धनिष्ठा में।
रवि 10 अक्टूबर को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 463.7° थे, एक चक्कर और 103.7°: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 172.4° + 291.3° = 463.7°, एक पूरा चक्कर और 103.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 12:24 को समाप्त होता है, फिर शूल।
रवि 10 अक्टूबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 118.9° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 19:52 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 09:11 तक है।
रवि 10 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:48, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:48 से 06:50 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 10 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 30 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 29 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
रवि 10 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।
रवि 10 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949
विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 02:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 179.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 10 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:12
चंद्रमा यहाँ 16:12 पर उदय होता है।
रवि 10 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:36 सोम
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:12 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:36 सोम पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:12 पर उदय हुआ; वह फिर 01:36 सोम पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।